छत्तीसगढ़  / हॉस्टल के 18 बच्चे बीमार थे, नक्सलियों ने सड़क खोद दी, नाले में पानी कम हुआ तो ट्रैक्टर से लेकर आए

jagdalpur news 18 sick children taken to hospital in tractor after naxals damaged roads
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jagdalpur news 18 sick children taken to hospital in tractor after naxals damaged roads

  • बारिश और बाढ़ के चलते कई तरह की बीमारियों से तेलम आश्रम में रहने वाले बच्चे परेशान
  • उफनते नाले में पानी कम हुआ तो कई दिन बाद बच्चों को लेकर पहुंचे अस्पताल

दैनिक भास्कर

Aug 06, 2019, 12:48 PM IST

नकुलनार. कटेकल्याण ब्लॉक के तेलम में चलने वाले 100 सीटर आश्रम के बच्चों की परेशानी इन दिनों बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश से जहां नदी और नाले उफान पर हैं, वहीं बच्चे मौसमी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत इन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की है। आश्रम के 18 बच्चे कई दिनों से बीमार थे, लेकिन नक्सलियों के सड़क खोद देने के कारण इन्हें उपचार नहीं मिल पा रहा था। जब नाले में पानी कम हुआ तो ट्रैक्टर से बच्चों को अस्पताल भेजा गया। 

आश्रम में पानी की कमी,  एक माह से बिजली भी नहीं 

दरअसल, 10 सालों से नक्सलियों ने मार्ग को बाधित कर रखा है। कटेकल्याण - बड़ेगुडरा दोनों तरफ से तेलम तक पहुंचने वाली सड़क खुदी पड़ी है। इसके चलते तेलम आश्रम के बीमार बबलू, मोहन, कोशा, हिड़मा, राहुल, मोहन, सुरेश, हड़मा सहित 18 बच्चों का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा था। आने वाले दिनों में बच्चों की सेहत और अधिक खराब नहीं हो जाए, इसके लिए अधीक्षक ने सोमवार को भृत्य संपत, गजेंद्र और जोगाराम के साथ इन बच्चों को ट्रैक्टर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। 

इलाज के दौरान अधिकतर बच्चों में वायरल फीवर और खुजली पाई गई। आश्रम अधीक्षक बघेल ने बताया कि तेलम से कटेकल्याण तक जाने वाली सड़क नक्सलियों ने काट दी है। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। गांव में इलाज की कोई सुविधा नहीं है। तेलम नाले में पानी कम होने के बाद दूसरे रास्ते से बच्चों को इलाज के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में घायल होने के चलते वे बच्चों के साथ नहीं जा सके। 

100 सीटर के इस आश्रम को कुछ महीने पहले ग्रामीणों की मांग पर मोखपाल के जरिपारा से हटाकर तेलम में शिफ्ट किया गया था, लेकिन यहां पर कोई सुविधा बच्चों को नहीं मिल रही है। भृत्य संपत ने बताया कि आश्रम में पिछले एक महीने से बिजली नहीं है। पानी की कमी के चलते बच्चे नदी नालों के साथ खेत में भरे पानी में नहा रहे हैं। इसके चलते बच्चों की तबीयत खराब हो गई है। विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों को जानकारी देने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। 

नक्सलियों द्वारा सड़क को खोद दिए जाने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है। हालत यह है कि तमाम कोशिशों के बाद संजीवनी और महतारी एक्सप्रेस भी गांव तक नहीं पहुंच रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पहुंचविहीन इलाका होने के कारण गांव में स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी गांव में नहीं आता। इसके चलते ग्रामीणों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। 

 

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