छत्तीसगढ़ / 90 साल की उम्र में खुमान लाल साव का निधन



Khwan Lal Sav died at the age of 90
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Khwan Lal Sav died at the age of 90

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2019, 01:24 AM IST

राजनांदगांव/भिलाई . छत्तीसगढ़ी लोककला को देश में पहचान दिलाने वाले संगीत नाट्य अकादमी अवाॅर्ड से राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित खुमान लाल साव का रविवार सुबह निधन हो गया। अंतिम संस्कार सोमनी के समीप स्थित ठेकवा गांव में हुआ। साव का जीवन संगीत साधना में बीता। कला के साधक को चंदैनी गोंदा फुल गे...माटी हो ही तोर चोला, बखरी के तूमानार जैसे चर्चित गीतों के बीच अंतिम विदाई दी गई।

 

भगवान से विनती है ‘सर’ फिर कलाकार के रूप में जन्में कला क्षेत्र में जो काम बचा है, उसे वह पूरा करेंगे : तीजन बाई

 

हम दिल्ली से लौट रहे थे, सुबह 6 बजे पीए ने मुझे बताया खुमान सर नहीं रहे... मैं सकपका गई। कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैंने सोचा कहीं मैं भी तो नहीं चली जाऊंगी रे? उन्होंने लोककला के लिए बहुत काम किया, इसलिए मैं उन्हें ‘सर’ कहती हूं। वो हर बार मिलने पर मेरा उत्साह बढ़ाते थे। हम अक्सर बीएसपी के लोककला महोत्सव में मिलते रहते थे... आखिरी बार करीब 5-6 साल पहले हमारी मुलाकात हुई थी। एक कार्यक्रम में बतौर अतिथि हम मंच पर थे। अब भगवान ने उन्हें बुला लिया है। मेरी भगवान से विनती है उन्हें एक बार फिर कलाकार बनाकर ही भेजें। क्योंकि कला के क्षेत्र में जो काम बचा है, उसे वे पूरा करेंगे। एक बार हम बिलासपुर प्रस्तुति देने गए थे। तब मेरा मन मोहना ग्रुप चलता था और ‘सर’ का चंदैनी गोंदा। वहां हमने एक दूसरे की प्रस्तुति देखी। खुमान सर हमेशा संगीत में डूबे रहते थे। करीब 20-25 साल पहले ‘सर’ कलाकार मांगने एक बार हमारे घर आए थे। तब उन्होंने मुझसे मेरी बेटी और कुछ लड़कियों को अपनी पार्टी में प्रस्तुति देने के लिए कहा। मैं मना तो नहीं कर सकी, लेकिन मैंने उनसे कहा कि एक बार लड़कियों से पूछ लें। एकाध बार मेरे कलाकार उनके साथ प्रस्तुति देने गए भी थे।’’

 

 

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