जगदलपुर  / डॉ. अंबेडकर की पुण्यतिथि पर संविधान और उनको साक्षी मानकर बने जीवनसाथी

संविधान को साक्ष्री मानकर विवाह करते वर-वधु संविधान को साक्ष्री मानकर विवाह करते वर-वधु
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संविधान को साक्ष्री मानकर विवाह करते वर-वधुसंविधान को साक्ष्री मानकर विवाह करते वर-वधु

  • शहर की सीमा से लगे तोकापाल में सर्व आदिवासी समाज ने कराया अंतरजातीय प्रेम विवाह
  • दोनों के परिवार के लोग तैयार नहीं थे शादी के लिए, इलाके में अपनी तरह का पहला मामला

दैनिक भास्कर

Dec 07, 2019, 11:55 AM IST

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शुक्रवार को अनोखी शादी हुई। शहर सीमा से लगे तोकापाल में प्रेमी जोड़े ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर संविधान और उनको साक्षी मानकर विवाह कर लिया। युवक और युवतियों के अलग-अलग जाति से होने के कारण उनके परिजन शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद सर्व आदिवासी समाज ने दोनों का अंतरजातीय प्रेम विवाह करा दिया। दोनों ने सर्व आदिवासी समाज में शादी के लिए आवेदन दिया था। 


जिला पंचायत सदस्य रूकमणि कर्मा ने बताया कि नवागांव पलवा निवासी हलधर बघेल आदिवासी तो है, लेकिन वह धुरवा जाति से है। उसे दरभा के केशापुर की रहने वाली चिंतामणि मौर्य से प्रेम हो गया था। चिंतामणि मुरिया जाति से है। ऐसे में इन दोनों के परिवार वाले इनके प्रेम और इनके विवाह के प्रस्ताव को नहीं मान रहे थे। समाज की तरफ से दोनों की प्रेम कहानी और अन्य बातों की जांच की गई। इसके बाद शुक्रवार को संविधान और अंबेडकर को साक्षी मनवाकर इनका विवाह करवाया गया है। 

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