छत्तीसगढ़ / सीयू के छात्रों में मानसिक तनाव, दो साल में 1211 पीड़ित



CU students have mental stress, 1211 victims in two years
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CU students have mental stress, 1211 victims in two years

  • काउंसिलिंग कर तनाव प्रबंधन व आत्महत्या रोकथाम की दी गई ट्रेनिंग

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 07:02 AM IST

रामप्रताप सिंह | बिलासपुर . छत्तीसगढ़ की एक मात्र सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र मानसिक तनाव में आने लगे हैं। 2017 से 2019 के बीच यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र में 1211 छात्रों की जांच हुई। यानी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 17 प्रतिशत छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उनकी काउंसिलिंग की गई है। उन्हें तनाव प्रबंधन,आत्महत्या रोकथाम और जीवन कौशल प्रबंधन आदि विषयों पर छात्रों के लिए 6 विशेष प्रशिक्षण भी दिए गए हैं।  मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र के सदस्यों का दावा है कि वह अवसाद अथवा मानसिक समस्या से ग्रसित छात्र-छात्राओं के साथ परिवार की तरह व्यवहार करते हैं और गोपनीयता बनाए रखते हंै।

 

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 32 विभागों में लगभग 7 हजार छात्र अध्ययनरत हैं। यूनिवर्सिटी में एडमिशन के समय छात्रों से मेडिकल सर्टिफिकेट लिया जाता है। इस मेडिकल सर्टिफिकेट में वे फिट होते हैं तभी उन्हें एडमिशन मिलता है। पर सीयू की वेबसाइट और मीडिया सेल से मिले आंकड़े चौंकाने वाले हैं। दरअसल 2016 से यूनिवर्सिटी में मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र संचालित है जिसकी मॉनीटरिंग का जिम्मा राज्य मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय सेंदरी का है। केंद्र सुबह 10.30 से 11.30 बजे, 1 से 2 बजे और 4.30 से 5.30 बजे खुला रहता है। केंद्र के बाहर एक लेटर ड्राप बाक्स भी रखा गया है। यहां दो साल में 1211 छात्र पहुंचे। 

 

प्रशिक्षित शिक्षकों व डॉक्टरों ने इन्हें परामर्श दिया। मनोवैज्ञानिक सेल की समन्वयक डॉ.प्रतिभा जे. मिश्रा के मुताबिक छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता है। उन्हें विकल्प भी सुझाते हैं। आपातकालीन स्थितियों में संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष से भी चर्चा की जाती है। मानसिक तनाव से पीड़ित छात्रों को परामर्श और समझाइश दी जा रही है।


केंद्र तक भेजी जाती है जानकारी . मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र की मुख्य समन्वयक और मीडिया सेल प्रभारी डॉ. प्रतिभा जे. मिश्रा ने कहा कि जो छात्र मनोवैज्ञानिक केंद्र पहुंचते हैं, उनकी काउंसिलिंग की जाती है। राज्य मानसिक चिकित्सालय के डॉक्टर भी आकर चेक करते हैं। ये सभी डाटा राज्य मानसिक चिकित्सालय से रायपुर फिर केंद्र तक जाता है।

 

मेडिकल फिटनेस पर सवाल : एडमिशन के समय सीयू में छात्रों से मेडिकल प्रमाण-पत्र लिया जाता है, मेडिकल फिट होने पर ही उन्हें एडमिशन दिया जाता है। ऐसा दावा सीयू के अधिकारी कर रहे हैं लेकिन जब वे मेडिकल फिट होते हैं तो क्या यहां आकर उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ रही है? या फिर मेडिकल प्रमाण पत्र ही गड़बड़ी है।


मोबाइल के कारण तनाव ज्यादा : राज्य मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय सेंदरी के प्रभारी डॉ. बीआर नंदा ने बताया कि यह बात निकलकर आ रही है कि छात्र मोबाइल के कारण ज्यादा तनाव में रहते हैं। सीयू में मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र के लिए तीन शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। चिकित्सालय से भी डॉक्टर जाकर जांच करते हैं।  

 

19 से 23 साल के बीच के चार छात्रों ने की आत्महत्या 

  • 29 नवंबर 2016 को मनेंद्रगढ़ निवासी प्रज्ञा जायसवाल 20 वर्ष ने सीयू में आत्महत्या की थी। सुसाइड नोट में तनाव होने की बात लिखी थी। 
  • 5 अक्टूबर 2017 को कोरबा निवासी पूनम चंद्रा 23 वर्ष, बीएड छात्रा ने छेड़खानी से परेशान होकर मौत को गले लगा लिया था। 
  • 4 अप्रैल 2018 को बीएससी फर्स्ट सेकेंड सेमेस्टर का छात्र सौम्य चंद्रा पिता सोमेश चंद्रा 20 वर्ष ने फॉरेस्ट्री हॉस्टल में आत्महत्या कर ली थी। 
  • 12 दिसंबर 2018 को अंग्रेजी विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र डेविड डीविलियर्स 19 वर्ष ने रेलवे अमेरी फाटक पर आत्महत्या कर ली।
     
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