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डाउनलोड करेंदंतेवाड़ा. जगदलपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर शनिवार को सर्च पर निकले जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया। नक्सलियों ने पहले आईईडी ब्लास्ट किया और फिर फायरिंग शुरू कर दी। ब्लास्ट की चपेट में आकर पुलिस की छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (सीएएफ) के दो जवान शहीद हो गए, जबकि सीआरपीएफ का एक जवान घायल हुआ है। जवाब में जवानों ने भी फायरिंग की, जिसके बाद नक्सली मौके से भाग निकले।
बारसूर पल्ली सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। नक्सली बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण बोधली कैंप से सीएएफ और पुष्पाल कैंप से सीआरपीएफ 195 बटालियन के जवानों को रोड ओपनिंग के लिए भेजा गया था। जवान जगदलपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर मारडूम क्षेत्र से पुष्पाल के आगे घोटियामोड़ के पास पहुंचे ही थे कि नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। इसके बाद नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
आईजी बस्तर पी. सुंदरराज ने बताया- प्रेशर आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर सीएएफ के प्रधान आरक्षक उपेंद्र साहू, जो की पथरागुड़ा, जगदलपुर जिला बस्तर के रहने वाले थे और प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह जो कि जनार्दनपुर जिला सतना, मध्यप्रदेश के रहने वाले थे शहीद हो गए। घायल हुए सीआरपीएफ के एएसआई एएसएम रहमान की हालत स्थिर बताई जा रही है। नक्सलियों की फायरिंग के जवाब में जवानों ने भी कार्रवाई की। थोड़ी देर चली मुठभेड़ के बाद जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली वहां से भाग निकले।
बताया जा रहा है कि गोलीबारी के बीच नक्सली एक एके-47 और वाॅकी टाॅकी लूटकर ले गए हैं। हालांकि अफसर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। इधर ब्लास्ट और दो जवानों के शहीद होने के बाद भी जवानों ने जंगल नहीं छोड़ा है और मौके से भाग खड़े होने वाले नक्सलियों को घेरने में लगे हुए हैं। बस्तर एसपी दीपक झा ने बताया कि जवान अभी लौटे नहीं हैं, उनकी वापसी के बाद ही घटना की पूरी जानकारी मिल पाएगी।





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