इंटरव्यू / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भास्कर के न्यूजरूम में प्रदेश से देश तक हर मुद्दे पर चर्चा की

सीएम भूपेश बघेल को भास्कर के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल की जीवनी पर लिखी गई पुस्तक भेंट की गई। सीएम भूपेश बघेल को भास्कर के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल की जीवनी पर लिखी गई पुस्तक भेंट की गई।
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सीएम भूपेश बघेल को भास्कर के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल की जीवनी पर लिखी गई पुस्तक भेंट की गई।सीएम भूपेश बघेल को भास्कर के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल की जीवनी पर लिखी गई पुस्तक भेंट की गई।

  • मोनो रेल पर बोले- स्काई वाॅक पर यह सिस्टम बन पाया तो मोनो रेल पर विचार
  • खेती-किसानी पर कहा- एग्रो इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने से राज्य को नई दिशा

दैनिक भास्कर

Jan 02, 2020, 02:05 AM IST

रायपुर. प्रदेश में अफसरशाही पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो-टूक कहा - अफसरों से कह दिया है कि वे शासन करने नहीं बैठे हैं। उनका काम जनता की सेवा करना है, इसे भूले नहीं और संभल जाएं। दैनिक भास्कर न्यूजरूम में सीएम भूपेश बघेल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि नक्सलवाद पर हम हवाई घोषणा नहीं करते। अांकड़े बता रहे हैं कि प्रभावित इलाकों में नक्सल वारदातें पिछले सालों की तुलना में अाधी से भी कम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसमुक्त भारत की बात कहने वाले देश के लोगों को बहुत दिन तक भुलावे में नहीं रख सकते। जो नतीजे अा रहे हैं, उनसे इन दावों की हकीकत सामने अा गई है। सीएम भूपेश भास्कर के दफ्तर में लगभग पौने 2 घंटे रहे और न्यूजरूम के एक-एक  व्यक्ति से रूबरू हुए। इस दौरान जितने भी सवाल अाए, सब पर उन्होंने विस्तार से अपनी बात भी रखी। 

सवाल : नक्सलवाद अब भी बड़ी समस्या है। इस मामले में अापकी सरकार की नीति अब तक स्पष्ट नहीं है?
सीएम : हमारी नीति बिलकुल स्पष्ट है। नक्सलियों को संविधान को मानना होगा। हथियार छोड़ें, तभी हम बातचीत के लिए तैयार हैं। अगर नक्सली ऐसा करेंगे तो सरकार उनके पास किसी को भी बातचीत के लिए भेज सकती है। इससे पहले, हम फर्जी तरीके से जेल में बंद लोगों को छोड़ने जा रहे हैं। जिस अन्याय, असमानता और शोषण की वजह से नक्सलवाद पनपा, हम उन कारणों को खत्म कर रहे हैं। वहां के लोगों के विकास और समृद्धि के लिए काम कर रहे हैं।

सवाल : भाजपा कुछ समय पहले तक कांग्रेसमुक्त भारत की बात करती थी। अब इस पर अाप क्या सोचते हैं?

सीएम : जनता को बहुत ज्यादा दिन भुलावे में नहीं रखा जा सकता। कांग्रेसमुक्त देश का दावा करने वाले खुद ही सिमट रहे हैं। नक्शा फिर बदल गया है। राजनीति में ऐसे झूठ स्वीकार्य नहीं होते, क्योंकि प्रजातंत्र में प्रजा ही सर्वोपरि है। अगर वह किसी को अर्श पर पहुंचाती है, तो उसे फर्श पर भी गिरा देती 
है।

सवाल : गरियाबंद में हीरे के 5 किंबरलाइट पाइंट ढूंढे 25 साल हो गए। व्यावसायिक उत्खनन क्यों नहीं हुअा?

सीएम : मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। इससे प्रदेश का विकास जुड़ा है, इसलिए सरकार की पूरी नजर है। इस बारे में अदालत जो भी फैसला करेगी, हम उसे तुरंत लागू करेंगे, ताकि उत्खनन जल्द से जल्द शुरू हो। इससे हमारी अार्थिक ताकत बढ़ेगी। यही नहीं, जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क का कांसेप्ट भी तेजी से फ्लोर पर ला रहे हैं। ये सब कोशिशें इसलिए हैं ताकि प्रदेश के लोगों को रोजगार तो मिले ही, वे अार्थिक तौर पर समृद्ध भी हों। 

