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छत्तीसगढ़  / अंबिकापुर में 3 टीएस बाबा, सक्ती में दो मेघाराम साहू तो कवर्धा में दो अशोक साहू चुनाव मैदान में



Chhattisgarh Election: Suddenly came in the headlines anonymous name
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Chhattisgarh Election: Suddenly came in the headlines anonymous name

  • एकाएक सुर्खियों में आ गए गुमनाम हमनाम, कई सीटों पर आजमा रहे किस्मत
  • अपने इलाके में चर्चित उम्मीदवारों के लिए हमनाम बन रहे चुनौती 

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:17 AM IST

बृजेश उपाध्याय। रायपुर. कहीं काम के बूते तो कहीं किसी और जरिए से नाम कमा चुके प्रत्याशियों को इस बार भी उनके हमनाम उम्मीदवार चुनौती देंगे। पिछला लोकसभा चुनाव तो आपको याद ही होगा। महासमुंद सीट से 11 चंदूलाल। कुछ ऐसी ही रणनीति इस बार कई सीटों पर है। 

 

कहीं भाजपा तो कहीं कांग्रेस प्रत्याशी के ऐसे हमनाम सामने होंगे, जो अब तक गुमनाम रहे। चुनाव आया तो एकाएक सुर्खियों में आ गए। सबसे रोचक है अंबिकापुर सीट का मामला, जहां से कांग्रेस प्रत्याशी एवं नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के खिलाफ दो और टीएस सिंह चुनाव मैदान में हैं। 

 

सिंहदेव को उनके इलाके में 'बाबा' के नाम से जाना जाता है। सो हमनाम उम्मीदवारों के नाम भी बाबा जुड़ गया। ऐसे में उन्हें वोटरों को, खासकर ग्रामीणों को यह बताना पड़ रहा है कि सिर्फ नाम नहीं, निशान देखकर वोट दें। पिछला चुनाव टीएस सिंहदेव 19500 वोटों के अंतर से जीते थे। 

 

विपक्षियों ने इस अंतर को पाटने के लिए हमनामों का ट्रिक आजमाना पड़ा। दरअसल, चुनाव में प्रत्याशियों के नाम घोषित होते ही विपक्षी हमनाम की खोज में लग जाते हैं। कई सीटों पर प्रत्याशी फिक्स होने के चलते पहले से ही हमनाम खोजकर चुनाव में लड़ने के लिए तैयार कर लिए जाते हैं।

 

इनमें कई ऐसे उम्मीदवार भी होते हैं, जो केवल नाम के चलते ही मैदान में लाए जाते हैं या आते हैं। कोरबा में इस बार भाजपा के उम्मीदवार विकास महतो के खिलाफ एनसीपी (नेशनल कांग्रेस पार्टी) ने विकास कुमार महतो को मैदान में उतारा है। विकास कुमार महतो ने अपना व्यवसाय टाइल्स लगाना बताया है। शपथ-पत्र के अनुसार उनके खाते में 143 रुपए हैं और चुनावी खाते में 10 हजार रुपए। गाड़ी के नाम पर एक पुरानी बाइक है। 

 

अंतर पाटने उतारे हमनाम 
2013 में चंद्रपुर में बीएसपी के रामकुमार यादव 6217 वोटों से पिछड़े थे। कवर्धा से भाजपा के अशोक साहू 2558 वोटों से जीते। ऐसे अंतर हमनाम कवर करते हैं। 


राजनांदगांव: 20 निर्दलीय 
राजनांदगांव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कांग्रेस से करुणा शुक्ला के साथ मैदान में 28 और प्रत्याशी भी हैं। इनमें 20 निर्दलीय तो आठ अन्य दलाें के प्रत्याशी हैं। 


11 चंदूलाल उतरे, फिर भी हारे थे जोगी 
2014 में महासमुंद लोकसभा सीट से भाजपा ने चंदूलाल साहू को और कांग्रेस ने अजीत जोगी को प्रत्याशी बनाया था। यहां भाजपा के उम्मीदवार के अलावा 10 और चंदूलाल साहू मैदान में उतारे गए थे। माना जाता है कि मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए कहीं न जोगी ने यह ट्रिक आजमाया था। बावजूद इसके भाजपा प्रत्याशी चंदूलाल साहू विजयी रहे। 


पीएम के खिलाफ भी उतारे थे हमनाम 
गुजरात के वड़ोदरा संसदीय क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार नरेंद्र बाबूलाल मोदी को मैदान में उतारा गया था। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पश्चिमी दिल्ली सीट पर तीन जरनैल सिंह चुनाव मैदान में उतरे थे। मथुरा सीट से भाजपा उम्मीदवार अभिनेत्री हेमा मालिनी के खिलाफ उन्हीं की हमनाम को निर्दलीय उतारा गया था। 


इन सीटों पर उतरे हमनाम 

 

विधानसभा पार्टी उम्मीदवार हमनाम उम्मीदवार
अंबिकापुर  टीएस बाबा (कांग्रेस) 

टीएस सिंह बाबा (जनता कांग्रेस) 

टीएस सिंह बाबा (निर्दलीय) 

सक्ती  मेघाराम साहू (भाजपा)  मेघाराम साहू (एनसीपी) 
कोरबा  विकास महतो (भाजपा)  विकास कुमार महतो (एनसीपी) 
प्रतापपुर  डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम (कांग्रेस)

प्रेमसाय सिंह प्रेमसाय (निर्दलीय)

प्रेमसाय सिंह (निर्दलीय)

मरवाही  गुलाब सिंह राज (कांग्रेस) गुलाब सिंह पैकरा (निर्दलीय) 
चंद्रपुर 

रामकुमार यादव (कांग्रेस)

तांजलि पटेल (बसपा) 

गीतांजलि पटेल (निर्दलीय)

रामकुमार यादव (निर्दलीय) 

कसडोल शकुंतला साहू (कांग्रेस)  शकुंतला साहू (एनसीपी) 
दुर्ग  ग्रामीण जागेश्वर साहू (भाजपा)  जागेश्वर कुमार साहू (निर्दलीय) 
कवर्धा  अशोक साहू (भाजपा)  अशोक साहू (छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच) 
कटघोरा  पुरुषोत्तम कंवर (कांग्रेस) पुरुषोत्तम सिंह कंवर (जनता कांग्रेस) 
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