छत्तीसगढ़ / 210 घंटे बाद संदेहियों से मिले क्लू पर मारे छापे, पुलिस को नहीं मिला उद्योगपति का अभी तक कोई सुराग

पुलिस अब नए सिरे से उद्योगपति की तलाश करेगी। पुलिस अब नए सिरे से उद्योगपति की तलाश करेगी।
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पुलिस अब नए सिरे से उद्योगपति की तलाश करेगी।पुलिस अब नए सिरे से उद्योगपति की तलाश करेगी।

  • वारदात के बाद से अब तक किए गए पुलिस के सारे दावे फेल,  संदेह के दायरे में फंसे लोगों ने पुलिस को गुमराह कर दिया

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2020, 01:09 AM IST

रायपुर . सिलतरा के उद्योगपति प्रवीण साेमानी के अपहरण के 210 घंटे बाद पुलिस ने संदेहियों की सूचना पर बुधवार को छापेमारी की, लेकिन फायदा नहीं हुआ। सारी सूचनाएं गलत निकलीं। संदेह के दायरे में फंसे लोगों ने पुलिस को गुमराह कर दिया। पुलिस अब नए सिरे से उद्योगपति की तलाश करेगी। उद्योगपति अपहरणकांड में पुलिस के पुख्ता क्लू मिलने के सारे दावे भी फेल हो गए। 


पुलिस के आला अफसरों ने उद्योगपति गायब होने के दो दिन बाद ही बिहार के गिरोह पर अपहरण का शक जाहिर किया था। उसी के साथ कुछ कार के संदिग्ध नंबर मिलने के दावे किए गए। इतने इनपुट के बाद पुलिस की एक दर्जन से ज्यादा टीम जांच में जुटी। जांच के दौरान ही साउथ का नया इनपुट आया। पुलिस को पता चला कि बिहार का गैंग उद्योगपति को लेकर साउथ की ओर गया है। पुलिस की टीम ने वहां के संभावित ठिकानों का लगाया। इस बीच बिहार और यूपी के कुछ संदिग्ध ठिकानों के बारे में सूचना थीं। बुधवार को उसके बाद ही छापे मारे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जहां-जहां छापेमारी की गई, वहां उद्योगपति तो दूर उनकी मौजूदगी का कोई सबूत तक नहीं मिला। बुधवार की रात पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। उसी के बाद नई दिशा में जांच करने की रणनीति बनी।


फिरौती की मांग का हल्ला
शहर के औद्योगिक घरानों में भी उद्योगपति के अपहरण की खासी चर्चा है। कारोबारी जगत में ही हल्ला है कि साेमानी के किसी करीबी के पास फिरौती का फोन आ गया है। फोन पर बताया गया कि उद्योगपति पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्हें छोड़ने के एवज में पैसों की मांग की गई। फोन पश्चिम के किसी राज्य के नंबर से आया था। पुलिस ने इस बात से इनकार किया है। अफसरों का कहना है कि उनकी नजर फिरौती के लिए आने वाले फोन कॉल पर भी है। इसके बावजूद कारोबारियों में जमकर चर्चा है कि साेमानी को अपहरणकर्ताओं से छोड़ने के बदले अपहरणकर्ताओं ने मोटी रकम मांगी है। इस बारे में सोमानी के कोई भी ोंकरीबी बात नहीं कर रहे हैं। परिवार वालों ने भी चुप्पी साध ली है। उनकी पत्नी और बच्चे बेचैन हैं। उनकी पत्नी अभी भी सामान्य नहीं हुई हैं।


तकनीकी जांच से अपहरणकर्ता को ढूंढने की कोशिश
पुलिस तकनीकी जांच से ही अपहरणकर्ताओं को ढूंढने की कोशिश कर रही है। हालांकि इस एंगल पर भी जांच के दौरान ऐसा कोई लिंक या क्लू नहीं मिल पाया है, जिससे पुलिस अपहरणकर्ताओं तक पहुंच सके। पुलिस ने परसूलीडीह से लेकर धनेली तक जहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और जिसमें संदिग्ध कारें नजर आई हैं, उनके फुटेज जब्त कर लिए हैं। उनकी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। फुटेज में नजर आ रही संदिग्ध कार का ब्योरा निकालने के साथ और उसमें नजर आ रहे युवक की पहचान की कोशिश की जा रही है। बुधवार की शाम हल्ला उड़ गया था कि पुलिस के अधिकारी भी छापेमारी के लिए अलग-अलग राज्य गए हैं।

अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग 

हाई प्रोफाइल अपहरणकांड की मॉनिटरिंग खुद अाईजी डॉ. आनंद छाबड़ा और एसएसपी शेख आरिफ हुसैन कर रहे हैं। अब तक जितने भी इनपुट पुलिस अफसरों को मिले हैं, उन पर इन आला अधिकारियों ने खुद मंथन किया। वे देर रात तक बैठकर तकनीकी जांच का विश्लेषण कर रहे हैं। पूरे अभियान की दिशा अधिकारी खुद तय कर रहे हैं। रायपुर पुलिस के ज्यादातर अफसरों और जवानों को एक ही केस में लगा दिया गया है। इसके लिए खास उन अफसरों और जवानों को चुना गया जो पहले क्राइम ब्रांच में काम कर चुके हैं। डीजीपी डीएम अवस्थी भी आई व एसएसपी को बुलाकर उनसे अब तक की गई जांच की जानकारी ले चुके हैं। 

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