छत्तीसगढ़ / अंतागढ़ टेपकांड: पूर्व सीएम अजीत जोगी और बेटे अमित सहित मंतूराम, डॉ. पुनीत और पूर्व मंत्री मूणत पर केस



Bhupesh Govt's first action in Antagarh Tape
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Bhupesh Govt's first action in Antagarh Tape

  • अंतागढ़ टेपकांड में भूपेश सरकार द्वारा कराई गई यह पहली कार्रवाई है
  • अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मंतूराम ने वक्त गुजरने के बाद चुनाव न लड़ने की घोषणा की थी

Dainik Bhaskar

Feb 04, 2019, 08:28 AM IST

रायपुर. अंतागढ़ टेपकांड उजागर होने के ठीक 3 साल बाद, रविवार रात करीब 1:30 बजे राजधानी के पंडरी थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पूर्व महापौर डॉ. किरणमयी नायक की रिपोर्ट पर अंतागढ़ के तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे व पूर्व विधायक अमित जोगी सहित पूर्व सीएम रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता और पूर्व पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत के खिलाफ 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस रजिस्टर किया। रायपुर एसपी नीतू कमल ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। अंतागढ़ टेपकांड में भूपेश सरकार द्वारा कराई गई यह पहली कार्रवाई है।

 

सरकार के निर्देश पर शनिवार को ही अंतागढ़ टेपकांड की जांच के लिए बनी एसआईटी की कमान रायपुर के प्रभारी आईजी डॉ. आनंद छाबड़ा से लेकर आईजी जीपी सिंह को सौंपी गई थी। एसआईटी ने जांच शुरू करते ही इस मामले में चर्चित हुए फिरोज सिद्दिकी को बुलाकर उससे ऑडियो टेप और पेन-ड्राइव मांगे थे। दोनों चीजें अभी एसआईटी के कब्जे में हैं।

 

इसके बाद एसआईटी ने मंतूराम पवार से भी पूछताछ की थी। उसी के बाद से इस मामले में कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई थी। बताते हैं कि कांग्रेस ने विधिक सलाहकारों से सलाह लेने के बाद पंडरी थाना में एफआईआर इसलिए करवाई, क्योंकि पार्टी मुख्यालय राजीव भवन इसी थाना के अंतर्गत आता है। डॉ. नायक आधी रात थाना पहुंचीं और एफआईआर दर्ज करीब आधा घंटे में केस दर्ज करने की औपचारिकता पूरी हुई।

 

वायरल हुई थी 7 करोड़ की डील, मंतूराम को बिठाने के लिए दिए जाने थे पैसे

अंतागढ़ सीट खाली होने के बाद 12 सितंबर 2014 को वहां उप-चुनाव हुआ। चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के अलावा 13 उम्मीदवार मैदान में थे। पर नाम वापसी की समय सीमा गुजरने के बाद कांग्रेस म्मीदवार मंतूराम पवार ने चुनाव न लड़ने की घोषणा ऐसे समय की जब कांग्रेस दूसरा उम्मीदवार खड़ा नहीं कर सकती थी।

 

उप-चुनाव के एक साल बाद दिसंबर 2015 में मीडिया में अंतागढ़ चुनाव में हुई खरीद-फरोख्त का खुलासा करने वाला टेप सामने आया। जिसमें पूर्व सीएम, उनके बेटे और सरकार से जुड़े लोगों की बातचीत के अंश होने का दावा था। टेप में कथित तौर पर मंगतूराम को चुनाव में बिठाने के लिए 7 करोड़ के लेनदेन की बात थी।

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