छत्तीसगढ़  / सिजेरियन के बाद नवजात की मौत, स्मार्ट कार्ड दिया तो भी कहा- 26 हजार जमा कराओ फिर देंगे छुट्‌टी



raigarh Newborn death after Cesarean, after giving smart card hospital management made mortgage of patient for Rs.26000
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raigarh Newborn death after Cesarean, after giving smart card hospital management made mortgage of patient for Rs.26000

  • मानवता शर्मसार : पैसों के लिए 5 घंटे तक महिला को रोके रखा
  • मिशन अस्पताल में 9 मई को हुआ था महिला का सिजेरियन 
  • सीएमएचओ बोले- सोनोग्राफी से स्मार्ट कार्ड का लेना-देना नहीं

Dainik Bhaskar

May 14, 2019, 10:41 AM IST

रायगढ़. शहर के जेएमजे मॉर्निंग स्टार हॉस्पिटल (मिशन अस्पताल) ने स्मार्ट कार्ड होने के बावजूद एक महिला को छुट्टी देने से पहले 26 हजार रुपए मांगे। इस महिला का 9 मई को सिजेरियन हुआ था और डिलीवरी के बाद नवजात की मौत भी हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने पैसों के लिए महिला को पांच घंटे तक रोके रखा। परिजन ने 19 हजार रुपए की व्यवस्था कर जमा किए और 6 हजार रुपए बाद में देने का भरोसा दिलाने के बाद प्रसूता को डिस्चार्ज किया गया। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला की सोनोग्राफी की गई थी और उसका स्मार्ट कार्ड से कोई लेना देना नहीं है। 

परिवार ने 19 हजार रुपए दिए तब किया डिस्चार्ज 

  1. जानकारी के मुताबिक, बरमकेला के बोंदा गांव के गोवर्धन निषाद की पत्नी चमेली निषाद (30) गर्भ से थी। 9 मई को उसे रायगढ़ स्थित जेएमजे मिशन अस्पताल में प्रसव कराने लाया गया। स्मार्ट कार्ड के जरिए इलाज की बात तय हुई थी। ऑपरेशन के बाद अचानक प्रबंधन कहने लगा कि उनका स्मार्ट कार्ड नहीं चलेगा। उसी दिन गोवर्धन निषाद से 6850 रुपए जमा करने के लिए कहा गया। प्रबंधन का कहना था कि मरीज की सोनोग्राफी रिपोर्ट जमा नहीं कराई गई है इसलिए वे स्मार्ट कार्ड का लाभ नहीं दे पाएंगे।

  2. चमेली का सिजेरियन प्रसव हुआ। प्रसव के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई। हालांकि प्रसूता का इलाज जारी रहा। सोमवार को उसे छुट्टी देना था। अस्पताल ने स्मार्ट कार्ड से क्लेम करने की जगह कैश 19 हजार रुपए वसूले। स्मार्ट कार्ड में इलाज से प्राइवेट अस्पताल मना कर रहे हैं। सीएमएचओ ने इस पर कहा कि, मिशन अस्पताल में ऐसा पहले भी हुआ है। स्मार्ट कार्ड होने के बावजूद रुपए लेने की शिकायत पर कार्रवाई की गई है और मरीजों को बाद में रिफंड दिलाया गया है।  

  3. मार्केट से 5 प्रतिशत ब्याज में लेकर बिल का पैमेंट किया 

    गोवर्धन निषाद ने बताया कि हॉस्पिटल में स्मार्ट कार्ड जमा था। इलाज के लिए रुपए क्लेम होना था, लेकिन ऐसा नहीं किया। सोमवार सुबह से ही अस्पताल प्रबंधन ने उसपर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इलाज के एवज में उसे 25 हजार रुपए जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था। मजबूरी में उसने सरिया के साहूकार से 5% ब्याज में 19 हजार रुपए लाया और काउंटर में जमा किया। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन उसे और 6 हजार रुपए की डिमांड कर रहे थे। कुछ दिन में पैसे जमा करने के आश्वासन देने के बाद प्रसूता को शाम 5 बजे डिस्चार्ज किया गया। 

  4. अस्पताल के पीआरओ ने फोन कर बुलाया था 

    9 मई की सुबह 4 बजे चमेली को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन ने महतारी एक्सप्रेस में उसे पहले मेकाहारा में ले गए। अस्पताल के गायनिक वार्ड में बेड खाली नहीं थे। इसके बाद गोवर्धन निषाद ने जेएमजे के पीआरओ विकास गुप्ता को फोन पर अस्पताल आने की बात कही तो पीआरओ ने उसे ये कहते हुए बुला लिया कि जेएमजे मिशन अस्पताल में स्मार्ट कार्ड से फ्री में इलाज होगा। मुफ्त में इलाज करने की आस में ही वे मिशनरीज अस्पताल पहुंचे थे पर उन्हें भुगतान करना पड़ा। 

  5. सोनोग्राफी रिपोर्ट नहीं मिली इसलिए उनसे फीस का भुगतान कराया गया 

    सिजरियन प्रसव से पहले मरीज की सोनोग्राफी रिपोर्ट जमा करने का नियम है। चमेली निषाद के केस में रिपोर्ट नहीं मिली थी इसलिए उनसे कैश लिया गया है। स्मार्ट कार्ड से इलाज के लिए नियम बने हैं। हम उस नियम को फॉलो करते हैं।

    विकास गुप्ता, पीआरओ, जेएमजे मिशन अस्पताल 

  6. सिजरियन प्रसव से पहले सोनोग्राफी रिपोर्ट जमा करने का कोई नियम नहीं है। अगर जेएमजे अस्पताल अपनी मनमानी कर रहा है तो ये गलत बात है। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ इससे पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। 20-25 लोगों को तो रिफंड भी किया है प्रबंधन ने, फिर भी ऐसी लापरवाही बरत रहा है। उसके खिलाफ एक्शन लेंगे। जिस मरीज से इन्होंने पैसे लिए हैं उनको रिफंड कराया जाएगा।

    डॉ. एसएन केसरी, सीएमएचओ रायगढ़ 

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