विज्ञापन

छत्तीसगढ़ विधानसभा / एसआईटी को सौंपी गई कैग रिपोर्ट को भाजपा ने बताया सदन की अवमानना

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 01:24 PM IST


chhattisgarh vidhansabha cag report handed over to sit bjp calls it insult of house
X
chhattisgarh vidhansabha cag report handed over to sit bjp calls it insult of house
  • comment

  • कहा- सदन में रखे जाने के बाद दी गई, सरकार के ऐसे कृत्य भविष्य के लिए उचित नहीं
  • विपक्ष ने कहा- जेल में कैदियों की मौत गंभीर मामला, विधानसभा अध्यक्ष से जांच की मांग

रायपुर. कैग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होने के बाद एसआईटी जांच के लिए सौंपे जाने पर बुधवार को भाजपा ने इसे सदन की अवमानना बताया है। भाजपा विधायकों ने कहा कि सरकार का ऐसा कृत्य भविष्य के लिए उचित नहीं है। विधायकों ने स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की। 

सदन में पेश होने के बाद एसआईटी को सौंपने पर आपत्ति, अध्यक्ष ने कहा मामला मेरे विचाराधीन

  1. विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन कैग की रिपोर्ट सदन में पेश होने के बाद एसआईटी जांच को सौंपे जाने पर आपत्ति जताई गई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, कैग की रिपोर्ट सीधे किसी एजेंसी को जांच के लिए दी गई है, जबकि विधानसभा चल रही है।

  2. उन्होंने कहा कि लोक लेखा समिति से बड़ी कोई जांच एजेंसी प्रदेश में नहीं है। वहीं  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सदन की शुरुआत है। अगर  आज सरकार के ऐसे कृत्यों से नहीं रोका गया तो यह भविष्य के लिए उचित नहीं है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला मेरे विचाराधीन है। 

  3. गृहमंत्री ने विधानसभा में बताया दो साल में 110 कैदियों की हुई मौत

    वहीं जेलों में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों और कैदियों की मौत का मामला भी सदन में गूंजा। बसपा विधायक केशव चंद्रा जांजगीर-चांपा जेल में मृत कैदी गौरव तंबोली का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मृतक कैदी की पत्नी ने शिकायत की है कि जेलर की लापरवाही से मौत हुई है। बीमार कैदी को वक्त पर इलाज नहीं मिला। 

  4. इस पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने जवाब देते हुए कहा कि विचाराधीन कैदी गौरव तंबोली 5 अगस्त 2018 को जेल दाखिल हुआ था। 8 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर जेल डॉक्टर एनके ध्रुव ने बंदी का उपचार किया। बंदी स्वस्थ था।  रात में फिर तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां उपचार के दौरान रात साढ़े 9 बजे मौत हो गई। 

  5. इस पर बसपा विधायक केशव चंद्रा ने कहा कि प्रश्नवाधि में दो मौत हुई है।  जेल में नरेंद्र बरे नाम के कैदी की भी मौत प्रश्नावधीन अवधि में हुई थी।  सदन में गृहमंत्री एक ही कैदी का जिक्र कर रहे हैं। वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मंत्री के जवाब में विरोधाभास है। ये गंभीर मामला है, इसे सदन की समिति से जांच कराई जानी चाहिए।

  6. बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रश्नावधीन अवधि में दो कैदी की मौत हुई है। शासन की ओर से गलत जानकारी मुहैया कराना विधानसभा का अपमान है। अधिकारियों ने मंत्री को गलत जानकारी दी है। विधानसभा को गुमराह किया गया है। इस मामले को विधानसभा अध्यक्ष प्रश्न संदर्भ समिति को भेज दें। 

  7. इस पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सदस्य के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक 53 और 1 अप्रैल 2017 से लेकर 31 मार्च 2018 तक कुल 57 कैदियों की मृत्यु हुई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि हम सभापति से यही अपेक्षा करते हैं कि सदन की समिति से जांच कराई जानी चाहिए।

  8. इसे लेकर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि इस मामले में किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं है। सदन को किसी तरह से गुमराह नहीं किया जा रहा है। वर्षवार जानकारी मैंने सदन में दे दी है।अजीत जोगी ने कहा कि यह सामान्य घटना नहीं है। 

  9. उन्होंने कहा कि जेल में मृत्यु हुई है। सदस्य जिन कैदियों की मृत्यु हुई है, उनका नाम भी बता रहे हैं। ऐसी स्थिति में सच्चाई का पता लगाने आसंदी जांच का फैसला लें। अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने कहा कि सदस्य विधिवत जानकारी लिखकर दे यदि हमें उपयुक्त लगेगा तो हम जांच के लिए विचार करेंगे।

COMMENT
Astrology
Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें