छत्तीसगढ़ / ट्रिपल आईटी में हुआ पहला दीक्षांत समारोह, सभी मेडलिस्ट छत्तीसगढ़ से



ट्रिपल आईटी में हुआ दीक्षांत समारोह ट्रिपल आईटी में हुआ दीक्षांत समारोह
X
ट्रिपल आईटी में हुआ दीक्षांत समारोहट्रिपल आईटी में हुआ दीक्षांत समारोह

  • नवा रायपुर स्थित कैंपस में हुआ दीक्षांत समारोह 
  • राज्यपाल और मुख्यमंत्री बने अतिथि 

Dainik Bhaskar

Nov 19, 2019, 10:15 AM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अतिथि बनकर पहुंचे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी)। नवा रायपुर स्थित इस इंस्टीट्यूट के कैंपस में प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान अपने बेहतर प्रदर्शन से मेडल हासिल करने वाले सभी स्टूडेंट्स छत्तीसगढ़ से ही रहे। डायरेक्टर डॉ. पीके सिन्हा ने बताया कि ओवरऑल टॉपर श्रीकांत गुप्ता कसडोल से हैं। चेयरमैन गोल्ड मेडल और बेस्ट प्रोजेक्ट अवॉर्ड पाने वाले शशांक कोटियान रायपुर, बेस्ट सीजीपी अवॉर्ड हासिल करने वालीं अंकिता अश्पिल्लया और श्रृष्टि अग्रवाल भी रायपुर से ही हैं।

69 स्टूडेंट्स को मिली डिग्री

  1. कार्यक्रम में राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा कि तकनीकी शिक्षा संस्थान नवाचार और रचनात्मक कार्यों के केन्द्र के रूप में स्थापित हो। हमें अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नए-नए क्षेत्रों में शोध और रचनात्मकता को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी बौद्धिक संसाधन ही असली ताकत है, जो पूरे विश्व में हमें एक अलग स्थान देती है। इस कार्यक्रम में  उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  उमेश पटेल, आई.आई.टी. दिल्ली के पूर्व निदेशक और एन.बी.ए. के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रसाद, ट्रिपल आई.टी. बोर्ड के अध्यक्ष और एच.सी.एल. के सह संस्थापक अजय चौधरी भी शामिल रहे। दीक्षांत समारोह में 69 विद्यार्थियों को बी.टेक की डिग्री प्रदान की गई।

  2. सीएस डिपार्टमेंट के श्रीकांत गुप्ता ने ओवरऑल टॉपर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।उन्होंने बताया, शुरू से सीएस डिपार्टमेंट में एडमिशन लेना चाहता था, लेकिन एडमिशन नहीं मिला। एनआईटी में सलेक्शन हो गया था, लेकिन डिपार्टमेंट न मिलने के कारण वहां एडमिशन नहीं लिया। इसके बाद ट्रिपलआईटी में इलेक्ट्रॉनिक्स डिपार्टमेंट में एडमिशन मिला। फिर मैंने डिपार्टमेंट चेंज कर लिया। इसके बाद कई कॉम्पिटिशन, प्रोजेक्ट और इटर्नशिप पर ध्यान देते हुए पढ़ाई की। मैं सिलेबस को पूरी तरह कम्पलीट करने की कोशिश करता था। पढ़ने के साथ समझने की ज्यादा कोशिश करता था।

  3. अंकिता और श्रृष्टि को हाइएस्ट सीजीपीए के लिए इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल दिया गया। सीएस की अंकिता ने बताया, लेक्चर में जो पढ़ाया जाता था उसे प्रैक्टिकली करने की कोशिश करती इससे मेरे कॉन्सेप्ट क्लियर होते गए। उनके पापा गिरधारी बिजनेसमैन और मां वीणा हाउसवाइफ हैं। अंकिता फिलहाल बेंगलुरू की एक कंपनी में जॉब कर रही हैं। ईसी की श्रृष्टि ने बताया, क्लास में पूरा इन्वॉल्व रहती थीं। रेगुलर स्टडी पर ध्यान देती थी। पढ़ाई के साथ एंजॉय भी किया। उनके पिता बीएल अग्रवाल फूड डिपार्टमेंट में हैं और मां सुनीता हाउसवाइफ हैं।

  4. शशांक को बेस्ट इनोवेशन के लिए चेयरमैन गोल्ड मेडल और बेस्ट प्रोजेक्ट अवॉर्ड दिया गया। उन्होंने बताया, बीटेक में कई रिचर्स वर्क किए जिसके कारण ये मेडल दिया जा रहा है। अपने स्कूल में भी टॉपर था। अभी जापान क्यूशू यूनिवर्सिटी से एमटेक कर रहा हूं। बीटेक में मैंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) में फ्लो फॉल्ट की खोज की है। एआई का इस्तेमाल गलत कामों में भी होने का खतरा है। अभी मास्टर कोर्स में उसी का सॉल्यूशन खोज रहे हैं। इसके अलावा मैंने इंस्टीट्यूट में होम ऑटोमेशन, ब्लाइंड व्यक्तियों के लिए नेविगेशन सिस्टम में रिसर्च की है। मुझे जैपनिज मेस्ट स्कॉलरशिप मिल चुकी है। प्रैक्टिकल पर ही फोकस ज्यादा रखता था। प्रैक्टिकल करते हुए बहुत कुछ सीखा और समझा। 
     

    DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना