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भास्कर एक्सक्लूसिव / हमसफर में लगने थे स्लीपर, इलाहाबाद जोन का विरोध-यहां 130 की स्पीड नहीं झेल पाएंगे ये कोच, सुविधा पर ब्रेक

In the Humsafar, there were sleepers, opposition to the Allahabad zone - these coaches will not be able to withstand the speed of 130, brakes at the facility
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In the Humsafar, there were sleepers, opposition to the Allahabad zone - these coaches will not be able to withstand the speed of 130, brakes at the facility

दैनिक भास्कर

Dec 12, 2019, 02:14 AM IST

अमनेश दुबे | रायपुर . दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए मिलने जा रही नई सुविधा यानी पूरी तक एयरकंडीशंड और सुपरफास्ट हमसफर एक्सप्रेस में स्लीपर बोगियां जोड़ने की योजना अजीब तर्क की वजह से रोकनी पड़ गई है। रेलवे ने देशभर में हमसफर में इसी माह थर्ड एसी के साथ स्लीपर जोड़ने के निर्देश दिए थे। देशभर में ऐसा हो रहा है, लेकिन रायपुर की ट्रेन के लिए इलाहाबाद जोन ने अजीब रोड़ा अटका दिया। जोन ने तर्क दिया कि स्लीपर जोड़कर ट्रेन को जैसे ही इलाहाबाद जोन में लाया जाएगा, वहां ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। हमसफर में लगाए जा रहे स्लीपर इस स्पीड को झेल नहीं पाएंगे। इसलिए इसे अनुमति नहीं दी जा सकती। जाहिर है, इस तर्क के बाद रेलवे ने सिर्फ छत्तीसगढ़ की हमसफर में स्लीपर जोड़ने की योजना रोक दी है। 


दुर्ग से रायपुर होकर निजामुद्दीन जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस उत्तर मध्य रेलवे यानी इलाहाबाद जोन के इलाके दमोह, सागर, झांसी, ग्वालियर, आगरा कैंट और मथुरा से गुजरती है। यहां ट्रेन तभी चल सकती है, जब जोन की अनुमति हो। जोन के इंकार की वजह से ही योजना रोकनी पड़ी है। गौरतलब है, हमसफर एक्सप्रेस केवल थर्ड एसी कोच के साथ चलती है। इसमें कोई श्रेणी की बोगियां नहीं हैं। ट्रेन काफी घाटे में चल रही है, इसलिए रेलवे ने देशभर में चल रही हमसफर में इसी महीने से स्लीपर कोच जोड़ने का निर्देश दिया। 

चार स्लीपर की गुंजाइश
दुर्ग-निजामुद्दीन हमसफर 18 एलएचबी कोच के साथ चल रही है। इसमें चार स्लीपर कोच जोड़ने की गुंजाइश है। एलएचबी के एक स्लीपर कोच में 72 की जगह 80 बर्थ रहती हैं। चार कोच जोड़ने से छत्तीसगढ़ से दिल्ली के लिए हफ्ते में दो बार सुपरफास्ट हमसफर में 320 अतिरिक्त बर्थ मिल जातीं। इसका लाभ इसलिए होता क्योंकि दिल्ली रूट की सारी ट्रेनें पैक चलती हैं। 

भास्कर पड़ताल : लेकिन एलएचबी कोच झेल सकते हैं 160 की स्पीड
इलाहाबाद जोन ने 130 की स्पीड को अाधार बनाकर हमसफर में कोच लगाने का विरोध कर दिया, लेकिन भास्कर टीम ने एलएचबी के स्लीपर की जांच की तो पता चला कि यह कोच 160 किमी तक की रफ्तार अासानी से झेल सकता है। इसके लिए भास्कर टीम ने बुधवार दोपहर 12.40 बजे पुरी-एलटीटी सुपरफास्ट में लगे एलएचएबी कोच का जायजा लिया। इस ट्रेन के सभी कोच एलएचबी हैं। इसके स्लीपर कोच के पिछले हिस्से में पूरी जानकारी दर्ज है। इस कोच में साफ लिखा है कि यह स्लीपर एलएचबी बोगी 160 की गति को झेलने में भी सक्षम है। कई रेलवे अफसर भी इलाहाबाद जोन के तर्क से असहमत हैं। हालांकि यह विरोध फिलहाल मौखिक ही है।

डायनेमिक फेयर भी समाप्त 
हमसफर में डायनेमिक फेयर सिस्टम की वजह से 50 फीसदी सीटें खाली चल रही हैं। अब रेलवे इस सिस्टम को हटाने जा रहा है। इसके बदले बनाया जा रहा नया सिस्टम इसी महीने के अंत तक लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को सभी बर्थ के लिए एक ही किराया देना होगा। तत्काल टिकट सिस्टम को भी सामान्य ट्रेनों जैसा कर दिया गया है।

उत्तर मध्य रेलवे ने 130 की स्पीड की वजह से सेफ्टी को अाधार बनाया है। चूंकि ट्रेन जिस जोन व मंडल क्षेत्र से गुजरती है, वहां की अनुमति के बगैर बोगियां नहीं जोड़ सकते। इसलिए हमसफर में स्लीपर कोच रोकने पड़े। - तन्मय मुखोपाध्याय, सीनियर डीसीएम रायपुर

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