भास्कर खास / पहले आम चुनाव से अब तक 18 बार सांसद फर्स्ट डिवीजन पास 1984 में 5 सांसदों ने हासिल किए थे 60 फीसदी से अधिक मत



First time since the first general elections, 18 MPs first division pass
X
First time since the first general elections, 18 MPs first division pass

  • छत्तीसगढ़ में चुनाव दर चुनाव घटता जा रहा है जीतने वाले का मत प्रतिशत

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 01:54 AM IST

राकेश पाण्डेय | रायपुर . देश में चुनाव-दर-चुनाव मतदाताओं के जागरूक होने और वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की बातें सामने आती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में जीतने वाले सांसदों का मत प्रतिशत लगातार घटता जा  रहा है। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय हुए पहले आम चुनाव के बाद से अब तक राज्य में केवल 18 बार 60 फीसदी से अधिक मत पाकर उम्मीदवार सांसद बने। इसमें इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए आम चुनाव में अब तक के सर्वाधिक 5 सांसदों को 60 फीसदी से अधिक मत मिले। हालांकि, राज्य में सर्वाधिक वोट प्रतिशत से सांसद बनाने का रिकार्ड आदिवासियों के नाम है। आजादी के बाद हुए पहले आम चुनाव में पूरे देश में कांग्रेस के पक्ष में लहर होने के बावजूद बस्तर सीट से एक निर्दलीय प्रत्याशी ने रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की। मुचाकी कोसा को इस चुनाव में 83 प्रतिशत मिले, जो प्रदेश में अब तक का रिकॉर्ड है। 


दूसरे आम चुनाव में भी इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने सुरती किस्तैया को 77 प्रतिशत मत मिले। सरगुजा (एसटी) से लरंग साय 1977 में भारतीय लोकदल के टिकट से 71.6 प्रतिशत मतों के साथ सांसद बने, जबकि 1951 में ही महासमुंद की सामान्य सीट से शिवदास डागा (कांग्रेस) को 69.6 प्रतिशत वोट मिले। इसके बाद 1984 में कांकेर (एसटी) से कांग्रेस के अरविंद नेताम को 68.35 प्रतिशत मिले थे। 

 

सामान्य सीट पर शिवदास को सर्वाधिक लीड : सामान्य सीट से चुने गए सांसदों में सर्वाधिक मतों से लीड का रिकार्ड शिवदास डागा के नाम है। 1951 के चुनाव में कांग्रेस से शिवदास ने 69.6 प्रतिशत मतों से महासमुंद में जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1971 में दुर्ग से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले चंदूलाल चंद्राकर ने 67.45 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की थी। 

 

18 में से 11 बार एससी-एसटी सांसद : 60 फीसदी मतों से सर्वाधिक 7 सांसद सामान्य सीट से चुने गए हैं। 18 में से 11 सांसद ऐसे हैं जो एसटी-एससी सीट से सांसद चुने गए हैं। एससी सीट से मिनीमाता व परसराम भारद्वाज दो-दो बार, गोदिल अनुरागी व खेलनराम जांगड़े शामिल हैं। एसटी सीट से मुचाकी कोसा, सुरती किस्तैया, पुष्पादेवी, अरविंद नेताम व लरंग साय सांसद बने।

 

60 फीसदी से अधिक मत पाने वाले सांसद
 

1951     शिवदास डागा      महासमुंद      कांग्रेस      69.6%
 
1951      डब्लूएस किरोलीकर      दुर्ग      कांग्रेस     63.5%
 
1951      मुचाकी कोसा      बस्तर (एसटी)     निर्दलीय      83.05%
 
1957      सुरती किस्तैया      बस्तर (एसटी)      कांग्रेस      77.1%
 
1967      मिनीमाता      जांजगीर(एससी)      कांग्रेस     62.2%
 
1971     मिनीमाता      जांजगीर (एससी)      कांग्रेस     61.3%
 
1971      चंदूलाल चंद्राकर      दुर्ग      कांग्रेस     67.4%
 
1971      रामसहाय पाण्डेय      राजनांदगांव      कांग्रेस     61.7%
 
1977      लरंग साय      सरगुजा (एसटी)      भा. लोकदल      71.6%
 
1977      पुरुषोत्तम कौशिक      रायपुर    भा. लोकदल     60.8%
 
1977      मदन तिवारी      राजनांदगांव      भा. लोकदल     64.7%
 
1980      गोदिल अनुरागी      बिलासपुर (एससी)      कांग्रेस आई     60.4%
 
1980      परसराम भारद्वाज      सारंगगढ़ (एससी)    कांग्रेस आई      61.1%
 
1984      खेलन राम जांगड़े      बिलासपुर (एससी)      कांग्रेस      63.2%
 
1984      पुष्पादेवी      रायगढ़ (एसटी)    कांग्रेस      62.5%
 
1984     परसराम भारद्वाज      सारंगगढ़ (एससी)    कांग्रेस      66%
 
1984      अरविंद नेताम    कांकेर (एसटी)      कांग्रेस      68.3%
 
1984      चंदूलाल चंद्राकर     दुर्ग      कांग्रेस      64.2%

 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना