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छापा / नोटबंदी में ज्यादा कैश, 3 स्पंज आयरन उद्योगपतियों पर छापे



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आयकर के छापे जीके टीएमटी, रियल इस्पात और सुनील इस्पात पर

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 01:52 AM IST

रायपुर. आईटी इन्वेस्टिगेशन विंग के करीब 150 अफसरों की बड़ी टीम ने मंगलवार सुबह प्रदेश के तीन बड़े स्पंज आयरन उद्योगपतियों के राजधानी में 39 और बिलासपुर के एक ठिकाने पर छापा मारा। दिनभर की कार्रवाई में भारी मात्रा में लूज पेपर्स के साथ 18 लाख रुपए कैश मिला है। जांच गुरुवार तक चलने के आसार है।

 

एमपी और सीजी के अफसरों ने मंगलवार को सुबह 5 बजे राजधानी में जीके टीएमटी के सीए मनोज बंसल और रियल इस्पात के संचालक राजेश अग्रवाल के सिविल लाइन, बैरनबाजार और  अशोका रत्न स्थित कई ठिकानों पर धावा किया और जांच शुरू कर दी। यहां छापे में मिले कनेक्शन के बाद आयकर की टीमों ने सुनील इस्पात के संचालकों अनिल नचरानी और सुनील नचरानी के दफ्तर और वीआईपी रोड स्थित घर पर छापा मारा। 

 

जांच में सुनील इस्पात से जुड़ी तीन और कंपनियों का भी खुलासा हुआ है। इनकी भी जांच की जा रही है। इन समूहों से जुड़े दुर्ग और भिलाई के भी कारोबारियों के यहां भी जांच की जा रही है। 

यह कार्रवाई नोटबंदी के समय बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार  पर की गई है।

 

बताया गया है कि इनके द्वारा एक ही दिन में लिमिट से अधिक का कैश फ्लो किया जाता रहा है। यह कार्रवाई अभी एक -दो दिन और जारी रह सकती है। इसे दीवाली के पहले बड़ी कार्रवाई के रुप देखा जा रहा है। 

 

पॉवर और रियल एस्टेट सेक्टरों में भी निवेश :  आईटी सूत्रों के अनुसार जीके टीएमटी ग्रुप के सीए के अशोका रतन और अवंति विहार में सृष्टि प्लाजा  स्थित घर में जांच चल रही है। अब तक हुई जांच में पता चला है कि दोनों ही कारोबारियों का स्टील के साथ-साथ पावर सेक्टर और रियल एस्टेट में भी काफी निवेश है। इस संबंध में बड़े पैमाने पर लेनदेन के लूज पेपर्स मिले के अलावा डिजिटल रिकार्ड्स भी मिले हैं। इनकी भी जांच की जा रही है।

 

बैंकों से मिले ब्योरे पर पहली बड़ी कार्रवाई : सूत्रों के अनुसार नोटबंदी के दौरान जिन लोगों ने बड़ी संख्या में कैश फ्लो किया था, आयकर विभाग ने बैंकों से उन सभी की सूची सालभर पहले ही ले ली थी। इनमें राजधानी में ही सैकड़ों ऐसे लोगों से विभाग हिसाब मांग चुका है, जिन्होंने बैंकों में लिमिट से ज्यादा रकम जमा की थी। बड़े कैश फ्लो को लेकर इसे पहली कार्रवाई माना जा रहा है।

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