ये मेरा दीवानापन...है या मोहब्बत का सुरुर गाने पर छात्र-छात्राओं ने किया रैंप वॉक

Raigarh News - ये मेरा दीवानापन...है या मोहब्बत का सुरुर...तू न पहचाने तो है ये तेरी नजरों का कसूर...गाना बजते ही रैंप वॉक करने पहुंचीं...

Dec 15, 2019, 09:11 AM IST
ये मेरा दीवानापन...है या मोहब्बत का सुरुर...तू न पहचाने तो है ये तेरी नजरों का कसूर...गाना बजते ही रैंप वॉक करने पहुंचीं छात्राओं का कॉलेज के साथियों ने खूब उत्साह वर्धन किया। कल्चरल प्रोग्राम में “पंथी 2019” का आयोजन रायगढ़ और जीवीजी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। दो दिवसीय कॉलेज फंक्शन का आयोजन डीपीएस के पास स्थित फार्मेसी कैंपस में हुआ। फारमेंसी कैंपस में शनिवार की शाम ‘ग्रैड फैशन शो’ कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रैंप पर अनेक परिधानों में अपना जलवा बिखेरा, वहीं जजों के सामने अपना परिचय भी दिया। उनके बेहतरीन अंदाज पर चार जजों की महिला टीम ने नंबर देकर विजेता चुना। सबसे पहले पारंपरिक परिधान में रैंप वॉक पर राजा के परिवेश में 10 लड़कों का एक ग्रुप आया। जिसमें सबने रैंप पर अपना जलवा दिखाया। वहीं इसके बाद खोया खोया चांद... रैंप पर छात्राओं ने प्रोफेशनल मॉडल जैसे जलवे बिखेरे। कार्यक्रम के पहले दिन ‘कल्चरल फेस्ट’ में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

रैंप पर कैट वॉक करते फार्मेसी क्लास के स्टूडेंट्स।

सांस्कृतिक कार्यक्रम . अरपा पैरी के धार...की धुन पर बीएड एवं फॉर्मेसी के छात्रों द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद गणेश वंदना से पर लोगों ने नृत्य कर रहे कलाकार की प्रशंसा की। लोक नृत्य महुआ झरे पर बीएड की छात्रों ने पारंपरिक परिधान में डांस पेश किया। कार्यक्रम के अगले दौर में सालसा नृत्य, गरबा, बीहु, संबलपुरी और भांगड़ा की शानदार प्रस्तुति दी गई। वही बॉलीवुड से लेकर हालीवुड गीतों पर डांस का रंगारंग प्रस्तुति रहा

महिषासुर: मंचन. बीएड के छात्रों के द्वारा महिषासुर राक्षस के जीवन परिचय को छात्रों ने दिखाया। जहां एक कलाकार महिषासुर बनकर भगवान शंकर से वरदान मांग कर देवताओं को परेशान करने लगता है। अंत मे पापों को नाश करने के लिए महिषासुर का वध दिखाया जाता है। इस कहानी का मंचन कर रहे कलाकारों ने बताया कि इसका उद्देश्य समाज को सीख देना बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।

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