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जहां नहीं पहुंचती गाड़ियां वहां पहुंचेगी बाइक एंबुलेंस

एक वर्ष पहले
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जंगल व पहाड़ी इलाकों में बसे लोग अब भी महतारी एक्सप्रेस 102 और संजीवनी एक्सप्रेस 108 की सुविधा से दूर हैं। उन्हें आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल पाती है। ऐसे पहुंचविहीन क्षेत्रों के लोगों के लिए जिले में जल्द ही बाइक एंबुलेंस शुरू होने जा रही है। जिले में 5 बाइक एंबुलेंस की स्वीकृति मिल चुकी है। विभाग अब इस सेवा को शुरू करने में जुट गया है। एक माह के अंदर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बड़ी एंबुलेंस नहीं पहुंचती हैं उन क्षेत्रों में बाइक एंबुलेंस से लाेगों को सुविधा दी जाएगी।

बाइक एंबुलेंस की सेवा वर्तमान में प्रदेश के अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरिया और कबीरधाम में संचालित है। इसका लाभ घने जंगल व पहाड़ों में बसे ग्रामीणों को मिल रहा है। अब इसका विस्तार प्रदेश के अन्य जिले में भी किया जा रहा है। ऐसे इलाके जहां किसी चार पहिया वाहन का जाना संभव नहीं है, वहां बाइक एंबुलेंस पहुंचेगी।

जिले के बगीचा, सन्ना, फरसाबहार और पत्थलगांव क्षेत्र में ऐसे दर्जनों गांव हैं, जहां आज भी बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। जिसके कारण इन गांव में किसी के गंभीर रूप से बीमार होने पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसे देखते हुए जिले में 5 बाइक एंबुलेंस की मांग की थी। जिसके बाद जिले में 5 बाइक एंबुलेंस की स्वीकृति मिल गई है। जिले में बाइक एंबुलेंस के प्रारंभ हो जाने से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगांे को फायदा होगा।

कई ब्लॉकों में अब भी स्वास्थ्य सुविधा का अभाव - बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा के अभाव से बगीचा ब्लॉक के ग्राम चिरोडी के राजस्व ग्राम बुरूडीह में बीमार पड़ने पर उन्हें एंबुलेंस के बदले खाट में लेकर अस्पताल जाना पड़ता है। क्योंकि इस गांव में आज तक सड़क और पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। ऐसे में गांव के लोगों को मरीज को खाट में लेटा कर मेन रोड तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही उन्हें 108 या फिर एंबुलेंस की सुविधा मिल पाती है। लेकिन अब जिले में बाइक एंबुलेंस के प्रारंभ हो जाने से ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगांे को भी आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की सुविधा मिल पाएगी।

ऐसे ले सकेंगे सेवा का लाभ

गर्भवती महिलाओं को हाेगा ज्यादा फायदा

जिन जिलों में बाइक एंबुलेंस चल रही है, वहां सेवा का सबसे ज्यादा लाभ गर्भवती महिलाओं को हो रहा है। उसके अलावा दुर्घटना, मारपीट, जहर खुरानी, सर्पदंश, गंभीर बीमारी व प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में भी यह लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचा रही है।

बाइक एंबुलेंस की सुविधा लेने के लिए लोगों को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम से संपर्क करना पड़ेगा। इसके बाद वे बाइक एंबुलेंस चालक को सूचना देंगे। तब बाइक एंबुलेंस जरूरत वाली जगह रवाना होगी। एंबुलेंस का चालक ऐसे स्थानीय व्यक्ति को बनाया जाएगा, जिसे क्षेत्र के अंदरुनी रास्तों की भी अच्छी जानकारी हो। इसके अलावा चालक का मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किया जाएगा। लोग सीधे चालक से बात कर सेवा का लाभ ले सकेंगे।
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