धरमजयगढ़-कोरबा नई रेल लाइन में चोरी, करंट नहीं इसलिए निकाल रहे ओएचई वायर

Raigad News - घरघोड़ा पुलिस ने शनिवार को धरमजयगढ़-कोरबा नई रेल लाइन से ओएचई वायर चोरी की रिपोर्ट दर्ज की है। अज्ञात चोरों ने...

Bhaskar News Network

Aug 18, 2019, 07:25 AM IST
Raigarh News - chhattisgarh news theft in dharamjaigarh korba new rail line not current so ohe wire is being removed
घरघोड़ा पुलिस ने शनिवार को धरमजयगढ़-कोरबा नई रेल लाइन से ओएचई वायर चोरी की रिपोर्ट दर्ज की है। अज्ञात चोरों ने बीच-बीच में ओएचई वायर को काटकर लगभग 95 हजार रुपए के वायर की चोरी कर ली है। इसी जगह पर दो बार चोरी के प्रयास हो चुके हैं। अभी तक लाखों रुपए के वायर की चोरी हो चुकी है।

वायर में करंट नहीं होने के कारण बेखौफ होकर चोर तार उतार ले जा रहे हैं। खरसिया से धरमजयगढ़ के बीच 132 किलोमीटर के नई लाइन पर पटरी बिछाने का शुरू हो चुका है। 3055 करोड़ के प्रोजेक्ट में रेलवे को अभी से चोरों ने पलीता लगाना शुरू कर दिया है। दरअसल पटरी बिछाने के साथ ओएचई वायर और खंभे लगाए जा रहे हैं। न्यू मार्डन टेक्नोमेक प्रालि बारीपदा ओडिशा की कंपनी ने खरसिया से धरमजयगढ़ के रेलवे ट्रैक में विद्युतीकरण का काम लिया है। शुक्रवार की शाम लगभग 6 बजे थाना घरघोड़ा कारीछापर टेरम के पास गार्ड गेंद लाल साहू ने देखा कि 163 मीटर ओएचई वायर (केटनरी) गायब है। इसकी कीमत लगभग 95 हजार रुपए है। जिसे अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया था। वायर चोरी की रिपोर्ट थाना घरघोड़ा में आफिस एडमिन पार्थसारथी पंडा ने कराई। रिपोर्ट पर घरघोड़ा पुलिस ने धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर चोरों की पतासाजी शुरू कर दी है। मगर अभी तक किसी चोर के बारे में पता नहीं चल पाया है।

चोरों के कारण काम में होगी देरी- खरसिया से धरमजयगढ़ के बीच 132 किमी रेल लाइन के लिए 2019 के अंत तक का टारगेट रखा गया है। खरसिया से धरमजयगढ़ के बीच का काम शुरू हो चुका है। मगर बीच-बीच में हो रही चोरी से काम को पूरा करने में समस्याएं आएंगी और डेडलाइन भी लगातार बढ़ती जाएगी।

कारीछापर के आसपास ही काट रहे तार

एएसआई राजेश मिश्रा ने बताया कि चोरों ने घरघोड़ा कारीछापर के पास चोरी की है जबकि इसी जगह पर पूर्व में 1500 मीटर ओएचई वायर को काटकर बर्बाद कर दिया गया था और 837 मीटर ओएचई वायर की चोरी भी की जा चुकी थी। यानि की लाखों रुपए के ओएचई वायर को चोरों ने चुरा लिया है।

हैंडओवर तक आरपीएफ का जिम्मा नहीं

रेलवे संपत्ति की चोरी रोकने के लिए आरपीएफ बाध्य होती है। मगर इस मामले में आरपीएफ की जिम्मेदारी नहीं है। साइट अंडर कंस्ट्रक्शन होने तक ठेकेदार ही सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है। यानि कोई घटना हुई तो वह लोकल पुलिस की मदद लेगा। हालांकि आरपीएफ एहतियात के तौर पर हमेशा निगरानी जरूर रखती है।

कैटेनरी वायर को काट रहे चोर

गार्ड ने रिपोर्ट में लिखवाया है कि चोर केटनरी वायर काट रहे हैं। दरअसल ओएचई वायर के दो पार्ट होते है। पहला केटनरी और दूसरा कांटेक्ट दोनों ही तांबे के होते है। इसलिए इनकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है। मगर कांटेक्ट वायर ज्यादा मजबूत होने के कारण चोर केटनरी वायर को लगातार काट रहे हैं।

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