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छत्तीसगढ़ / 50 हजार से ज्यादा के भुगतान पर आयकर की नजर, बड़ी आय की उम्मीद, पार्टी-कलेक्टरों से ले रहे जानकारी

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 11:22 AM IST


Income tax dept notice on payment of more than 50 thousand
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Income tax dept notice on payment of more than 50 thousand

  • मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का बजट था 150 करोड़ से ज्यादा
  • 15 लाख औसत से भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों का ही खर्च 27 करोड़

भिलाई/रायपुर . विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों से लेकर राजनीतिक दलों, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय व कलेक्टरों ने टेंट, ट्रैवल्स या होटल वालों को 50 हजार से ज्यादा जो भी भुगतान किया है, उस पर आयकर विभाग की नजर है।

 

आयकर विभाग सभी से पचास हजार से ज्यादा भुगतान की जानकारी जुटा रहा है, जिससे संबंधित कारोबारियों से टीडीएस वसूल सके। आयकर विभाग को टीडीएस के रूप में करोड़ों की कमाई की उम्मीद है। पहली बार आयकर का अमला ब्लॉक लेवल पर टीडीएस की वसूली के लिए पहुंचेगा।


राज्य में विधानसभा चुनाव कराने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने 150 करोड़ से ज्यादा का बजट तय किया था। प्रत्याशियों के लिए अधिकतम खर्च की सीमा 28 लाख थी। पार्टियों के लिए खर्च की कोई सीमा नहीं थी। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने औसत 15 से 20 लाख तक खर्च किए हैं।

 

इस लिहाज से 90 सीटों पर दोनों प्रमुख पार्टियों ने 27 करोड़ से ज्यादा खर्च किए। चुनाव के दौरान प्रशासन और प्रत्याशियों ने मुख्य रूप से टेंट, होटल, बिजली, ट्रैवल्स वालों को ही बड़ा भुगतान किया है। इन सभी से टीडीएस की वसूली की जाएगी। जिन कारोबारियों ने टीडीएस नहीं काटा है, उनसे बिल के बराबर जुर्माना लिया जा सकता है।

 

32 प्रत्याशियों ने नहीं दिया खर्च का ब्योरा, नोटिस : जिले की सात सीटों से चुनाव लड़ने वाले 32 प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं देने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बीस दिनों में नोटिस का जवाब नहीं देने पर तीन साल तक किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। एकमात्र आरंग सीट के सभी 16 प्रत्याशियों ने अपने चुनाव खर्च का हिसाब किताब जमा कर दिया है।

 

सबसे ज्यादा दक्षिण क्षेत्र में 13 प्रत्याशियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। हालांकि जिन प्रत्याशियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें 20 निर्दलीय हैं। शिवसेना, अंबेडकराइट पार्टी  के दो- दो, जोगी कांग्रेस के 1 और बाकी अन्य गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत पार्टियों के प्रत्याशी हैं। बता दें कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 78 के तहत काउंटिंग के एक महीने के अंदर खर्च का हिसाब दाखिल करना होता है। 

 

किस पार्टी के कितने प्रत्याशी : निर्दलीय 22, जोगी कांग्रेस 01, शिवसेना 02, अंबेडकराइट 02, भारतीय बहुजन कांग्रेस 01, छसपा 01, आरपीआई(ए) 01, आरपीआई(आर) 01, अंजान आदमी पार्टी 01

 

राजनीतिक दलों को पहले ही चिट्‌ठी : आयकर विभाग ने राजनीतिक दलों को पहले ही चिट्‌ठी लिखी थी। राजनीतिक दलों के खर्च की सीमा तय नहीं है। बड़ी सभा, स्टार प्रचारकों के हेलिकॉप्टर से लेकर अन्य बड़े खर्च राजनीतिक दल वहन करते हैं, इसलिए वहां बड़े-बड़े भुगतान होते हैं। इसी कड़ी में कलेक्टरों को पत्र लिखने की तैयारी है, जिससे जिला स्तर पर सभी प्रत्याशियों द्वारा दी गई खर्च की जानकारी से टीडीएस का आंकलन किया जा सके।

 

कई सीटों पर जीतने वाले से ज्यादा हारे हुए प्रत्याशियों ने किया खर्च : रायपुर जिले की 7 विधानसभा सीटों में रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा ने सर्वाधिक 22.88 लाख रुपए खर्च किए। रायपुर उत्तर और अभनपुर सीट पर जीतने वाले प्रत्याशी का चुनाव खर्च हारने वाले से ज्यादा रहा, जबकि बाकी सभी सीटों पर जीतने वालों से हारने वाले कैंडिडेट ने ज्यादा खर्च किया। धरसीवां से देवजी पटेल ने 16.99 लाख रुपए तो अनिता शर्मा ने 14.14 लाख खर्च किए।

 

रायपुर ग्रामीण से सत्यनारायण शर्मा ने 20.45 लाख और नंदकुमार साहू ने उनसे 53 हजार ज्यादा खर्च किए। रायपुर उत्तर से श्रीचंद सुंदरानी ने 19.57 लाख, रायपुर पश्चिम से विकास उपाध्याय ने 15.37 लाख तो मूणत ने 16.37 लाख खर्च किए।

 

इसी तरह रायपुर दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल 15.57 लाख तो कन्हैया अग्रवाल ने 16.88 लाख खर्च किए। आरंग से शिव डहरिया ने 19.68 लाख, अभनपुर से धनेंद्र साहू ने 18.99 लाख और चंद्रशेखर साहू ने 14.18 लाख खर्च किए।

 

कहां कितने को नोटिस 
 

विधानसभा कुल प्रत्याशी हिसाब दिया नोटिस जारी हुए
धरसीवां    16     14     02
 
रायपुर ग्रामीण    22     15     07
 
रायपुर पश्चिम    37     30    07
 
रायपुर उत्तर    18     16     02
 
रायपुर दक्षिण    46     33     13
 
आरंग     16     16    00
 
अभनपुर    12     11  01

 


 

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