छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव / दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित 10 गांवों में राज्य के गठन के बाद पहली बार मतदान

दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित गांव मड़कामीरास में पहली बार बूथ बना। दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित गांव मड़कामीरास में पहली बार बूथ बना।
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दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित गांव मड़कामीरास में पहली बार बूथ बना।दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित गांव मड़कामीरास में पहली बार बूथ बना।

  • तीसरे चरण में सोमवार को छत्तीसगढ़ के 27 जिलों के 53 विकासखंडों में वोटिंग
  • दंतेवाड़ा के पोटाली इलाके के गांवों में 20 साल बाद चुनाव, 3 गांव में पोलिंग बूथ बने

दैनिक भास्कर

Feb 03, 2020, 03:18 PM IST

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ में सोमवार को पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में 27 जिलों के 53 विकासखंडों में वोट डाले गए। इस दौरान दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित 10 गांवों में राज्य के गठन के बाद पहली बार मतदान हुआ। यह गांव कुआकोंडा ब्लॉक में हैं। घने जंगल और नक्सल प्रभावित होने के चलते इन गांवों में पहले बूथ ही नहीं बनता था। 3 गांव अरबे, पोटाली और मड़कामीरास में पहली बार बूथ बनाया गया है। इससे पहले 10 से 15 किमी दूर अरनपुर और समेली में बूथ बनते थे, जहां ग्रामीण नहीं पहुंचते थे। ऐसे में इन गांवों में मतदान प्रतिशत शून्य ही रहता था।

जहां गोपनीय सैनिक की हत्या और आईईडी ब्लास्ट, वहां वोटिंग का उत्साह

दंतेवाड़ा के पोटाली इलाके में जहां जीरो मतदान होता था, वहां बूथ पर लगी मतदाताओं की लाइन।

पोटाली इलाके में विधानसभा चुनाव के दौरान सिर्फ 1 या 2 प्रतिशत ही वोेट पड़े। इसी इलाके में चुनाव से ठीक दो दिन पहले नक्सलियों ने एक गोपनीय सैनिक की हत्या कर दी। रविवार को आईईडी ब्लास्ट किया। वहां मतदान को लेकर उत्साह है। पोटाली कैंप खुलने के बाद यहां पक्की सड़क बनी, राशन दुकान खुली, तिरंगा फहराया गया। ऐसे में जहां नक्सलियों के चुनाव विरोधी बैनर, पोस्टर के चलते कोई प्रचार करने नहीं जाता था। वहां इस बार चुनावी प्रचार के बैनर, पोस्टर अटे पड़े हैं।

कुआकोंडा ब्लॉक से सबसे ज़्यादा 14 पोलिंग बूथों को शिफ्ट किया गया है। इसमें हिरोली के दो, कुटरेम का एक और गुमियापाल के 3 पोलिंग बूथों को मड़कामीरास में, वहीं जबेली के दो, रेवाली के दो बूथों को अरबे में, नीलावाया को पोटाली, तनेली, नहाड़ी, ककाड़ी, मुलेर को अरनपुर में शिफ्ट किया गया है। अरबे को पहली बार ग्राम पंचायत बनाया गया है। इससे पहले यह नीलावाया का आश्रित गांव था। जिन गांवों में पहली बार मतदान हो रहा है उसमें नीलावाया, बुरगुम, पोटाली, अरबे, मड़कामीरास, हिरोली, रेवाली, बर्रेम, नहाड़ी, जबेली शामिल हैं।

आजादी के बाद पोटाली इलाके में पहली बार सड़क बनी। 

पोटाली कैंप में 6 पोलिंग बूथ बनाए गए। यहां पोटाली के अलावा बुरगुम और नीलावाया के लोगों ने वोट डाले। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा कहते हैं कि मतदाताओं में लोकतंत्र के प्रति विश्वास जगा है। इस इलाके में अच्छी वोटिंग हुई। वहीं. एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि पोटाली में कैंप खुलने के बाद ग्रामीणों का फोर्स और प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है।

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