छत्तीसगढ़  / केलो डैम खाली करने हर सेकंड 6 हजार लीटर पानी छोड़ रहे, करीब 3 करोड़ लीटर भाप बनकर उड़ा



आमतौर पर लबालब पानी से भरे होने पर ऐसा नजारा (इनसेट में) होता है डैम का लेकिन पानी छोड़ने और गर्मी के कारण डैम की मिट्‌टी दिखने लगी। बीच में टापू नजर आ रहे हैं। पुराने घर और सड़कें भी दिखाई दे रही हैं। आमतौर पर लबालब पानी से भरे होने पर ऐसा नजारा (इनसेट में) होता है डैम का लेकिन पानी छोड़ने और गर्मी के कारण डैम की मिट्‌टी दिखने लगी। बीच में टापू नजर आ रहे हैं। पुराने घर और सड़कें भी दिखाई दे रही हैं।
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आमतौर पर लबालब पानी से भरे होने पर ऐसा नजारा (इनसेट में) होता है डैम का लेकिन पानी छोड़ने और गर्मी के कारण डैम की मिट्‌टी दिखने लगी। बीच में टापू नजर आ रहे हैं। पुराने घर और सड़कें भी दिखाई दे रही हैं।आमतौर पर लबालब पानी से भरे होने पर ऐसा नजारा (इनसेट में) होता है डैम का लेकिन पानी छोड़ने और गर्मी के कारण डैम की मिट्‌टी दिखने लगी। बीच में टापू नजर आ रहे हैं। पुराने घर और सड़कें भी दिखाई दे रही हैं।

  • गर्मी का असर ऐसा भी : पानी की लेवल इतना कम हुआ कि डैम में डूबे घर के मलबे व गांव की सड़कें नजर आने लगीं
  • बारिश से पहले डैम को साफ करने के लिए लगातार छोड़ा जा रहा है पानी, जून के अंत तक कर दिया जाएगा खाली 

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 10:59 AM IST

रायगढ़. केलो बांध को खाली करने 6000 लीटर प्रति सेकंड पानी डैम से छोड़ा जा रहा है। कुछ दिनों में डैम पूरी तरह से खाली कर दिया जाएगा। इस बार लगातार पड़ी गर्मी का असर भी डैम पर पड़ा है। गर्मी में लगातार वाष्पीकरण होने के कारण पानी का लेवल काफी नीचे चला गया है। दो महीनों में ही लगभग 3 करोड़ लीटर पानी डैम से कम हो गया है। बारिश से पहले डैम में साफ पानी जमा करने के लिए कुछ दिनों से लगातारहर सेकंड हजारों लीटर पानी छोड़ा जा रहा है। इस डैम को जून के अंत तक खाली किया जाना है। 

दो माह में जलाशय से 25 प्रतिशत पानी कम हुआ

  1. सितंबर माह से डैम में नए पानी स्टोर करके रखना शुरू किया जाएगा। इस साल गर्मी का जलाशयों पर खासा असर पड़ा है। फिलहाल दो माह के अंदर ही जलाशय का लगभग 3 करोड़ कम हो गया है। गर्मी के बढ़ते पारे की चाल के साथ ही जलाशयों का जल स्तर घटता गया। इस बार वाष्पीकरण भी काफी ज्यादा होने की आशंका जताई गई है। अभी फिलहाल केलो बांध में लगभग 28 प्रतिशत पानी बाकी है। 

  2. जो कि आने वाले कुछ दिनों में पूरी तरह से खाली कर दिया जाएगा। हर रोज 6 हजार लीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा हर रोज हजारों लीटर पानी भी हर दिन वाष्पीकरण से खत्म हो रहा है। अभी कुछ दिनों में यदि बारिश हो जाती है तो गेट खोलकर पानी छोड़ने का प्रतिशत भी बढ़ा दिया जाएगा। गर्मी के कारण इस बार वाष्पीकरण से पानी घटने का प्रतिशत ज्यादा रहा। दो महीनों में लगभग 25 प्रतिशत पानी जलाशय का कम हो गया। 

  3. डूबान क्षेत्र से गांव का मलबा अब भी नहीं हुआ है खाली 

    डैम में अभी भी गांव का मलबा पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। बांध खाली करने के दौरान विभाग ने इतनी हड़बड़ी दिखाई कि कई मलबे अभी भी डैम के अंदर पड़े हुए है। बिजली खंभे, घर की दीवारें और कुछ स्ट्रक्चर डैम के खाली होने पर साफ तौर पर दिखाई दे रहे है। जबकि विभाग की ओर से डूबान क्षेत्र के अंदर के मलबे को हटाने के लिए 2008 में 27 लाख और 2009 में लगभग 31 लाख रुपए खर्च किए थे। 

  4. दो माह में गर्मी का पारा और डैम का प्रतिशत कुछ इस तरह से रहा 
     

    दिन जलभराव पारा
    12 अप्रैल 55 प्रतिशत 40 डिग्री 
    12 मई 45 प्रतिशत 44 डिग्री 
    12 जून 28 प्रतिशत 45 डिग्री 

     

    जलाशय की वर्तमान स्थिति 

    • लेवल 229 मीटर 
    • प्रतिशत 28 प्रतिशत 
    • 227 मीटर तक के लेवल तक पानी छोड़ेंगे 
    • सिंचाई के लिए पानी नहीं 

  5. तेज गर्मी से पानी का वाष्पीकरण 

    केलो जलाशय में जलभराव का क्षेत्रफल 1297 हेक्टयेर है। वाटर प्लानिंग की रिपोर्ट के अनुसार हर साल वाष्पीकरण के लिए बनाए जाने वाले नियम के हिसाब से इस पूरे साल में केलो डैम से लगभग 2.1 मीटर पानी वाष्पीकरण होगा। इस हिसाब से लगभग 3 करोड़ लीटर पूरे साल में केवल वाष्पीकरण में बर्बाद हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि हर साल पड़ने वाली गर्मी को देखते हुए पूरे साल भर के लिए ये कैलकुलेशन निकाला जाता है। 

  6. बारिश से पहले एक बार डैम को पूरी तरह से खाली किया जाता है। इस बार गर्मी के कारण वाष्पीकरण भी ज्यादा हुआ है।

    मदन पाठक, एसडीओ, केलो परियोजना 

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