छत्तीसगढ़  / सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ मामले में राज्यपाल से मिले कांग्रेसी विधायक; कहा- पूर्व सीएम रमन सिंह पर हो कार्रवाई

राजभवन में राज्यपाल को सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ मामले में ज्ञापन सौंपते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अौर बस्तर संभाग के कांग्रेस विधायक राजभवन में राज्यपाल को सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ मामले में ज्ञापन सौंपते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अौर बस्तर संभाग के कांग्रेस विधायक
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राजभवन में राज्यपाल को सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ मामले में ज्ञापन सौंपते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अौर बस्तर संभाग के कांग्रेस विधायकराजभवन में राज्यपाल को सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ मामले में ज्ञापन सौंपते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अौर बस्तर संभाग के कांग्रेस विधायक

  • बीजापुर जिले के सारकेगुड़ा में जून 2012 को जवानों ने की थी फायरिंग, इसमें 17 नक्सलियों के मारे जाने का था दावा
  • जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग ने नवंबर में सरकार को सौंपी, रिपोर्ट में मारे गए लोगों को बताया गया है अादिवासी

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 02:22 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बीजापुर के सारकेगुड़ा में हुई फर्जी मुठभेड़ मामले में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह सहित अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। इसको लेकर मंगलवार को पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के नेतृत्व में बस्तर कांग्रेस विधायकों व नेताओं ने राज्यपाल अनुसुइया उईके से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक-एक सरकारी नौकरी दिए जाने की भी मांग रखी है। 

पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों के चलते नक्सलवाद हुआ बेकाबू, आदिवासियों की हत्याएं हुई

  1. राज्यपाल से मुलाकात के बाद पीसीसी चीफ मोहन मरकमा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की गलत नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद बेकाबू हो गया है। उसे लगाम लगाने के लिए कोई ठोस नीति नहीं तैयार की गई, बल्कि सीधे ग्रामीण आदिवासियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि सारकेगुड़ा में हुई मुठभेड़ को लेकर आई न्यायिक जांच अायोग की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि 28-29 जून 2012 की रात निर्दोष आदिवासियों की नृशंस हत्याएं हुई।

  2. पीसीसी चीफ मरकाम ने कहा कि बीजापुर जिले में बासागुड़ा थाना क्षेत्र के सारकेगुड़ा, बीजपंडुम में बैठक कर रहे महिलाओं, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का मार डाला गया था। इसमें 16 लोगों को रात्रि और 1 की सुबह हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मामले उठाते हुए निर्दोष आदिवासियों को न्याय दिलाने की मांग करती आ रही है। अब इस न्यायिक जांच रिपोर्ट से कांग्रेस पार्टी का आरोप सही साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके गुनाहगारों और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

  3. सीअारपीएफ व अन्य सुरक्षा बलों ने कार्रवाई में नक्सलियों के मारे जाने का किया था दावा

    दरअसल, बीजापुर के सारकेगुड़ा में जून 2012 को सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों से मुठभेड़ की बात कही गई। इसमें 17 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया गया था। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मारे गए लोगों को लगातार ग्रामीण आदिवासी बताते रहे। विरोध बढ़ने पर तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया। आयोग ने नवंबर में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा बलों की एकतरफा कार्रवाई में 17 आदिवासी मारे गए। 

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