भास्कर एक्सक्लूसिव / नवा रायपुर के 4 स्टेशनों का बजट 160 से घटाकर 85 करोड़ रुपए किया, अब नहीं बनेंगे शापिंग माॅल

स्टेशन अब इस डिजाइन से नहीं बनेगा। स्टेशन अब इस डिजाइन से नहीं बनेगा।
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स्टेशन अब इस डिजाइन से नहीं बनेगा।स्टेशन अब इस डिजाइन से नहीं बनेगा।

  • आबादी नहीं बसने का पहला नुकसान, स्टेशनों में रहेंगी केवल सामान्य सुविधाएं
  • पिछली योजना में नवा रायपुर और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट को मॉडल स्टेशन के तौर पर डेवलप करने की योजना थी

दैनिक भास्कर

Feb 23, 2020, 02:51 AM IST

रायपुर (अमनेश दुबे) . नवा रायपुर में अब तक बसाहट नहीं होने का असर अब वहां की योजनाओं पर नजर आने लगा है। वहां पटरियां बिछने के साथ-साथ चार रेलवे स्टेशनों का काम भी चल रहा है। लेकिन अब नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने स्टेशनों में शापिंग माॅल बनाने के कांसेप्ट को खारिज करते हुए खर्च घटाकर आधा कर दिया है। अब चारों स्टेशन माॅडल नहीं बल्कि सामान्य होंगे। 


यहां केवल वही सुविधाएं रहेंगी, जो आम स्टेशनों में रहती हैं। यही नहीं, स्टेशन के भवनों का साइज भी घटा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने नवा रायपुर में स्टेशन बनाने का खर्च 160 करोड़ से आधा करने का संकेत दिया था। इसलिए सारी स्पेशलिटी को कम करते हुए यही काम अब 85 करोड़ रुपए में होगा।  


लगभग पांच साल पहले शासन और रेलवे के बीच अनुबंध हुअा था कि नवा रायपुर में चार स्टेशन नवा रायपुर, उद्योग नगर, सीबीडी और मुक्तांगन बनाए जाएंगे। इनके निर्माण का खर्च एनआरडीए को उठाना है। एनआरडीए ने दो माह पहले ही स्टेशन बनाने का काम शुरू किया है। अब तक बजट 160 करोड़ रुपए ही था, लेकिन खर्च घटाते ही सारे स्टेशनों का नए सिरे से लेअाउट बनाया जा रहा है। पिछली योजना में नवा रायपुर अौर सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट को मॉडल स्टेशन के तौर पर डेवलप करने की योजना थी। सभी की प्लानिंग ऐसी की गई थी, जो अगले 30 साल तक काम अाए। लेकिन अब शासन ने एनआरडीए से कह दिया है कि जनरल यूटिलिटी के हिसाब से स्टेशन बनाए जाएं। भविष्य में जरूरत होगी तो इनका विस्तार कर िलया जाएगा। 

रेलवे ने रोका फंड, इसका भी असर
मंदिरहसौद से केंद्री के बीच बिछाई जा रही रेललाइन के लिए एनअारडीए ने अभी तक रेलवे को पूरा पैसा नहीं दिया है। इस कारण रेललाइन प्राेजेक्ट के कई काम प्रभावित हो गए हैं। तय अनुबंध के मुताबिक एनअारडीए को अभी 27 करोड़ रुपए और देने हैं। एनआरडीए के अफसरों ने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 58 करोड़ रुपए देने की बात थी। रेलवे ने इसमें से 31 करोड़ रुपए दे भी दिए। अब एक बार फिर रेलवे के साथ इस मामले में एनअारडीए अनुबंध करेगा और फिर इसके बाद ही बची हुई राशि दी जाएगी। यही पैसे नहीं मिलने से ही यहां बनने वाले छोटे पुलों और अंडरब्रिज प्रभावित हुए हैं।

रेल बजट में मिला है फंड
रेलवे ने अपने बजट में नवा रायपुर लाइन समेत तीन प्रोजेक्ट के लिए 146 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है। यह काम बजट के अभाव में ही रुका था। अफसरों ने बताया कि इस फंड से नवा रायपुर की मंदिरहसौद-केंद्री रेललाइन का काम तेज होगा, जो अभी एक साल लेट हो चुका है। यह काम अब अगले साल मार्च-अप्रैल तक ही पूरा हो पाएगा।

 
अब तक 60 करोड़ ही खर्च
नवा रायपुर में रेललाइन बिछाने के लिए शासन ने रेलवे को 180 एकड़ जमीन दी है। यही नहीं, एनअारडीए ही 5 स्टेशन बनाकर रेलवे को हैंडओवर करेगा। गौरतलब है, 20 किमी रेललाइन का प्राेजेक्ट 2017 में शुरू हुअा था। तब रेलवे ने पटरियां बिछाने में 60 करोड़ खर्च किए हैं। इसमें भी 31 करोड़ राज्य के हैं, अर्थात रेलवे ने 29 करोड़ ही लगाए जबकि 170 करोड़ लगाने थे।  इससे विवाद पैदा हो सकता है।

 नवा रायपुर के प्रस्तावित 4 स्टेशनों में शॉपिंग मॉल नहीं बनेंगे। सामान्य सुविधाओं के हिसाब से निर्माण होगा। बाद में अाबादी बढ़ी, तब अन्य सुविधाओं पर विचार करेंगे।एनएन एक्का, सीईओ एनआरडीए

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