छत्तीसगढ़  / इनकम टैक्स रेड का तीसरा दिन: बैकअप के लिए सीबीआई की टीम भी पहुंची; नेताओं व अफसरों ने की गैर जरूरी राजनीतिक फंडिंग

भिलाई में मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या के बंगले के बरामदे में बैठे आयकर अफसर और सीआरपीएफ जवान।
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  • मध्य प्रदेश और दिल्ली से आई है अधिकारियों की टीम, रायपुर और भिलाई में डेरा डाला
  • पिछले 48 घंटाें से रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में आयकर विभाग की कार्रवाई चल रही

दैनिक भास्कर

Feb 29, 2020, 07:04 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटे से चल रही इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई में तमाम चौंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं। जांच में सोने-चांदी और हीरों के साथ प्रॉपर्टी के दस्तावेज और करोड़ों के कैश मिलने की बात सामने आई है। इस मामले में सीबीआई ने भी दखल दे दिया है। आयकर विभाग को पूरी कार्रवाई के दौरान गैर कानूनी तरीके से राजनीतिक फंडिंग का भी अंदेशा था और शाम को इसकी पुष्टि हो गई। इसके चलते शनिवार को सीबीआई की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची है। माना जा रहा है कि टीम बैकअप के लिए यहां आई है। 

वैसे तो इनकम टैक्स की कार्रवाई प्रदेश के कई जिलों में चल रही है, लेकिन जो सबसे बड़े नाम सामने आए हैं- वह रायपुर और भिलाई के ही हैं। फिर चाहे वह रायपुर मेयर एजाज ढेबर हों, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, आईएएस अनिल टुटेजा या फिर भिलाई में आबकारी विभाग के ओएसडी एपी त्रिपाठी और अब मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया। इन सबके बीच जो खास बात सामने आ रही है, वह है गैर कानूनी तरीके से राजनीतिक फंडिंग। शुरू से माना जा रहा है कि कार्रवाई बहुत कुछ पॉलिटिकली फंडिंग को लेकर की गई है, लेकिन इसके गैर कानूनी तरीके पर लेकर उठे सवालों की पुष्टि कर दी गई है। अफसरों के मुताबिक, नौकरशाहों, अफसरों और नेताओं का कॉकस गैर जरूरी राजनतिक फंडिंग मेें रुपयों का इस्तेमाल कर रहा था।

सीबीआई को कार्रवाई से पहले हाईकोर्ट की इजाजत लेनी होगी
अब सीबीआई की टीम ने रायपुर और भिलाई का रूख किया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए 3 बार अलग-अलग फंडिंग की गई। हालांकि, सरकार पहले ही प्रदेश में सीबीआई पर प्रतिबंध लगा चुकी है। ऐसे में उनका तत्काल रूप से कोई भी कार्रवाई करना संभव नहीं है। इसके लिए हाईकोर्ट की इजाजत जरूरी है। अगर ऐसा होता है तो जल्द ही कई लोगों पर शिकंजा कस सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ही आयकर विभाग की पूरी कार्रवाई को अवैध बता चुके हैं। इसके लिए विधि सलाह लेने दिल्ली भी रवाना होने वाले हैं।

हीरों से जड़े जेवर और अलमारी भरे रुपए मिले

रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में 48 घंटे से भी ज्यादा समय से इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई जारी है। गुरुवार को 7 और शुक्रवार को 3 और प्रभावशाली लोगों पर पड़े छापों के नतीजों को लेकर रायपुर से दिल्ली तक के आयकर अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन, कई बातें उच्चस्तर से छनकर आने लगी हैं, भले ही इनकी पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। चर्चा है कि रायपुर के एक ठिकाने से आयकर अफसरों को दो अलमारी भरकर नोट मिले हैं। वहीं करोड़ों के हीरों से जड़े जेवरात, प्राॅपर्टी के दस्तावेज, विदेशी निवेश की भी जानकारी मिली है। आयकर अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है, लेकिन अभी तक कुल संपत्ति की बरामदगी को लेकर कुछ नहीं कहा है। रायपुर के एक परिसर से गुरुवार को देर रात एक डायरी भी मिल गई है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि राजनैतिक खर्च के सबूतों के साथ इसमें कई नाम हैं। इसी आधार पर शुक्रवार को सीएम की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को आयकर विभाग ने घेर लिया है।

मुख्यमंत्री की उपसचिव के बंगले को किया गया सील
मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई के सूर्या रेसिडेंसी स्थित बंगले का ताला 24 घंटे बीत जाने के बावजूद नहीं खुला। जिसके बाद बंगले के बाहर इंतजार कर रहे आयकर अधिकारियों ने उसे सील कर दिया। आयकर विभाग की टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे यहां दबिश दी थी। टीम के वहां पहुंचने से पहले ही छत्तीसगढ़ पुलिस पहुंच गई और सुरक्षा बढ़ा दी गई। हालांकि, आयकर विभाग की टीम बंगले के बरामदे तक तो पहुंच गई, लेकिन फिर दरवाजा बंद होने के कारण घुस नहीं सकी। इसके बाद अधिकारी और सीआरपीएफ जवान गद्दे मंगवाकर बरामदे में ही सो गए थे। 

कारोबारी गुरुचरण होरा के घर नोट गिनने की मशीन लाई गई

रायपुर में होटल और न्यूज चैनल कारोबारी गुरूचरण सिंह होरा के यहां इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी है। आयकर विभाग की एक टीम शाम को उनके बंगले पर नोट गिनने की मशीन लेकर गई है।

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