नई योजना  / आयुष्मान के बदले हेल्थ फॉर ऑल स्कीम लाएगी प्रदेश सरकार, 6 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 10:52 AM IST


raigarh news government launching health for all scheme will scrap ayushman scheme
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raigarh news government launching health for all scheme will scrap ayushman scheme

  • गैर भाजपा शासित 5 राज्यों में लागू नहीं योजना, अब छत्तीसगढ़ में भी विरोध 
  • स्कीम में बिना स्मार्ट कार्ड के निजी और सरकारी अस्पतालों में होगा इलाज

रायगढ़. केंद्र सरकार की ओर से कुछ महीनों पहले गरीबों के इलाज के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत और आरएसबीवाय की स्मार्ट कार्ड योजना को राज्य सरकार जल्द बंद कर सकती है। भूपेश सरकार दोनों योजनाओं के बदले हेल्थ ऑफ ऑल योजना ला रही है। जिले के 6 लाख लोग इस स्कीम के तहत आएंगे।

5 माह बाद अब छत्तीसगढ़ मेंं भी बंद हो सकती है योजना

  1. इस स्कीम में बिना स्मार्ट कार्ड के इलाज के निजी एवं सरकारी अस्पतालों में संभव हो सकेगा। इससे पहले स्वास्थ विभाग के समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव नई योजना शुरू करने की बात कह चुके हैं। आयुष्मान का विरोध डॉक्टर बहुत दिनों से कर रहे हैं। 

  2. आयुष्मान योजना को 5 माह पहले सितंबर में देशभर में लागू किया था, लेकिन इसे दिल्ली, केरल, ओडिशा, पंजाब और तेलंगाना (गैर भाजपा शासित) राज्यों ने लागू नहीं किया था। अब छत्तीसगढ़ में यह स्कीम बंद होती है तो शुरू होने के 5 माह बाद ही यह बंद हो जाएगा।

  3. आयुष्मान योजना के प्रभारी तिलेश दीवान ने बताया कि जिले में आयुष्मान एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) के अंतर्गत करीब 19 निजी हास्पिटल एवं सभी सरकारी अस्पतालों में यह स्कीम चल रही है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में जिले में करीब 3 लाख 75 हजार और आयुष्मान स्कीम से 2 लाख 16 हजार लोग जुड़े हुए हैं। 

  4. हम पहले जैसे काम करना चाह रहे हैं

    आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि आयुष्मान स्कीम में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और कुछ गंभीर बीमारी का इलाज नहीं हो पाता है। सबसे बड़ी परेशानी आयुष्मान योजना की सॉफ्टवेयर में है, जिसमें आए दिन परेशानी होती है, इलाज के लिए मोबाइल में आए ओटीपी एवं इलाज का फोटोग्राफ सहित अन्य डॉक्यूमेंट देना जरूरी होता है।

  5. इससे नर्सिंग होम एवं अस्पतालों के डाक्टरों को खासी परेशानी होती है, इसलिए हम इस स्कीम में इलाज नहीं करके आरएसबीवाई और एमएसबीवाई जैसी योजना के तहत इलाज करना पसंद करेंगे। इसके लिए लगातार आईएमए पदाधिकारियों की शासन से लगातार बात हो रही है, आने वाले दिनों में एक अच्छी योजना आएगी। 

  6. आयुष्मान भारत में इन बीमारियों का इलाज 

    योजना में 1350 से ज्यादा बीमारियों के इलाज की सुविधा है। योजना के तहत कार्डियोलॉजी, कैंसर केयर, न्यूरोसर्जरी और नियोनेटल जैसी बड़ी बीमारियों को शामिल किया गया है। अस्पताल में एडमिट होने से पहले और बाद के खर्च को भी इस स्कीम में कवर किया जाता है। योजना में मेडिकल जांच,ऑपरेशन, इलाज शामिल होंगे।

  7. इसके लिए सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आंकड़ों के माध्यम से बीपीएल श्रेणी से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिलता है। वही इस योजना के लिए किसी परिवार के आकार या उम्र की कोई सीमा तय नहीं है। अभी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को भी इससे जोड़कर इलाज करवाया जा रहा है। 

  8. 16 को होगी बैठक, उसमें बात होगी 

    पिछले हफ्ते राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक स्वास्थ्य मंत्री ने ली थी, जिसमे हेल्थ फार आल स्कीम को लेकर बात हुई है। इसके बाद अब 16 नवंबर को बिलासपुर में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक होनी है, जिसमे इस विषय पर बात होगी, तभी स्कीम में आगे की रूपरेखा समझ में आएगी।

    डॉ टीके टोंडर, प्रभारी सीएमएचओ 

  9. राहत देने आयुष्मान के तहत इलाज 

    पुराने स्मार्ट कार्ड स्कीम के पैसे अभी तक कई हास्पिटल को नहीं मिल पाए है, अब आयुष्मान में भी कई दिक्कतें आ रही हैं। जनता को परेशानी ना हो इसलिए हम इलाज कर रहे हैं। दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर शहरों के कई हास्पिटल में इसका बायकाट कर दिया है। इस संबंध में आईएमए पदाधिकारियों की बैठक हो चुकी है। नई स्कीम यदि आती है तो मरीजों के साथ डाक्टरों को भी इसका लाभ मिलेगा।

    डॉ बीआर पटेल, अध्यक्ष, आईएमए 

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