छत्तीसगढ़ / नान घोटाले के मुख्य आराेपी ने कहा- पूर्व सीएम रमन के दबाव में बनाए 21 लाख फर्जी राशनकार्ड



पूर्व सीएम रमन सिंह। पूर्व सीएम रमन सिंह।
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पूर्व सीएम रमन सिंह।पूर्व सीएम रमन सिंह।

  • शिव शंकर भट्‌ट ने कोर्ट में शपथपत्र देकर कहा- फर्जी राशनकार्ड से हर साल 3 हजार करोड़ का घोटाला
  • शासन को हर महीने 236 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, पूर्व खाद्य मंत्री मोहिले पर भी आरोप

Dainik Bhaskar

Sep 14, 2019, 10:09 AM IST

रायपुर. राज्य के मशहूर नान घोटाले मामले में नया मोड़ आया है। मुख्य आरोपी तत्कालीन मैनेजर शिव शंकर भट्‌ट ने कोर्ट में धारा 164 के तहत शपथ पत्र दिया है। शपथपत्र में भट्ट ने कहा कि 2013 में 21 लाख फर्जी राशन कार्ड तत्कालीन सीएम और खाद्यमंत्री के दबाव में बनाए गए। इससे सरकार को हर साल करीब 3 हजार करोड़ का नुकसान हुआ।

 

भट्ट ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने अफसरों को 236 करोड़ की क्षतिपूर्ति की गारंटी बिना कैबिनेट के अनुमोदन स्वीकृत कर दी। बकौल भट्ट - पूर्व सीएम ने खुद के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए यह रकम जारी करने का आदेश दिया था। मैंने आपत्ति की तो उन्होंने कह दिया था कि इससे पार्टी को बड़ा फंड मिलेगा। विधानसभा और उसके बाद पंचायत चुनाव के लिए बड़ा खर्च होना है। चाहें तो आप लोगों को पैसे मिलेंगे और अगर काम नहीं किया तो इसके परिणाम भुगतने होंगे।


लगभग चार साल जेल में रहने के बाद नान घोटाले का मुख्य आरोपी तथा तत्कालीन प्रबंधन शिवशंकर भट्ट कलमबंद बयान के लिए शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद कचहरी पहुंचा। वकीलों के साथ कुछ देर में भट्ट दोपहर करीब 2.30 बजे जेएमएफसी नीरज श्रीवास्तव की अदालत में पेश हुआ और धारा 164 के तहत शपथपत्र पेश किया गया।

 

शपथपत्र की एक प्रति भास्कर के पास है। उसके अनुसार भट्ट ने कहा कि पूर्व सीएम रमन ने 6-7 अगस्त 2013 को सभी अफसरों से चुनाव की फंडिंग में सहयोग करने का दबाव डाला था। नान का कोई अफसर उस समय विरोध नहीं कर सका। पूर्व खाद्य मंत्री पुन्नुलाल मोहले ने भी कहा कि आप सभी मुख्यमंत्री की बातों का पूरी तरह से पालन करें। अफसर असहमत थे, लेकिन दबाव में सब करना पड़ा।

 

फर्जी कार्डों से 3 सालों तक चावल, दाल, चना का घोटाला किया गया

शपथपत्र में भट्ट ने 2013 में 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बनाने का उल्लेख करते हुए कहा- पूर्व सीएम के अलावा पूर्व मंत्री मोहले और तत्कालीन नान चेयरमैन लीलाराम भोजवानी ने फर्जी कार्ड बनवाए थे। इन राशन कार्डों का उपयोग 3 साल तक चावल, चना दाल, नमक, मिट्टी तेल, गैस और खाद्य पदार्थों की अफरा-तफरी में किया गया। इन फर्जी राशन कार्डों से हर महीने शासन को 266 करोड़, अर्थात सालभर में शासन को 3 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। इसके बाद डा. रमन ने लोगों के सामने स्वीकार किया कि 12 लाख कार्ड फर्जी हैं, उन्हें निरस्त किया जाएगा। 
 

शपथपत्र कोर्ट में लंबित
हालांकि मामले में शिव शंकर भट्ट ने कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने अावेदन दिया था, जिस पर कोर्ट ने 25 सितंबर की तारीख दी है। शपथपत्र भी कोर्ट में पेश हो गया है, लेकिन अदालत ने अब तक निर्देश नहीं दिए हैं कि इसे नान घोटाले की जांच में शामिल किया जाएगा या नहीं।

 

सीएम हाउस में 3 करोड़ देने की बात मनगढ़ंत: रमन
नान घोटाले के आरोपी शिवशंकर भट्‌ट के 164 के तहत शपथ पत्र के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि जो खुद इस मामले का मुख्य आरोपी रहा है जिसकी जमानत हाईकोर्ट ने भी रद्द कर दी उससे दवाबपूर्वक सरकार ने बयान दर्ज करवाया है। रमन सिंह ने कहा कि यह सरकार अपराधियों के कंधों पर बंदूक रखकर चला रही है। नान घोटाले में अपना नाम आने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डा. सिंह ने कहा कि तत्कालीन सीएम हाउस में जो भी आता-जाता है उसका पूरा रिकार्ड रखा जाता है इसलिए तीन करोड़ छोड़ने की बात पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। उन्होंनेे कहा कि भट्‌ट उनके आैर पुन्नूलाल के साथ काम कर चुका है इसलिए उन्हें फंसाने के लिए ही उसने ऐसा बयान दिया है।


लेनदेन के आरोप पर उन्होंने कहा कि भाजपा चेक से लेनदेन करती है और हर साल इसका ऑडिट होता है। जहां तक 21 लाख फर्जी राशनकार्ड की बात है तो नाम जोड़ने का काम पंचायतों का होता है रमन सिंह ने किसी का नाम नहीं जोड़ा है। उन्होंने कहा कि मंतूराम से भी सरकार ने दबावपूर्वक बयान दिलवाया है। क्योंकि उसने हाईकोर्ट में कुछ और बयान दिया था। रमन ने इसे कांग्रेस द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करार दिया है। उन्होंने भीमा मंडावी की हत्या पर कहा कि जिस दिन नामांकन दाखिल करना था ठीक उसी दिन उसकी रिपोर्ट पेश कर उसे सामान्य घटना बताने की कोशिश की गई। कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसा किया है।

 

अगला अटैक रमन के परिवार पर : अजीत जोगी
जनता कांग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी ने दिल्ली से लौटते ही सरकार पर हमला बोला। अस्पताल में  बेटे अमित जोगी से मिलकर बाहर आने के बाद अजीत जोगी ने कहा कि पर्सनल अटैक हो रहे हैं। राजनीति में भूपेश बघेल ने इसकी संभावनाएं पैदा कर दी हैं। अब अगला अटैक रमन सिंह के परिवार पर होगा। अमित जोगी को गिरफ्तार करके भूपेश बघेल ने जोगी परिवार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। अभी अजीत जोगी, रेणु जोगी और ऋचा जोगी बाहर हैं। भूपेश बघेल ने शुरू किया है, अब बात निकली है तो दूर तलक जाएगी।

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