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रायपुर. बीएस-फोर की कार और दुपहिया का स्टॉक खत्म करने के लिए कई लुभावने ऑफर दिए जा रहे हैं। लोग ऑफर में गाड़ियां खरीद भी रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। 15 फरवरी से अब तक 8000 से ज्यादा गाड़ियां बेच दी गई हैं, लेकिन इन गाड़ियों के दस्तावेज रजिस्ट्रेशन के लिए आरटीओ दफ्तर नहीं पहुंचे हैं। मार्च के आखिरी दिन तक वर्कलोड ज्यादा न बढ़े इसलिए सभी डीलरों को 13 मार्च तक गाड़ियों के दस्तावेज भेजने को कहा गया था। आरटीओ की समय सीमा गुजर गई। अब तक गाड़ियों के दस्तावेज आरटीओ दफ्तर नहीं भेजे गए। डीलरों की इस मनमानी से नाराज आरटीओ ने अल्टीमेटम दे दिया है। हालांकि अब डीलर 21 मार्च तक का समय मांग रहे हैं।
31 मार्च के पहले गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर गाड़ियों को खड़ा करना होगा। बीएस-4 की एक भी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा और लोग उनका उपयोग नहीं कर सकेंगे। बीएस-फोर की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन की तारीख अब नहीं बढ़ेगी। इस तारीख तक गाड़ियों के दस्तावेज हर हाल में आरटीओ दफ्तर में पहुंच जाने चाहिए। अभी सबसे ज्यादा बीएस-फोर की गाड़ियों में टू-व्हीलर शामिल हैं। जिनकी बिक्री बाकी है। रायपुर में इनकी संख्या 4 हजार से ज्यादा है। जिन पुरानी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। उनसे अब जुर्माना वसूल किया जाएगा। नियमों के अनुसार गाड़ी की बिक्री के बाद डीलरों को सात दिनों के भीतर उसके दस्तावेज आरटीओ भेजने होते हैं, लेकिन तय समय में दस्तावेज नहीं दिए जाने पर 200 रुपए का जुर्माना लिया जाता है। यह जुर्माना कम होने की वजह से कई बार गाड़ियों के डीलर इसमें लापरवाही बरतते हैं। 1 से 30 दिनों तक यह जुर्माना 300 रुपए का होता है उसके बाद हर महीने 300 रुपए की पेनाल्टी लगती है। राजधानी में करीब 80 ऑटो डीलर है जो अभी बीएस-फोर गाड़ियों की बिक्री कर रहे हैं।
ऑफरों से लुभा रहे लोगों को
बीएस-फोर की गाड़ियां बेचने के लिए ऑटोमोबाइल डीलर लगातार लोगों को कई तरह के लुभावने ऑफर दे रहे हैं। डीलरों का दावा है कि इसका फायदा भी हो रहा है। तय समय तक बीएस-फोर की सभी गाड़ियों की बिक्री कर ली जाएगी। टू-व्हीलर कंपनियों की ओर से भी लगातार इस बात विज्ञापन दिए जा रहे हैं कि नई बीएस-6 की गाड़ियों की कीमत महंगी होगी। इसलिए अभी ऑफरों में सस्ती गाड़ियां खरीदी जा सकती हैं।
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