निगम ने ऑडिटोरियम का कनेक्शन स्थाई कराना तो दूर बिल तक नहीं भरा
नगर निगम ने ऑडिटोरियम का विद्युत कनेक्शन स्थाई कराना तो दूर बकाए बिल का भी भुगतान नहीं किया। केआईटी कॉलेज प्रबंधन ने भी नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद से बिल का भुगतान नहीं किया है। विभाग ने दोनों बकायादारों को नोटिस भेजकर बिल भरने के लिए कहा पर दोनों ने इस पर ध्यान नहीं दिय। ऐसे में कंपनी से स्थानीय अफसरों पर भी बकाया राजस्व वसूल करने दबाव बढ़ता गया तो शुक्रवार को दोनों के कनेक्शन काट दिए गए।
विभाग अब बकाया भुगतान होने के बाद ही कनेक्शन जोड़ने की बात कह रहा है। ऑडिटोरियम पर पौने तीन लाख रुपए और केआईटी की नई बिल्डिंग पर 25 लाख रुपए का बिल बकाया है। विभाग ने इन दोनों सरकारी विभागों के अलावा शहर व विभिन्न वितरण केंद्रों में भी मुहिम शुरू की है। 31 मार्च तक विभाग को 50 करोड़ रुपए बकाया वसूल करना है। ताकि कंपनी को आर्थिक क्षति से उबारा जा सके। रायगढ़ सर्किल के तीनों डिवीजन में सवा सौ करोड़ रुपए बकाया है। इनमें से 30 फीसदी के हिस्सेदार सरकारी विभाग है। शिक्षा विभाग और नगरीय निकायों पर 20 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बकाया है। विभाग इन्हें भी लगातार नोटिस भेज रहा है,लेकिन अब तक उनके द्वारा बिल भुगतान नहीं किया है। ऐसे में विभाग नोटिस में दी गई अवधि समाप्त होने के बाद कभी भी कनेक्शन काटा जा सकता है।
करोड़ों रुपए खर्च कर लगाया एसी भी बंद
निगम ने साढ़े करोड़ रुपए से बने ऑडिटोरियम में एसी पर एक करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया, पर उसके लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं की। विद्युत मंडल ने ऑडिटोरियम में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के लिए 27 लाख रुपए का प्रस्ताव निगम को भेजा है, पर आर्थिक तंगी के कारण निगम ने रुपए जमा नहीं कराए हैं। इससे अब तक आयोजित सभी कार्यक्रमों के लिए कूलर व पंखों की व्यवस्था करानी पड़ रही है।
केआईटी प्रबंधन पर 25 लाख रुपए बकाया
25 लाख रुपए बकाया वसूलने के लिए विद्युत मंडल ने केआईटी प्रबंधन को लगातार नोटिस भेजा, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण केआईटी ने एक रुपए का भुगतान अबतक विद्युत मंडल को नहीं किया है। बकाया राशि 25 लाख से अधिक होने के कारण मजबूरन विभाग को केआईटी कॉलेज की नई बिल्डिंग का कनेक्शन काटना पड़ा। अब विभाग भुगतान के बाद ही कनेक्शन जोड़ने की बात कह रहे हैं।