पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • Chhattisgarh Is The First State In The Country Where The Health Department Has Made Such Arrangements, Free Treatment In The Account Of The Incentive Doctor And The Entire Staff

छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य जहां स्वास्थ्य विभाग ने की ऐसी व्यवस्था, फ्री इलाज का इंसेंटिव डॉक्टर और पूरे स्टाफ के खाते में

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रदेश में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना (आयुष्मान भारत योजना) लागू। - Dainik Bhaskar
प्रदेश में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना (आयुष्मान भारत योजना) लागू।
  • स्वास्थ्य विभाग ने मार्च से नई व्यवस्था लागू कर दी है
  • अंबेडकर समेत दूसरे अस्पतालों को फ्री इलाज का पैसा दिया जाएगा

रायपुर (पीलूराम साहू ) . मेडिकल कॉलेज समेत सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी में फ्री इलाज करने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ का इंसेंटिव अब सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगा। स्वास्थ्य विभाग ने मार्च से नई व्यवस्था लागू कर दी है। जब भी अंबेडकर समेत दूसरे अस्पतालों को फ्री इलाज का पैसा दिया जाएगा, उसी समय इंसेंटिव भी बैंक खाते में पहुंच जाएगा। अफसरों का दावा है कि इस तरह की व्यवस्था करने वाले छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
 
 प्रदेश में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना (आयुष्मान भारत योजना) लागू है। इसके पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (अारएसबीवाय) व मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाय) लागू थी। कुल पैकेज की 40 फीसदी राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा होती है। जबकि 35 फीसदी राशि इलाज के लिए जरूरी दवा खरीदने के लिए उपयोग किया जाता है। वहीं पैकेज का 25 फीसदी राशि इंसेंटिव के रूप में डॉक्टरों के अलावा इलाज या सर्जरी करने वाली टीम में शामिल नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को दिया जाता है। उदाहरण के लिए वॉल्व रिप्लेसमंेट का पैकेज डेढ़ लाख रुपए है। 25 फीसदी के हिसाब से इंसेंटिव 37.5 हजार रुपए होता है। इस राशि को डॉक्टरों को 15 फीसदी व बाकी राशि नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को दिया जाता है। अभी तक ये राशि अस्पताल अधीक्षक के माध्यम से बांटी जाती रही है। इसमें अनियमितता की शिकायत भी आती रही है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने इंसेंटिव सीधे बैंक अकाउंट में जमा करने का निर्णय लिया है। सर्जरी टीम में डॉक्टर के अलावा कौन-कौन रहे, इसकी जानकारी एचओडी के माध्यम से नोडल एजेंसी को भेजा जाएगा। इसलिए कोई गफलत होने की आशंका नहीं है। दरअसल एचओडी ही विभाग प्रमुख होता है, इसलिए नाम उनकी ओर से जाएगा। 

सबसे ज्यादा इंसेंटिव कैंसर व किडनी के डॉक्टरों को : अभी तक सबसे ज्यादा इंसेंटिव कैंसर व किडनी रोग विभाग के डॉक्टरों को मिलता रहा है। दरअसल इन दोनों विभागों में स्मार्ट कार्ड से सर्वाधिक इलाज होते रहा है। हालांकि मेडिसिन, न्यूरो सर्जरी, पीडियाट्रिक, ऑब्स एंड गायनी समेत दूसरे विभागों में भी फ्री इलाज होता है। लेकिन स्मार्ट कार्ड से सबसे ज्यादा इलाज कैंसर व किडनी के मरीजों का हुआ है। बाकी विभाग के डॉक्टर अस्पताल अधीक्षक से शिकायत करते रहे हैं कि उन्हें आखिर इंसेंटिव क्यों नहीं मिल रहा है? 

प्रदेश में 919 करोड़ का इलाज फ्री
इस योजना में अब तक 918 कराेड़ 90 लाख रुपए का मुफ्त इलाज हो चुका है। इसके एवज में अस्पतालाें काे 668 कराेड़ 78 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। बाकी भुगतान समय-समय पर किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अब फरवरी का भुगतान बाकी है। प्रदेश में कुल 1291 सरकारी-निजी पंजीकृत अस्पतालाें में फ्री इलाज हो रहा है। कुल राशन कार्डधारी 65 लाख 20 हजार 706 हैं। इनमें 60 लाख परिवार को सालाना पांच लाख व बाकी को 50 हजार रुपए तक फ्री इलाज का लाभ मिल रहा है। वहीं मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना में 20 लाख रुपए तक का इलाज फ्री किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...