छत्तीसगढ़ / किसानों का अधिकतम 5 लाख का कर्ज और ब्याज होगा माफ



Farmers will have a loan of up to 5 lakh and interest will be waived
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Farmers will have a loan of up to 5 lakh and interest will be waived

  • मध्यम या दीर्घकालीन ऋण माफ नहीं किए जाएंगे
  • करीब 17 लाख किसानों पर 6150 करोड़ रुपए का है कर्ज 

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 12:40 AM IST

रायपुर . किसानों के कर्जमाफी योजना के तहत सहकारी बैंकों से लिए गए अधिकतम 5 लाख रुपए तक का कर्ज और उसका पूरा ब्याज माफ किया जा रहा है।  सरकार की कर्जमाफी का लाभ केवल सहकारी बैंक और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था, वृहत्ताकार प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था, कृषि सेवा सहकारी संस्था या आदिम जाति बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था से लिए गए अल्पकालीन लोन पर दिया जाएगा।

 

राज्य सरकार ने 30 नवंबर तक बकाया कर्ज माफ करने की घोषणा के साथ ही 17 लाख किसानों को 6150 करोड़ रुपए के कर्ज से मुक्त कर दिया है। जिन किसानों ने कर्ज चुका दिया था, उन्हें राशि लौटाई जा रही है। बता दें कि सहकारिता विभाग का कुल कर्ज 5200 करोड़ रुपए है।

 

सहकारिता विभाग की ओर से अल्पकालीन कृषि ऋण माफी योजना के विस्तृत प्रावधान जारी कर दिए गए हैं। यह योजना 30 नवंबर 2018 पर बकाया अल्पकालीन कर्ज के लिए लागू होगी। इसके तहत अल्पकालीन कृषि ऋण को छोड़कर बाकी किसी भी तरह का मध्यम या दीर्घकालीन ऋण माफ नहीं किया जाएगा। 

 

जारी आदेश के मुताबिक प्रदेश के सभी किसानों के ऐसे अल्पकालीन कृषि ऋण, स्थगित ऋण, मध्यम कालीन परिवर्तित ऋण और मध्यम कालीन पुनः परिवर्तित ऋण जो 30 नवंबर की स्थिति में बकाया हो, ऐसी बकाया राशि माफ की जाएगी। यही नहीं, 1 से 30 नवंबर 2018 के बीच लिंकिंग या नगद रूप में चुकाए गए ऋण की राशि भी कर्जमाफी के दायरे में आएगी। यह राशि किसानों को वापस लौटाई जाएगी।

 

इन किसानों को मिलेगा लाभ : योजना में किसानों की परिभाषा तय कर दी गई है। इसके मुताबिक ऐसे किसान जो भूस्वामी, मौरूसी कृषक, शासकीय पट्टेदार या फिर जिसके पास सेवा भूमि के स्वत्व में कृषि भूमि हो या अन्य किसी की जमीन पर खेती करता हो, इन सभी के कर्ज माफ होंगे। इसके अलावा अधिकतम 2.50 एकड़ भूमि वाले सीमांत किसानों, 2.50 एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक कृषि भूमि वाले लघु किसानों, पांच एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि वाले बड़े किसानों सहित 31 मार्च 2018 के पहले बने किसानों के स्व-सहायता समूहों और संयुक्त देयता समूहों को भी कर्जमाफी योजना में शामिल किया गया है।

 

इन्हें नहीं मिलेगा कर्जमाफी का लाभ : कारपोरेट, पार्टनरशिप फर्म या ट्रस्ट को दिए गए कृषि ऋण पर कर्जमाफी का लाभ नहीं दिया जाएगा। आरबीआई से नियंत्रित माइक्रो-फाइनेंस संस्थान द्वारा वितरित किसी भी प्रकार का ऋण, खड़ी फसल के अलावा प्लेज एवं हाईपोथिकेशन के विरुद्ध दिया गया कर्ज भी शामिल नहीं है।

 

5 लाख डिफाल्टर किसानों के कर्ज भी माफ : कृषि ऋण माफी योजना में 5 लाख एेसे किसानों को भी शामिल कर लिया है, जिन्हें डिफाल्टर की श्रेणी में रखा गया है। ये ऐसे किसान हैं, जिन्होंने कर्ज तो लिया पर लौटाया नहीं।

 

सत्यता जांचने की जिम्मेदारी बैंकों की होगी : ऋण देने वाले प्रत्येक बैंक या संस्थान किसानों की ऋण माफी की सत्यता और विश्वसनीयता के लिए जिम्मेदार होंगे। सहकारी बैंक कर्जमाफी की राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र उप पंजीयक या सहायक पंजीयक के जरिए सहकारी संस्थाओं के पंजीयक को भेजेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के मामले में यह प्रमाण पत्र संचालक संस्थागत वित्त को भेजा जाएगा।

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