संज्ञान / हाईकोर्ट ने कहा- 15 जुलाई तक पूरा करें बिलासपुर और रायपुर फोरलेन का काम



High Court said - Complete work of Bilaspur and Raipur Highway by July 15
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High Court said - Complete work of Bilaspur and Raipur Highway by July 15

  • पुंज एंड लॉयड को सुरक्षा निधि से राशि देने और राज्य सरकार को सीमेंट उपलब्ध करवाने के निर्देश
  • 4 साल में नहीं बन सका करीब 115 किलोमीटर फोरलेन

Dainik Bhaskar

May 18, 2019, 02:22 AM IST

बिलासपुर. बिलासपुर से रायपुर तक बन रहे फोरलेन को लेकर चल रही जनहित याचिका पर शुक्रवार को दोनों ठेका कंपनियों के साथ ही अन्य पक्षकारों की तरफ से जवाब प्रस्तुत किया गया। एक कंपनी पुंज एंड लॉयड ने आर्थिक परेशानियों का हवाला दिया है। वहीं एलएंडटी ने सिर्फ साढ़े 18 किलोमीटर काम बाकी होने की जानकारी देते हुए कहा है कि सीमेंट कमी की वजह से काम प्रभावित हो रहा है।

 

हाईकोर्ट ने राज्य शासन को पर्याप्त सीमेंट मुहैया कराने के साथ ही कंपनी को 15 जुलाई तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले पर 12 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। बिलासपुर से रायपुर तक बन रहे फोरलेन का काम हाईकोर्ट द्वारा तय की गई तारीख यानी 31 मई तक पूरा होने की उम्मीद नहीं है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक कंपनी पुंज एंड लॉयड ने जहां आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए सुरक्षा निधि से राशि उपलब्ध करवाने की मांग की है।

 

वहीं दूसरी ठेका कंपनी एलएंडटी ने सीमेंट की कमी की वजह से काम प्रभावित होने की जानकारी दी है। एलएंडटी की तरफ से बताया गया है कि हर दिन लगभग साढ़े 1800 टन सीमेंट की जरूरत पड़ती है लेकिन यह उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कंपनी को पर्याप्त सीमेंट मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं कंपनी को हर हाल में 15 जुलाई तक काम पूरा करने को कहा गया है। दूसरी ठेका कंपनी पुंज एंड लॉयड को सुरक्षा निधि में से राशि उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा गया है। बता दें कि बिलासपुर से रायपुर तक बन रहे हो फोरलेन के काम में लगातार लेटलतीफी  को लेकर रजत तिवारी व अन्य ने हाईकोर्ट में 2016 में जनहित याचिका प्रस्तुत की थी। 

 

पिछले 3 सालों में सुनवाई के दौरान समय पर  काम पूरा करने को लेकर हाईकोर्ट ने कई बार दिशा निर्देश जारी किए। मंगलवार को चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन और जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव की बेंच में सुनवाई के दौरान पुंज लॉयड और एलएंडटी ने एक बार फिर से सीमेंट नहीं मिलने की जानकारी दी थी, इस पर हाईकोर्ट ने ठेका कंपनियों  की ओर से उपस्थित अधिकारियों से पूछा था कि क्या उन्होंने अपनी समस्या को लेकर राज्य शासन को कोई आवेदन दिया है। हाईकोर्ट ने दोनों कंपनियों को आवेदन देने के निर्देश  दिए थे। वहीं एनएचएआई, राज्य शासन और दोनों ठेका कंपनियों को 2 दिन के भीतर अपनी समस्या को लेकर शपथ पत्र के साथ अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था।

 

4 साल में नहीं बना करीब 115 किलोमीटर फोरलेन
बिलासपुर से रायपुर तक फोरलेन के निर्माण के लिए 2015 में वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। तीन हिस्सों में काम के लिए ठेका दिया गया। एग्रीमेंट के मुताबिक ठेका कंपनियों को अप्रैल-मई 2018 तक काम पूरा करना था। हाईकोर्ट ने नवंबर 2017 में सुनवाई करते हुए 31 मई 2018 तक की डेडलाइन तय की थी।

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