रायपुर / एनआईए का झीरमकांड की फाइल देने से इनकार, कहा- पूरी हो चुकी जांच



nia refuse to give Jhiram case file
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nia refuse to give Jhiram case file

  • प्रदेश सरकार को झटका, एसआईटी से दोबारा कराना चाहती है जांच
  • भूपेश बोले-हमारा शक और गहरा हुआ, सरकार अब कोर्ट जाएगी

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 04:18 AM IST

रायपुर. नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने झीरम घाटी की फाइल देने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय से जारी  चिट्ठी में कहा गया कि केस की सभी पहुलओं पर जांच कर ली गई है। ऐसे में अब दोबारा जांच के लिए फाइल देना उचित नहीं है। एनआईए के इनकार से झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या का राजनीतिक षडयंत्र उजागर करने के प्रयासों को झटका लगा है। झीरम कांड से जुड़े एक-एक गवाह के नाम और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एनआईए के पास हैं। ऐसी दशा में एसआईटी के माध्यम से नए सिरे से जांच कराने के लिए दोबारा सभी के बयान लेने होंगे।

 

एनआईए की ओर से कहा गया है कि घटना में शामिल 30 आरोपियों के बयान लिए जा चुके हैं। इसके अलावा 91 गवाहों के सुरक्षा घेरे में बयान लिए गए हैं। इसके बाद ही चालान पेश किया गया है। इतनी लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरने के कारण अब नए सिरे से जांच के लिए राज्य को चालान सौंपना उचित नहीं है। गृह विभाग के अवर सचिव धर्मेंद्र कुमार की ओर से चिट्ठी जारी की गई है। मंगलवार शाम को चिट्ठी पहुंचने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में हलचल शुरू हो गई। एसआईटी के लिए इसे तगड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें नए सिरे से एक-एक का बयान लेना होगा। आरोपियों के बयान लेने के लिए भी अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।  

 

एनआईए चीफ मोदी दो दिन के लिए रायपुर पहुंचे
एनआईए के चीफ वायसी मोदी दो दिन के दौरे पर मंगलवार शाम रायपुर पहुंचे।  वे यहां एनआईए के अफसरों की मीटिंग लेंगे। खबर है कि वे नक्सलियों की वसूली के संबंध में दर्ज एक मामले की जांच करने आए हैं। हालांकि इस दौरान अफसर उनसे झीरम कांड की जांच को लेकर चर्चा कर उनसे फाइल भेजने का आग्रह करेंगे।

 

आईजी के नेतृत्व में बनाई गई है एसआईटी
राज्य सरकार ने झीरम हमले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। बस्तर आईजी विवेकानंद को एसआईटी का मुखिया बनाया गया है। एसआईटी के अफसर कई बार एनआईए पर झीरम  की केस डायरी न देने के आरोप लगा चुके हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कई बार यह कहते हुए एनआईए को निशाने पर ले चुके हैं कि जांच के लिए वह केस डायरी नहीं दे रही। डायरी के लिए  डीआईजी सुंदरराज को दिल्ली भेजा गया था। लेकिन, वे भी खाली हाथ लौट आए।

 

कौन हैं मोदी : एनआईए चीफ मोदी 84 बैच के असम कैडर के आईपीएस हैं। एनआईए चीफ बुधवार को राज्य के वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद दोपहर में वे दिल्ली लौट जाएंगे।

 

भूपेश बोले-हमारा शक और गहरा हुआ, सरकार अब कोर्ट जाएगी
एनआईए के इनकार के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले कि झीरम हत्याकांड एक गंभीर साजिश का परिणाम है। एनआईए के फैसले से हमारा शक और गहरा हो गया है। उन्होंने कहा कि झीरम कांड की जांच में केंद्र सरकार से सहयोग नहीं मिल रहा है। हमने इस केस की जांच करने एसआईटी का गठन किया है। अब राज्य सरकार इस मामले में कोर्ट जाएगी।

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