छत्तीसगढ़ / नक्सली घटनाओं पर विधायकों का गुस्सा फूटा, कहा- श्रद्धांजलि कब तक



MLAs angry at Naxalite incidents, said - How long is the tribute
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MLAs angry at Naxalite incidents, said - How long is the tribute

  • भीमा, बलराम व संतोष के साथ सीएम की माता को किया गया याद

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 01:28 AM IST

रायपुर . मानसून सत्र के पहले दिन सदन में विधायक भीमा मंडावी व पूर्व विधायक संतोष अग्रवाल और बलराम सिंह ठाकुर को श्रद्धांजलि दी गई। सदस्यों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता बिंदेश्वरी देवी के निधन पर भी शोक जताया। नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई। विधायक मंडावी की मौत पर सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के विधायकों ने भी चिंता और आक्रोश जाहिर किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि आखिर कब तक शहीदों को श्रद्धांजलि देते रहेंगे। नक्सल समस्या का हल निकलना चाहिए। 


स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने  सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विधायक मंडावी व दोनों पूर्व विधायकों के निधन का उल्लेख करते हुए ॉतीनों विधायकों का परिचय दिया। मुख्यमंत्री बघेल ने स्व.अग्रवाल अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे समाजसेवी और धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय थे। जनपद अध्यक्ष और विधायक के पद को उन्होंने अपने कार्यों व उपलब्धियों से सुशोभित किया। उन्होंने कहा कि भीमा मंडावी केवल आदिवासी समाज में नहीं बल्कि सभी समाजों और वर्गों के बीच काफी लोकप्रिय थे।

 

मिलनसार व्यक्तित्व के धनी मंडावी अपने क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे। उनकी खेलों में भी गहरी रूचि थी। वे स्वयं कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बलराम सिंह सहज, सरल और मिलनसार जनप्रतिनिधि थे। अपनी बात को वे बिना लाग लपेट के कहते थे। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

 

नक्सली देश के लिए चिंताजनक : संसदीय कार्यमंत्री चौबे, विधायक बृजमोहन अग्रवाल और धर्मजीत सिंह ने नक्सल घटनाओं पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि हम कब तक श्रद्धांजलि देते रहेंगे। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि नक्सल घटनाएं छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए चिंताजनक हैं। धर्मजीत ने कहा कि नक्सलियों का बारूद भेद नहीं करता। जिस बारूद ने कांग्रेस के नेता कर्मा को मारा, उसी बारूद ने भाजपा विधायक की भी हत्या कर दी। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी सहित अन्य सदस्यों ने भी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।

 

भावुक हो गईं रश्मि सिंह : तखतपुर विधायक रश्मि सिंह अपने ससुर स्व. सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वे अपने ससुर की राजनीतिक विरासत को संभाल रहे हैं। उन्होंने जो सम्मान हासिल किया, उसे बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है।


कर्मा से की मंडावी की तुलना : पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन ने भीमा मंडावी की तुलना पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा से की। उन्होंने कहा कि दोनों ही दुस्साहसी थे। नक्सलवाद के खिलाफ कर्मा ने जिस तरह लड़ाई शुरू की, उसे मंडावी भी निडर होकर आगे बढ़ा रहे थे।
 

 

बिजली की ज्यादा मांग होने पर छह घंटे सिंचाई पंपों को सप्लाई नहीं : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में पूर्व सीएम  डॉ. रमन सिंह के लिखित सवाल के जवाब में बताया कि राज्य में बिजली की घोषित रूप से कटौती नहीं की जा रही है। रमन सिंह ने लिखित सवाल किया था कि क्या बिजली विभाग ने कटौती के लिए को निश्चित अवधि निर्धारित की है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि कटौती नहीं की जा रही है, लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य में बिजली की मांग व उपलब्धता में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होने पर ग्रिड संतुलन को बनाए रखने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्र को छोड़कर राज्य के शेष हिस्से में 33 केवी फीडरों में बिजली सप्लाई को रेग्युलेट किया जाता है। इसके अलावा हर दिन बिजली की अधिकतम मांग की अवधि में ऐसे 11 केवी के फीडर, जिनसे केवल सिंचाई पंपों में बिजली की सप्लाई की जाती है, में शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक पंप पर बिजली की सप्लाई बंद कर मांग और उपलब्धता में संतुलन रखा जाता है।

 

छह अफसरों के खिलाफ जांच : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि लोक आयोग ने राज्य के चार आईएएस, एक आईपीएस और एक आईएफएस के खिलाफ जांच की अनुशंसा की है। इन अधिकारियों में खादी एवं ग्रामोद्योग के तत्कालीन प्रबंध संचालक एनएस मंडावी, तकनीकी शिक्षा विभाग की तत्कालीन प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले, तकनीकी शिक्षा विभाग के आयुक्त एसएस बजाज, ईओडब्ल्यू के तत्कालीन एडीजी मुकेश गुप्ता, बस्तर विश्वविद्यालय के तत्कालीन कार्यकारी कुलसचिव हीरालाल नायक और पाठ्य पुस्तक निगम के तत्कालीन प्रबंध संचालक जे. मिंज शामिल हैं। विधायक अरूण वोरा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

 

नवा रायपुर बसाने 4123 करोड़ कर्ज : आवास मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि पिछले दस साल में अटल नगर विकास प्राधिकरण ने बैंकों से 4123.89 करोड़ रुपए कर्ज लिए हैं। विधायक अजीत जोगी के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, हुडको, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र से कर्ज लिए हैं। 2009-10 में 119.59 करोड़, 2010-11 में 240.64 करोड़, 2011-12 में 212.58 करोड़, 2012-13 में 302 करोड़, 2013-14 में 400.5 करोड़, 2014-15 में 541.2 करोड़, 2015-16 में 1015.58 करोड़, 2016-17 में 514.9 करोड़, 2017-18 में 526.6 करोड़ और 2018-19 में 249.8 करोड़ का प्राधिकरण ने कर्ज लिया है।

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