छत्तीसगढ़  / नक्सलियों ने अपहृत युवक की हत्या कर शव फेंका; पर्चे में लिखा- पुलिस का मुखबिर होने से उनके दो साथी मारे गए

दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की युवक की हत्या। शव के पास विलाप करते परिजन। दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की युवक की हत्या। शव के पास विलाप करते परिजन।
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दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की युवक की हत्या। शव के पास विलाप करते परिजन।दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की युवक की हत्या। शव के पास विलाप करते परिजन।

  • मरने वाले युवक का बड़ा भाई नक्सली था, कुछ दिनों पहले सरेंडर कर चुका था
  • कुआंकोडा क्षेत्र के दुआलीकरका गांव की घटना, देर शाम स्कूल के पास से उठा ले गए थे नक्सली
  • रात को स्कूल से 500 मीटर दूर सड़क पर मिला शव, पेट और हाथ में चाकू मारे, गले में रस्सी बंधी थी

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2020, 04:18 PM IST

दंतेवाड़ा (नकुलनार). छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सोमवार रात नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में एक युवक की हत्या कर दी। जिस युवक की हत्या की गई है, उसका बड़ा भाई नक्सली था और कुछ समय पहले ही उसने सरेंडर किया था। युवक के शव के गले में रस्सी बंधी थी और उसके हाथ और पेट में चाकू से वार किया गया था। घटना की सूचना पुलिस को मंगलवार सुबह मिली। घटना कुआंकोंडा थाना क्षेत्र के धुर नक्सल प्रभावित गांव दुआलीकरका की है। 

नक्सलियों ने शव के साथ पर्चा फेंका, बताया हत्या करने का कारण

  1. कुआंकोंडा थाना क्षेत्र के दुआलीकरका गांव निवासी लक्ष्मण (27) का नक्सलियों ने सोमवार देर शाम करीब 7 बजे प्राथमिक स्कूल के पास से अपहरण कर लिया था। इसके बाद रात को उसकी हत्या कर शव स्कूल से 500 मीटर दूर सड़क पर फेंक दिया। नक्सलियों ने एक पर्चा भी फेंका है। इसमें आरोप लगाया है कि लक्ष्मण की मुखबिरी के चलते 8 माह पहले हुई मुठभेड़ में पुलिस जवानों ने दो नक्सलियों काे मार दिया था। मारे गए नक्सली वर्गीस और लिंगा दोनों नक्सलियों के बड़े नेता थे।

  2. गांव में मोबाइल रखना और इस्तेमाल करना है प्रतिबंधित

    नक्सलियों ने दुआलीकरका गांव में दो साल के दौरान पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर ये तीसरी हत्या की है। इस गांव में नक्सलियों ने ग्रामीणों के मोबाइल रखने और उसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा रखा है। करीब चार माह पहले नक्सली यहां से लोगों के करीब 250 मोबाइल छीनकर ले गए थे। इसके बाद से कोई डर के कारण मोबाइल नहीं रखता है। हालांकि बताया जा रहा है कि लक्ष्मण मोबाइल रखता था। इसके चलते नक्सलियों को उस पर और भी मुखबिरी का शक था। लक्ष्मण के नक्सली भाई बामन ने सरेंडर कर दिया था। 

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