2009 से अब तक 73 बच्चों का चयन
साल 2009 से अबतक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में स्कूल के 73 बच्चों का चयन हो चुका है। इसके पीछे मुख्य वजह स्कूल के शिक्षकों द्वारा पाठ्यक्रम के अलावा वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर फोकस और बच्चों की मनन क्षमता को विकसित करना है। सिर्फ जवाहर उत्कर्ष योजना की बात करें तो इस स्कूल से 2015 में 3, 2016 में 3, 2017 में 5, 2018 में 5, 2019 में पांच और इस बार कुल 6 बच्चों का चयन हुआ है।