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छत्तीसगढ़ सत्ता संग्राम / पहले चरण की 12 सीटों पर भाजपा उतारेगी नए चेहरे, हारे हुए पूर्व विधायक भी लगा रहे जोर



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  • बस्तर संभाग की सभी सीटों पर इस बार होगा कड़ा मुकाबला
  • केदार बदलना चाहते हैं अपनी सीट, नहीं बन पा रही सहमति

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 01:36 AM IST

रायपुर. विधानसभा चुनाव के पहले चरण की सीटों के लिए प्रत्याशी तय करने को लेकर भाजपा में घमासान मचा हुआ है। बस्तर की 12 सीटों पर इस बार कड़ा मुकाबला होना है और भाजपा कोई कसर नही रखना चाहती। प्रत्याशी चयन के लिए भाजपा ने कई दौर के सर्वेक्षण करवाया है। और अब पर्यवेक्षक भेजे जा रहे हैं। पार्टी ने कल पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई है।

 

प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में संगठन से पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे। वे रायशुमारी करेंगे। उनसे प्राप्त  नामों पर प्रदेश  चुनाव समिति की सिफारिश के बाद केन्द्रीय चुनाव समिति घोषणा करेगी पार्टी सही समय पर प्रत्याशी घोषित कर देगी। इसके मुख्यमंत्री रमन सिंह, सौदान सिह और कौशिक 17 अक्टूबर को दिल्ली जाएंगे। जहां अगले दो दिन पार्टी के नेताओं के साथ बैठक होगी। ऐसे में 20 अक्टूबर के बाद ही प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की जाएगी।

 

कई दौर के सर्वेक्षणों से निकले ये नाम
पार्टी नेतृत्व द्वारा कराए गए कई दौर के सर्वेक्षणों से बस्तर के दावेदारों की जो नाम सामने आए हैं । उसके मुताबिक दोनों मंत्री टिकट बचाने में सफल रहे हैं।  सर्वेक्षणों के   मुताबिकदंतेवाड़ा में पूर्व विधायक भीमा मंडावी, कोंटा से धनीराम बारसे, सोयम मुक्का, हुंगाराम मरकाम, केशकाल से महाप्राण पुरोहित की चर्चा है। नारायणपुर-केदार कश्यप, बीजापुर-महेश गागड़ा, अंतागढ़- भोज राज नाग।

 

एकमात्र सामान्य सीट जगदलपुर से वर्तमान विधायक संतोष बाफना के अलावा राजपरिवार के सदस्य व युवा आयोग अध्यक्ष कमल चंद भंजदेव, किरण देव भी दावेदारी कर हे हैं।  है। बस्तर से श्रीमती जबिता मंडावी का नाम प्रमुख है तो यहां पूर्व से विधायक सुभाऊ कश्यप भी है। कोण्डागांव से पूर्व मंत्री लता उसेंडी के साथ ही उनके भाई जसकेतु की चर्चा है तो कांकेर से हीरा सिंह मरकाम, भानुप्रतापपुर प्रभा नेताम, चित्रकोट से गोपाल भारद्वाज, बैदूराम कश्यप, लच्छूराम कश्यप और श्रीमती पार्वती कश्यप का भी नाम है।

 

सेकंड लाइन के नेता न होने से जूझ रही भाजपा
पहले चरण की 18 सीटों में से भाजपा 12 सीटों पर नए चेहरों को मौका दे सकती हैं । ये सभी सीटे इस समय विपक्ष के कब्जे में हैं। वैसे पिछले चुनवाों में हारे पूर्व विधायक भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। इनमें से कुछ को संगठन के बड़े नेताओं का भी टेका मिला हुआ है। वहीं छ सीटों पर चेहरे बदलने की बात हो रही है पर पार्टी ने वहां सेकंड लाइन तैयार नहीं कर पाई है इसलिए पुराने को अवसर मिलने के संकेत हैं।

 

बताया जा रहा हैं कि पार्टी में एक विचार यह भी चल रहा है कि दोनों मंत्रियों समेत 4 में से  किसी भी विधायक की टिकट न काटी जाए। इसी तरह से सीट बदलने की भी अनुमति नहीं  मिलेगी। चर्चा है कि केदार कश्यप सीट बदलना चाह रहे हैं। यह भी खबर है कि पार्टी ने प्रत्याशी चयन की कवायद पूरी कर ली है और अब केवल औपचारिकता रह गई है। पार्टी ने सभी प्रत्याशियों को संकेत देते हुए चुनाव तैयारी करने कह दिया है। संगठन से इतर नाम भी चुनाव मैदान में हो सकते है जो सबको चौंका सकते है।

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