छत्तीसगढ़  / कोरबा नगर निगम भी भाजपा के हाथ से फिसला, कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद नए महापौर निर्वाचित

कोरबा नगर निगम चुनाव में महापौर चुने जाने के बाद कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद प्रमाणपत्र लेते हुए। कोरबा नगर निगम चुनाव में महापौर चुने जाने के बाद कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद प्रमाणपत्र लेते हुए।
कोरबा नगर निगम कोरबा नगर निगम
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कोरबा नगर निगम चुनाव में महापौर चुने जाने के बाद कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद प्रमाणपत्र लेते हुए।कोरबा नगर निगम चुनाव में महापौर चुने जाने के बाद कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद प्रमाणपत्र लेते हुए।
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  • कांग्रेस ने दिखाया 10 का दम : प्रदेश के सभी नगर निगमों से भाजपा का सूपड़ा साफ
  • बागी और निर्दलीयों ने भी दिया कांग्रेस काे समर्थन, बहुमत के बावजूद हाथ गई भाजपा

दैनिक भास्कर

Jan 10, 2020, 04:38 PM IST

कोरबा. छत्तीसगढ़ के सभी 10 नगर निगमों से भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया। कांग्रेस ने दम दिखाते हुए कोरबा के नगर निगम पर भी अपना कब्जा कर लिया। शुक्रवार को हुए चुनाव में कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद नए महापौर निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने भाजपा की उम्मीदवार ऋतु चौरसिया को महज एक वोट से हराकर अपनी जीत दर्ज की। बागी और निर्दलीयों के साथ बाद अंतिम समय में जोगी कांग्रेस ने भी हाथ का साथ थाम लिया। जिसके चलते कांग्रेस का पक्ष मजबूत हो गया। 

नगर निगम  महापौर सभापति
रायपुर एजाज ढेबर प्रमोद दुबे
दुर्ग  धीरज बाकलीवाल राजेश यादव
रायगढ़ जानकी काटजू जयंत ठेठवार
धमतरी   विजय देवांगन अनुराग मसीह
चिरमिरी   कंचन जायसवाल गायत्री
काेरबा राजकिशोर प्रसाद श्यामसुंदर सोनी
राजनांदगांव हेमा देशमुख हरिनारायण धकेता
बिलासपुर रामशरण यादव शेख नजिरुद्दीन
जगदलपुर साफिरा साहू कविता साहू
अंबिकापुर डॉ. अजय तिर्की अजय अग्रवाल

जोगी कांग्रेस के दो पार्षद बने महापौर के निर्णायक, भाजपा 33 पर ही अटकी 

कोरबा में शहर सरकार चुनने के लिए कांग्रेस अपनी ओर से पूरी जोर आजमाइश लगाए हुए थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जहां इसको लेकर पसोपेश में थे, वहीं एक दिन पहले से वहां डेरा जमाए पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम जीत के लिए शुरू से निश्चिंत थे। कोरबा नगर निगम में हैं 67 वार्ड, 31 में भाजपा, 25 कांग्रेस और 11 मेें जोगी कांग्रेेस सहित अन्य ने दर्ज की थी। शुक्रवार को हुए मतदान के दिन कांग्रेस के राजकिशोर प्रसाद को 34 वोट मिले है, जबकि भाजपा की ऋतु चौरसिया को 33 पार्षदों का समर्थन मिला। 

दरअसल, शुरू में बने समीकरण के आधार पर भाजपा ने एक बागी और एक निर्दलीय का समर्थन लेकर 33 का आंकड़ा छू लिया था, जो कि अंतिम समय तक उसके साथ रहे। वहीं कांग्रेस 3 बागी और 2 सीपीएम के पार्षदों को मिलाकर 31 तक ही पहुंच गई। दिन निकलते ही बसपा के भी एक पार्षद ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। ऐसे में दोनों दलों के पास निगम में लगभग बराबर की स्थिति हो गई। इसके बाद जोगी कांग्रेस के दो पार्षद निर्णायक की भूमिका में पहुंच गए। 

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