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महाभारत छत्तीसगढ़ / आठ हजार वोटों से हारे जूदेव बोले- हमारी जीत चुरा ली गई.... और सालभर तक मनाया था हार का जश्न



40 जगहों में सिक्के तलवारों से तौले गए थे जुदेव। 40 जगहों में सिक्के तलवारों से तौले गए थे जुदेव।
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40 जगहों में सिक्के तलवारों से तौले गए थे जुदेव।40 जगहों में सिक्के तलवारों से तौले गए थे जुदेव।

  • 1988 में सीएम बनने के बाद अर्जुन सिंह ने खरसिया से लड़ा था उप चुनाव 
  • जूदेव के प्रति लोगों का समर्थन देख नलकूप और बिजली के खंभे लगाए गए

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 10:30 AM IST

लोकेंद्र सिंह ठाकुर

 

रायगढ़.  चंडीगढ़ में राज्यपाल की जिम्मेदारी निभाने के बाद वापस लौटे अर्जुन सिंह 1988 में अविभाजित मध्यप्रदेश के फिर मुख्यमंत्री बने। दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने खरसिया से उपचुनाव लड़ने का फैसला किया। उस समय भाजपा ने जशपुर के कुमार दिलीप सिंह जूदेव को अपना उम्मीदवार बनाया था। यह ऐतिहासिक चुनाव भाजपा की हार के बावजूद जूदेव की विजय जुलूस के लिए याद किया जाता था। अर्जुन सिंह 8,658 वोटों से जीते थे, इसलिए उन्होंने विजय जुलूस नहीं निकाला। इसके ठीक उलट "हमारी जीत चुरा ली गई' के नारे के साथ जूदेव का भव्य विजय जुलूस निकाला गया। उन्हें नोटों की माला पहनाई गई। लड्डू, सिक्के, तलवार, फल और घी से तौला गया था। जिला मुख्यालय रायगढ़ से शुरू हुआ यह सिलसिला तकरीबन सालभर चला था। 

 

40 जगहों पर सिक्के-तलवारों से तौले गए थे जूदेव

  1. भाजपा नेता अरुण बेरीवाल बताते हैं कि केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड में लोगों ने जूदेव को लड्डू और संजय कॉम्प्लेक्स में फलों से तौला। इसके बाद सालभर जगह-जगह काफिले निकाले गए। इस दौरान उन्हें 40 से ज्यादा जगहों पर लड्डू, फल, सिक्के-तलवारों और घी से जगह-जगह तौल गया। 

  2. विजय जुलूस में शामिल कई बने सांसद-विधायक

    जुदेव।

    जूदेव के चुनाव प्रचार और जुलूस की जिम्मेदारी संभालने वाले 20 से ज्यादा युवा नेता बाद में विधायक और सांसद चुने गए। तब पार्टी का विष्णुदेव साय, नंदकुमार साय, शक्राजीत नायक, विजय अग्रवाल, रोशनलाल अग्रवाल, गिरधर गुप्ता, लखीराम अग्रवाल आदि कमान संभाले हुए थे। 

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