सवाल- छत्तीसगढ़ को किस दिशा में ले जाएंगे, ताकि दूसरे राज्यों की तुलना में बड़ा अंतर दिखने लगे? 
सीएम : हमारी सरकार के केंद्र में प्रदेश के 2 करोड़ 80 लाख लोग और उनका विकास है। योजनाएं हर व्यक्ति को ध्यान में रखकर बना रहे हैं। इसी से सर्वांगीण विकास होगा। ऐसा करके ही हम स्वास्थ्य, शिक्षा आैर रोजगार की दिशा में आगे बढ़ेंगे। हमने अपनी आैद्योगिक नीति को चार सेक्टर में बांटा है। जिस सेक्टर में काम नहीं हुआ, उस पर फोकस है। इंडस्ट्री फ्रेंडली वातावरण बनाने की कोशिश है। लेकिन सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत कृषि में है। उत्पादन बढ़ गया है, भारत सरकार के पास इसे रखने की जगह नहीं है। छत्तीसगढ़ को छोड़कर कहीं भी समर्थन मूल्य से बहुत कम में उपज बिक रही है। किसानों को पूरा दाम देना होगा, तभी वे मजबूत होंगे। हमारी कोशिश है कि अनाज की कीमत तय हो जाए, क्योंकि यही क्रांतिकारी कदम होगा। इनके अलावा पर्यटन और एयर कार्गो पर भी काम कर रहे हैं।  

सवाल: क्या हीरा खदान पर ऐसा कदम उठा सकते हैं कि छत्तीसगढ़ टैक्सफ्री राज्य हो जाए?
सीएम : हम जल्द ही रायपुर में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क शुरु करने जा रहे हैं। हीरा खदान की प्रक्रिया अभी कोर्ट में हैं। सरकार कोई देरी नहीं करेगी। कोर्ट से जो फैसला अाएगा, तेजी से लागू करेंगे। 

सवाल : कई साल की प्लानिंग के बावजूद अाईटी के क्षेत्र में प्रदेश पिछड़ा हुअा है। कोई नई योजना?
सीएम : फूड पार्क की सरकारी योजना लोगों को आकर्षित नहीं कर रही है। अब इस मामले में हमें व्यक्ति को ध्यान में रखकर काम करना होगा। देश में एयरपोर्ट, इंडियन ऑयल, बीएसएनएल अादि बिक रहे हैं। हम बड़े शहरों तक सीमित न रहकर ब्लॉक लेवल तक एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री लगाएंगे। 

सवाल: पिछली चार सरकारों ने क्या किया कि लोग आर्थिक रुप से कमजोर ही हैं। अाप क्या अलग करेंगे?
सीएम : छत्तीसगढ बना तब यहां 36 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे थे, जो बढ़कर 40 फीसदी हो गए। 19 साल में गरीबी बढ़ी है। हमारे पास पढ़े लिखे लोग भी हैं, टेक्नीकल, नान टेक्नीकल, स्कूल से ड्रापआउट, महिलाएं सभी वर्गों के लिए काम करेंगे। हर आदमी को काम मिलना चाहिए। नरवा, गरवा योजना भी इसी की एक कड़ी है। इससे गांव के हर व्यक्ति को काम मिलेगा। 

सवाल: सीएए को लागू नहीं करने के लिए बजट सत्र में काेई संकल्प पत्र लाएंगे क्या?
सीएम : सीएए की जरूरत ही क्या है। इसमें शामिल 6 बिंदु कष्टप्रद हैं। माता-पिता की जन्मतिथि आैर स्थान कोई कैसे बता सकेगा। मुझे भी अपनी मां की जन्मतिथि नहीं पता। जो वंशवृक्ष रखते हैं, वह भी पिता पक्ष का ही रहता है। ये पूरे देश को भ्रमित कर अाग लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री इस मामले में सच नहीं बोल रहे। 

सवाल: केन्द्र आैर राज्य में समन्वय के लिए क्या कर रहे हैं? अाप मोदीजी से मिलते हैं या नहीं? 
सीएम : मैं केन्द्र के मंत्रियों से लगातार मिलता हूं। केवल प्रधानमंत्री मुझे समय नहीं दे रहे हैं। कई बार पत्र लिख चुका हूं, पर पता नहीं क्यों वे समय नहीं देते। यह अनदेखी ठीक नहीं है। 

सवाल: अापकी माताजी कहती थीं कि उनका बेटा सीएम बनेगा। अब उनकी इच्छा से प्रदेश में क्या करेंगे?
सीएम : मेरी मां बहुत घरेलू आैर धार्मिक महिला थी पर कभी अपने ज्ञान का प्रदर्शन नहीं करती थी। हम लोग भी उनसे राजनीतिक चर्चा नहीं करते थे। वे हम लोगों को गांव-गोठान मजबूत करने के लिए कहती थीं।  

