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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- राम-राम, जोहार कहने से नहीं फैलते कोरोना जैसे वायरस

एक वर्ष पहले
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इसी कार्यक्रम में मंच से मुख्यमंत्री ने यह बात कही। - Dainik Bhaskar
इसी कार्यक्रम में मंच से मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
  • मुख्यमंत्री ने दुर्ग के डड़सेना कलार समाज के कार्यक्रम में दिया यह बयान
  • उन्होंने कहा- हैंडशेक अंग्रेजों की परंपरा, छूने से बढ़ेगा संक्रमण का खतरा

दुर्ग. ''राम-राम, पालागी ( पैर छूना ) और जोहार (नमस्ते का छत्तीसगढ़ी शब्द ) अभिवादन की हमारी परंपराएं हैं जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी उपयोगी हैं। कोरोना जैसे वायरस जो हाथों का स्पर्श करने से फैलते हैं। उनसे बचने के लिए अभिवादन का यह तरीका बहुत उपयोगी है। हैंडशेक अंग्रेजों की परंपरा है। अपनी परंपरा बहुत समृद्ध है"- यह बातें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहीं। वह जिले के जामगांव एम में आयोजित छत्तीसगढ़ डड़सेना कलार समाज के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को धान खरीदी की शेष राशि 1 अप्रैल से मिलनी आरम्भ हो जाएगी।

उन्होंने कहा - '' हमने किसानों से वायदा किया था कि 2500 रुपये धान खरीदी का देंगे। इस वायदे को पूरा करने और शेष 685 रुपये की राशि प्रदान करने राजीव गांधी किसान न्याय योजना प्रारंभ की जा रही है।''


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल किसानों का 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के हितों को बढ़ावा देने हमने केंद्र से धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति चाही है जो अभी तक मिल नहीं सकी है। अनुमति मिल जाती है तो धान का बेहतर मूल्य तो किसानों को मिलेगा ही, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी हो सकेगा।

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