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ठंड में ही 80 फीट नीचे गया जलस्तर, हैंडपंप सूखे

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 05:25 AM IST

Raigarh News - गर्मी का मौसम शुरू होने में अभी करीब दो महीने हैं लेकिन जिले के कुछ हिस्सों में फरवरी के पहले सप्ताह में ही जल संकट...

Raigarh News - chhattisgarh news water level drops below 80 feet in cold handpumps dry
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गर्मी का मौसम शुरू होने में अभी करीब दो महीने हैं लेकिन जिले के कुछ हिस्सों में फरवरी के पहले सप्ताह में ही जल संकट गहराने लगा है।

बरमकेला और तमनार तहसील के करीब 185 हैंडपंप में जलस्तर कम हो गया है। वहीं इन क्षेत्रों में दिसंबर के बाद जलस्तर करीब 80 फीट नीचे चला गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा खराब है। ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी भर कर ला रहे हैं। क्षेत्र में गर्मियों के सीजन में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा। पीएचई विभाग के अफसरों ने बताया कि तमनार और सारंगढ़ तहसील में कई गांव ऐसे हैं जहां वाटर लेवल लगातार गिर रहा है। इन गांवों में एक माह पहले तीन पाइप में चल रहे थे वह अब 5 पाइपों में भी नहीं चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह पानी का जलस्तर गिर रहा है इसका आंकलन इससे किया जा सकता है कि क्षेत्र में लगभग 185 हैंडपंप सूख चुके हैं। पीएचई विभाग द्वारा जो हैंडपंप लगाए जाते हैं उनमें अधिकतम 100 फीट गहराई ली जाती है।

घरों और शासकीय कार्यालयों में नहीं लग रहे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

इन क्षेत्रों में गिरते जलस्तर के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगवाए जा रहे हैं। क्षेत्र में इस तरह जलस्तर पहली बार नीचे नहीं गिरा है। पहले भी गर्मियों के समय इस तरह जलस्तर गिर चुका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नवीन भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा प्रत्येक शासकीय बिल्डिंग में भी सिस्टम लगवाना अनिवार्य था। इसके बाद भी न तो शासकीय कार्यालयों में और न ही घरों में यह सिस्टम लगवाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में किसानों द्वारा जैसे ही ट्यूबवैल से खेतों में सिंचाई शुरू की जाती है। क्षेत्र का जलस्तर तेजी से गिरना शुरू हो जाता है।

तालाबों को भरने की सुविधा नहीं

निस्तारी की समस्या को ध्यान में रखकर तालाबों को भरने की सुविधा का दावा अफसरों द्वारा किया गया था। जबकि हकीकत इसके विपरीत है। पहले गांवों में तालाबों को भरने की सुविधा थी। बोर खुदवाया गया था। अब ज्यादातर बोर बंद पड़े हुए हैं। बरमकेला के अमलीपाली, छिंदपोतरा, हट्‌टापाली, मंजूर पाली सहित दर्जनों गांव हैं जहां तालाबों को भरने की कोई सुविधा नहीं है। पिछले साल लोक सुराज अभियान में ज्यादातर शिकायतें पानी की समस्या को दूर करने को लेकर हुई थी।

गांवों के हैंडपंपों में पाइप बढ़ाए जा रहे हैं


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