वाइल्ड लाइफ / ग्रामीण के घर से रेस्क्यू कर लाए सांप को बाल्टी में रखा, सुबह रेंग रहे थे 30 बच्चे



बाल्टी में मादा सांप और उसके बच्चे। बाल्टी में मादा सांप और उसके बच्चे।
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बाल्टी में मादा सांप और उसके बच्चे।बाल्टी में मादा सांप और उसके बच्चे।

  • छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा का मामला, वन विभाग के मुताबिक बेहद खतरनाक किस्म के होते हैं यह सांप
  • वन विभाग ने बच्चों समेत मादा सांप को जंगल में ले जाकर छोड़ दिया

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 06:16 PM IST

दंतेवाड़ा. यहां एक ग्रामीण के घर से करीब साढ़े चार फीट का सांप पकड़कर वन विभाग दफ्तर ले आया। यहां उन्होंने सांप को एक बाल्टी में रख दिया। वे जब सुबह जगे और बाल्टी में देखा तो सांप के साथ छोटे-छोटे करीब 30 बच्चे रेंग रहे थे। ये बच्चे तेजी से बढ़ रहे थे। वन विभाग ने बच्चों समेत मादा सांप को जंगल में ले जाकर छोड़ दिया। 

 

बचेली रेंज के अफसर आरआर पटेल को गुरुवार की रात सूचना मिली कि आरईएस कॉलोनी में एक व्यक्ति के घर के बाड़े में सांप है। सूचना पर वन विभाग का अमला यहां पहुंचा, मशक्कत ने बाद सांप को पकड़ा। करीब 4 फीट के इस सांप को दफ्तर लेकर पहुंचे और बाल्टी में भरकर रख दिया।

 

सुबह जब इसे सुरक्षित छोड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों ने देखा तो बाल्टी से सांप के बच्चे बाहर निकलने लगे। इन्हें नेरली घाट के जंगल में वन अमले ने ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया। फारेस्ट के एसडीओ देशलहरा ने बताया कि यह महामंडल सांप है, जो कि वाइपर प्रजाति के सांप के परिवार से माना जाता है।

 

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि ये बहुत खतरनाक किस्म का सांप है। इससे टकरा जाने पर व्यक्ति का शरीर गलने लगता है। इस प्रजाति के सांप के जन्म के बाद मादा की मौत हो जाती है। ऐसा संपोलों के काटने के कारण होता है। स्थानीय ग्रामीणों का यह भी मानना है कि इस सर्प के काटने से घाव नहीं सूखता है।

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