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खुद को मंत्रालय का अफसर बताया, युवक से बोला नौकरी लगवा दूंगा और ठग लिए 8 लाख रुपए

Raigad News - नौकरी दिलाने के नाम पर शहर के मिट्‌ठूमुड़ा इलाके के संदीप कुमार श्रृंगी से आठ लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है।...

Jul 14, 2019, 07:15 AM IST
नौकरी दिलाने के नाम पर शहर के मिट्‌ठूमुड़ा इलाके के संदीप कुमार श्रृंगी से आठ लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। युवक ने इसकी शिकायत एसपी राजेश अग्रवाल से की है।

युवक ने बताया है कि हरिशंकर वैद्य नामक शख्स ने खुद को रायपुर मंत्रालय में बड़ा अफसर बताया और हथकरघा विभाग में सहायक संचालक की नौकरी दिलाने के नाम पर 2015 में कई युवकों से लाखों रुपए ठगे। किस्तों में रकम लेने के बाद लगभग चार सालों तक घुमाया और दबाव डालने पर आरोपी ने नियुक्ति पत्र भी दे दिया। रायपुर के एक थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज भी किया गया है। जानकारी के मुताबिक रायपुर शिवानंद नगर के जालसाज ने मंत्रालय में बड़े पद पर होने का झांसा दिया। इसने नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से पांच से आठ लाख तक ठगे। बेरोजगार युवकों ने जब दबाव डाला तो फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। उन्हें पोस्टिंग के लिए इंतजार करने को कहा। एक युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई, तब खुलासा हुआ। आरोपी के खिलाफ रायपुर में अपराध दर्ज होने के बाद पीड़ित ने रायगढ़ एसपी से लिखित शिकायत कर मामला दर्ज करने का आग्रह किया है।

पीड़ित संदीप ने बताया कि आरोपी हरिशंकर वैद्य से 2015 में स्वास्थ्य विभाग की बैठक में मुलाकात हुई थी। आरोपी ने खुद को रायगढ़ का निवासी बताया तो दोनों में बात शुरू हो गई। उसने संदीप को बताया कि वह सामान्य प्रशासन विभाग की गोपनीय शाखा में अफसर है। उस समय राजस्व निरीक्षक और हॉस्टल अधीक्षक के पद पर भर्ती चल रही थी। बातों-बातों में जब संदीप ने नौकरी की इच्छा जाहिर की तो आरोपी ने कहा- ये उसके लिए कोई मुश्किल नहीं है और पांच लाख की मांग की। संदीप को उस पर विश्वास हो गया था। उसने नौकरी पाने के लालच में कर्ज लेकर उसे पैसे दे दिए। पैसे लेने के बाद वह उसे एक साल तक आजकल कहकर घुमाता रहा। उसके बाद अचानक ये कह दिया कि भर्ती प्रक्रिया ही निरस्त कर दी गई है। उसके बाद संदीप ने अपने पैसे मांगे। उसने इसके लिए भी आजकल कहकर घुमाना शुरू कर दिया। 2017 में उसने संदीप से कहा कि सहायक प्रबंधक मार्कफेड और सहायक संचालक हथकरघा समेत अन्य विभाग में भर्ती हो रही है। उसने संदीप को इस बार हथकरघा में नौकरी लगाने का झांसा दिया। मंत्रालय ले जाकर दस्तावेज भी दिखाए। संदीप फिर झांसे में आ गया और उसने तीन लाख और दे दिए। आरोपी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भर्ती रुक गई है इसलिए देर हो रही है। इस बार संदीप लगातार दबाव बना रहा था।

हर बार अलग-अलग बहाने कर आरोपी उसे टालता रहा। करीब एक साल बाद उसने संदीप को नियुक्ति पत्र दिया। उसके बाद हरिशंकर का फर्जीवाड़ा सामने आया। संदीप ने उससे पैसे मांगे, आरोपी ने उसे गुमराह करना शुरू कर दिया। इसके बाद संदीप ने रायपुर एसपी से लिखित शिकायत की तो उन्होंने राखी थाना प्रभारी कल्पना वर्मा को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर वहां 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

आरोपी का दावा- एक दर्जन से ज्यादा की लगाई नौकरी

राखी थाना प्रभारी का मानना है कि पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि संदीप ने भी अपने परिचितों की आरोपी से मुलाकात कराई थी। आरोपी ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों की नौकरी लगाने का दावा किया था। उसने मंत्रालय के अफसरों से अपनी अच्छी पहचान बताई थी। वह अधिकतर लोगों को मंत्रालय में ही मुलाकात करने बुलाता था ताकि लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाएं।

दोस्तों ने रुपए लौटाने संदीप पर बनाया दबाव तब की शिकायत

पीड़ित ने एसपी से शिकायत में यह भी बताया है कि आरोपी ने संदीप से दो किस्तों में लिए गए 8 लाख रुपए के कम होने की बात कही। कहा, अगर और बेरोजगार होंगे तो बात कर लो, रेवेन्यू इंस्पेक्टर व हॉस्टल अधीक्षक के पदों पर भी नौकरी मिल सकती है। इस पर उसने अपने बेरोजगार दोस्तों को आरोपी से मिलाया और वे भी विश्वास में आ गए और अग्रिम राशि दे दी। उन्हें भी फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। ठगी का एहसास होने के बाद संदीप के दोस्त उससे रुपए मांगने लगे। जब उन्होंने भी ठगी का शिकार होने की बात कही तो साथियों ने शिकायत कर उन्हें फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने एसपी से की शिकायत में कहा है कि अगर उसके खिलाफ ठगी की शिकायत की जाती है तो पहले निष्पक्ष जांच कराई जाए फिर कार्रवाई की जाए।

राजस्व में सहायक ग्रेड 3 में पदस्थ है पीड़ित

पीड़ित संदीप श्रृंगी कलेक्टोरेट राजस्व विभाग में सहायक ग्रेड 3 पर पदस्थ हैं। उसे अपने पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति हुई है। इसके पहले वर्ष 2012 में वे जिला अस्पताल दुर्ग में संविदा के तहत सलाहकार के पद पर पदस्थ थे। उस दौरान रायपुर में बैठक हुई और आरोपी से उसकी मुलाकात हो गई।

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