सवाल: खेलों के विकास की क्या योजनाएं हैं? क्योंकि इससे बच्चे नशे से खुद दूर रहते हैं। 
सीएम : खेल प्राधिकरण का गठन किया है इसके माध्यम से किस बच्चे की किसमें रुचि है उसके मुताबिक उसके लिए मैदान, डाइट आैर कोच की व्यवस्था के साथ पढ़ाई पर हम फोकस कर रहे हैं। हम उद्योगों से कहेंगे कि सभी स्टेडियमों को गोद लें। इसके बाद वे संंबधित मैदान के खिलाड़ी खुद चुनें और कोच भी खुद लाएं। 

सवाल: विधान परिषद का गठन होगा ?
सीएम : 2026 में परिसीमन होने वाला है। फिर देखते हैं क्या होगा। पहले कई मुख्यमंत्री ऐसे बोल चुके हैं मैं ऐसी कोई बात नहीं कहूंगा। इससे लोकसभा की सीटें भी बढ़ानी पड़ेंगी। 

सवाल: यहां के लोग स्पेशलिस्ट इलाज के लिए मुंबई-हैदराबाद की ओर देखते हैं। इस दिशा में कोई प्रयास?
सीएम : एेसी संस्था नहीं खोलना चाहते जो जल्द बंद हो जाए। जोगी जी ने हार्ट सेंटर शुरु किया था, पर बंद हो गया। हम हाट-बाजार क्लीनिक जैसी योजनाआें से ग्रास रूट लेवल पर लोगों को सुविधा दे रहे हैं। इसकी वजह से बस्तर में डायरिया नहीं फैला। बड़ी बीमारियों से लोगों के घर बिक जाते हैं, इसलिए हमने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 20 लाख रुपए तक की व्यवस्था की है।  

सवाल: एक साल बाद भी बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल रहा है। 
सीएम : इसके लिए सर्वे करने के बाद ही आगे काम शुरु किया जाएगा। 36 वादे में हमने 22 पूरे किए हैं। सरकार देरी नहीं करेगी। 

सवाल: हमारे राज्य की महिलाआें को ताकतवर बनाने के लिए सरकार क्या कर रही है?
सीएम : हमारे यहां महिला-पुरुष अनुपात केरल के बाद सबसे अच्छा है। बस्तर में कहते हैं कि बेटी पैदा नहीं करोगे तो मरने पर रोएगा कौन? उनके स्वालंबन और स्व-सहायता समूहों पर काम कर रहे हैं।  

सवाल- छत्तीसगढ़ के लोग मोनो या मेट्रो रेल देख सकते हैं यहां के लोग?
सीएम : बहुत जल्दी, मोनो रेल पर काम कर रहे हैं। कुछ कंपनियों से बात भी हो चुकी है। बिलासपुर, जगदलपुर जैसे स्थानों पर भी इसकी प्लानिंग है। 

सवाल: आॅटोमोबाइल, टेक्सटाइल, आईटी में छत्तीसगढ़ सबसे ज्यादा पिछड़ा है? 
सीएम : मैनें यहां के व्यापारियों से बात की है। हमारे यहां आजीविका सेंटर खुला है, जिसकी सबने तारीफ की है। बांग्लादेश इस दिशा में बड़ा सबक है, क्योंकि वहां का जीडीपी हमसे बढ़ गया है। हम चौतरफा काम कर रहे हैं। 

सवाल: स्मार्ट सिटी पर आपकी सरकार का फोकस क्या होगा? इसमें फिजूलखर्ची ज्यादा होती है। 
सीएम : लोगों से जुड़ी योजनाआें आैर लोगों की जरूरतों पर फोकस कर हम काम करेंगे। हमने फिजूलखर्ची पर रोक लगाई है। हमने फैलोशिप वालों को भी हटाए। सीएम बनते ही मैंने अपना काफिला छोटा किया था। अब अपने कार्यक्रमों में बड़े टेंट और डोम के लिए मना करता हूं। 

सवाल: प्रदेश में शराबबंदी कब आैर कैसे होगी?
सीएम :शराबबंदी जरूर होगी, लेकिन रातों रात नहीं। इसकी पूरी प्रक्रिया है। लोगों का समझना जरूरी है कि शराब से उन्हें क्या नुकसान है। एकाएक शराब बंद कर देंगे तो लोग दूसरा नशा पकड़ लेंगे। यह और घातक है। इसलिए सभी वर्गों के विश्वास में लेकर, वातावरण बनाकर यह काम करेंगे।

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