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जांजगीर. जिले में एक बच्ची को बालिका वधु बनने से प्रशासनिक टीम ने बचा लिया। बारात मंडप तक पहुंच गई थी। बाराती दोपहर का खाना खा रहे थे, तभी अचानक शादी रोकनी पड़ी। मामला जांजगीर थाना क्षेत्र के ग्राम जोबी का है। यहां एक नाबालिग की शादी होने की शिकायत किसी ने टोल फ्री नंबर पर की थी।
बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र जायसवाल की टीम लड़की के घर पहुंची। यहां उन्होंने बालिग होने का दस्तावेज मांगे। परिजन ने आधार कार्ड दिखाकर बालिग साबित करने की कोशिश की। मौके पर लड़की की मां अधिकारियों से ही उलझ गई। बाद में स्कूल के दाखिला रजिस्टर से उसकी उम्र का पता चला। आखिरकार बग्गी में सवार होकर ब्याह रचाने आए दुल्हे को लौटना पड़ा।
किशोरी की मां यह दावा कर रहीं थी कि उसने अपनी बेटी को पढ़ाया ही नहीं है, इसलिए कोई भी पेपर उनके पास नहीं हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी में भी भर्ती करने से इनकार किया। इसके बाद अधिकारी चौड़ीपार के प्राइमरी स्कूल पहुंचे। यहां अधिकारियों ने स्कूल का दाखिल खारिज रजिस्टर चेक किया तो बच्ची की जन्म तिथि 16 जून 2003 और स्कूल में प्रवेश तिथि 16 जून 2009 लिखी थी। इस हिसाब से बच्ची की उम्र मात्र 16 साल 9 माह ही हुई। इसके बाद फिर अधिकारी उनके घर गए और लोगों को समझाइश दी तब कहीं जाकर परिजन शादी रोकने को राजी हुए।
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