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मैदान में छात्राएं, बरामदे में कंकाल स्कूलों में प्रैक्टिकल का हाल बेहाल

Raigarh News - कुसमुरा के गवर्मेंट स्कूल के बाहर टेबल पर प्रैक्टिकल करती छात्राएं। नवीन कन्या स्कूल के सेकंड फ्लोर में लैब के...

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 03:00 AM IST
Raigarh News - girls in the field practical in skeletal schools in verandah
कुसमुरा के गवर्मेंट स्कूल के बाहर टेबल पर प्रैक्टिकल करती छात्राएं। नवीन कन्या स्कूल के सेकंड फ्लोर में लैब के सामने ऐसे पड़ा मिला कंकाल

भास्कर न्यूज | रायगढ़

सरकारी स्कूलों में प्रैक्टिकल के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। कई स्कूलों में लैब के लिए कमरे ही नहीं है लेकिन जहां है वहां प्रैक्टिकल ही नहीं कराए जा रहे। भास्कर ने स्कूलों की पड़ताल की तो पता चला कि मानिटरिंग के अभाव में जिले के कई स्कूलों में प्रयोगशालाओं की हालत खराब हो चुकी हैं। ऐसे में बगैर प्रैक्टिकल किए ही छात्र इस बार बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा देंगे।

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10 से 30 जनवरी के बीच माशिमं ने प्रायोगिक परीक्षा लेने के लिए गाइड लाइन जारी की है। शुक्रवार को भास्कर टीम अलग-अलग स्कूलों में प्रैक्टिकल की व्यवस्था जानने पहुंची। पड़ताल के दौरान पता चला कि स्कूलों में प्रैक्टिकल करने के लिए सामान ही नहीं हैं तो कहीं सालभर लैब के दरवाजे खुले ही नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस साल बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा छात्र बगैर प्रैक्टिकल किए ही देंगे। 12वीं कक्षा के छात्र गौरव शर्मा ने बताया कि प्रैक्टिकल के लिए बाजार से मॉडल खरीदकर ले गए थे और उसकी जानकारी कॉपी में लिखकर जमा करा दिए। प्रैक्टिकल कैसे होता है, उसे नहीं पता। छात्रा रोहिणी साहू ने कहा कि उनकी इच्छा है कि रोज प्रैक्टिकल हो पर ऐसा हो नही पा रहा। 15 से 22 दिसंबर तक माशिमं ने छमाही परीक्षाएं होनी है। इसमें 60 फीसदी कोर्स से सवाल पूछे जाने हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अर्द्ध वार्षिक परीक्षाओं की तिथियां बढ़ा दी गई हैं । इसके बावजूद कोर्स पूरा नहीं हो पाया है।

जानिए नियम और प्रयोग शाला के उद्देश्य: हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में प्रयोगशाला के लिए अलग कमरा व प्रयोग में आने वाली सामग्री होना चाहिए। इसकी जिम्मेदारी लैब टेक्नीशियन की होती है। सप्ताह में दो या तीन बार विज्ञान विषय का प्रैक्टिकल कराना जरूरी है।

भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:

दोपहर 1 बजे : शा. नवीन कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला के सेकंड फ्लोर में फिजिक्स और बायो की प्रयोगशाला है। लैब का दरवाजा बंद मिला और बायो के विद्यार्थियों का जानकारी देने के लिए आया मानव कंकाल लैब के बाहर एक टेबल में पड़ा मिला। स्कूल के टीचर एनएल बर्मन से जब इस संबंध में पूछा गया तो वह जवाब नहीं दे पाए। प्राचार्य एके जायसवाल ने भी चुप्पी साध ली। बच्चों ने बताया अभी तक स्कूल में प्रैक्टिकल कक्षाएं अब तक नहीं लगी है।





, उन्हें सिर्फ किताब से पढ़ाई कराई जा रही है।

दोपहर 1.45 बजे : शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला कुसमुरा. दोपहर पौने दो बजे हमारी टीम शहर के नजदीक कुसमुरा के हायर सेकंडरी स्कूल पहुंची, जहां 238 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। प्राचार्य बीएल पटेल से जब लैब दिखाने कहा गया तो उनका जवाब था स्कूल में लैब ही नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कूल परिसर में 5 साल से 12 लाख का नया भवन बन रहा है, जो अब तक अधूरा है। प्रयोगशाला के अभाव में बच्चे स्कूल के बाहर में टेबल लगाकर प्रैक्टिकल करते हैं।

सीधी बात

आरपी आदित्य, डीईओ

10 जनवरी से प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, लेकिन अभी तक स्कूलों में प्रैक्टिकल शुरू नहीं हुए?

ऐसा नहीं है, मैं खुद मॉनिटरिंग कर रहा हूं, लगभग सभी स्कूलों में प्रैक्टिकल चल रही हैं।

अगर ऐसा है तो शहर के नवीन कन्या शाला में प्रैक्टिकल क्यों नहीं कराया जा रहा?

मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि वहां प्रैक्टिकल नहीं हो रही।

आपको पता है कुसमुरा हा. से. स्कूल में प्रयोगशाला नहीं है, बच्चे बाहर में प्रैक्टिकल करते हैं?

अगर ऐसी बात है तो मैं दिखवाता हूं, वैसे भी ज्यादातर प्रैक्टिकल खुले में होते हैं।

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