अपराध / 85 लाख की आॅनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना पकड़ा गया

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 05:49 PM IST



आरोपी पुलिस हिरासत में। आरोपी पुलिस हिरासत में।
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आरोपी पुलिस हिरासत में।आरोपी पुलिस हिरासत में।
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  • आरोपी को छत्तीसगढ़ पुलिस दिल्ली से लेकर धमतरी पहुंची
  • आरोपी के पास एक स्कोडा कार, एटीएम,पैन कार्ड जब्त

धमतरी. करोड़ों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना प्रदीप प्रधान दिल्ली में पकड़ा गया। उसे लेकर शनिवार को छत्तीसगढ़ पुलिस धमतरी पहुंची। आरोपी पर 85 लाख 69 हजार 54 रुपए की ऑनलाइन ठगी का आरोप है। मामले में पांच आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस को प्रदीप प्रधान की काफी समय से तलाश थी। 

 

शहर के प्रापर्टी डीलर सुभाषचंद्र जैन ने 10 साल पहले रिलायंस कंपनी में एक बीमा पॉलिसी ली थी, जो बंद हो गई थी। इस बंद पालिसी को वापस चालू कराने बीते जनवरी महीने में उनके पास 4 अलग-अलग मोबाइल नंबर से कॉल आया। काॅल करने वाले व्यक्ति ने अपने को कंपनी का एजेंट बताकर कर पूरा जमा पैसा वापस दिलाने के नाम पर झांसे में ले लिया। उन्होंने जनवरी से सितंबर 2018 तक कुल 85 लाख 69 लाख 54 रुपए उसके बताए खातों में जमा करा दिया। इसके बाद भी उसे जमा राशि नहीं मिली। धोखाधड़ी का अहसास होने पर उसने बीते 28 सितंबर को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल धारकों के खिलाफ धारा 419, 420, 34 भादवि 66 (डी) आईटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर अपनी जांच-पड़ताल शुरू की। 31 अक्टूबर को एसपी रजनेश सिंह ने अंतर्राज्यीय आन लाइन ठगी करने वाले गिरोह का फर्दाफाश किया था। गिरोह के 5 सदस्यों को दिल्ली से पकड़कर धमतरी लाया गया। 

 

प्रदीप प्रधान को छोड़ने के मामले में फंसी दिल्ली पुलिस 

मुख्य आरोपी प्रदीप प्रधान को पकड़ने के लिए धमतरी की एक टीम दिल्ली गई थी। मामले में वो दिल्ली पुलिस की मदद ले रही थी। इसी दौरान दिल्ली के रणहौला थाने में तैनात एएसआई सुबे सिंह, हेड कांस्टेबर इंदू परमार और कांस्टेबल अजय को आरोपी प्रदीप की पत्नी नेहा से अवैध वसूली और अपरहण के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से धमतरी पुलिस पर भी उंगली उठने लगी थी। हालांकि धमतरी पुलिस का इससे कोई संबंध नहीं था। एएसपी केपी चंदेल ने बताया कि जांच में पता चला कि धमतरी पुलिस की टीम संदेह के दायरे से बाहर थी। इसके बाद टीम मुख्य आरोपी को लेकर धमतरी पहुंची। 

 

पति को दिखाने की बात पर हुआ भांडाफोड़

दिल्ली पुलिस की मदद से आरोपी प्रधान को कंझावला इलाके से गिरफ्तार किया गया।  प्रदीप प्रधान को छोड़ने के एवज में दिल्ली के तीनों पुलिस कर्मियों ने आरोपी की पत्नी से डेढ़ करोड़ की मांग की थी। एक करोड़ में सौदा तय हुआ और इसकी पहली किश्त 11 लाख रुपए नेहा ने दे भी दिए। अगली किश्त मंगलवार को देना तय हुआ। नेहा बताए गए स्थान पर अपने परिचत लोगों के साथ पहुंची और रुपए देने से पहले पति प्रधान को दिखाने के लिए कहा। इसी बात पर दोनों पक्ष में विवाद हो गया। नेहा ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी जिससे मामले का भांडाफोड़ हो गया। 

 

ये आरोपी हैं पहले से गिरफ्तार 
आशीष रंजन पिता विनोद गिरी, मूल निवासी रामपुर थाना ओवरा जिला औरंगाबाद, हाल एल164, ए विजय विहार, 02 रोहिणी दिल्ली। संजय कुमार गुप्ता पिता कृष्णानदं गुप्ता मूल निवासी नरसिहं पुर जिला शेखपुरा, बिहार, हाल पी 32, बुद्ध बिहार फेस 2 शर्मा कालोनी नई दिल्ली। ज्योजित सरकार पिता महेश चंद्र सरकार, मूल निवासी प्लेेट नंबर ई 01, प्रथम तल, ज्योत्सना अपार्टमेंट आरंडगा, आसनसोल, हाल सी 601 /1 थर्ड फ्लोर, गली नंबर 13 आदर्श नगर। शक्ति पवार पिता जिया लाल पवार निवासी एमजी 01/ 105 तीसरीं मंजिल विकासपुरी वेस्ट दिल्ली। राजीव शर्मा पिता अनुप शर्मा निवासी जी 41 महावीर बिहार कालोनी कंझावला थाना दिल्ली मूल निवास थाना बलिया बेगुसराय।

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