छत्तीसगढ़ / पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज नहीं हुआ दूसरे दिन भी रोड पर शव रखकर चक्काजाम



No case of murder on policemen
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No case of murder on policemen

Dainik Bhaskar

Jul 24, 2019, 01:22 AM IST

अंबिकापुर/बिश्रामपुर . चोरी के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए भटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम अघिना निवासी  पंकज कुमार बेक की अंबिकापुर में पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में विवाद नहीं थम रहा है। सोमवार को अंबिकापुर में चक्काजाम व प्रदर्शन के बाद मंगलवार को भी पूरा गांव बतरा-भैयाथान सड़क पर उतर गया।  मामले में परिजन व ग्रामीण सड़क पर  शव रखकर पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने सहित 50 लाख रुपए मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग कर रहे थे।

 

विरोध-प्रदर्शन व नारेबाजी के कारण सुबह से  दोपहर एक बजे तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। किसी अप्रिय घटना से निपटने प्रशासन व पुलिस की तरफ से पूरे गांव में बड़ी संख्या में फोर्स लगाया गया था। इसके साथ सरगुजा सहित सूरजपुर व बलरामपुर जिले के एसपी भटगांव में डटे रहे। परिजन व ग्रामीण मांग पूरी हुए बिना शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं थे।  मृतक की एक छह माह की बेटी व एक आठ साल का बेटा है। वह परिवार का इकलौता सदस्य था। मामले को लेकर स्थानीय विधायक पारस नाथ राजवाड़े भी गांव पहुंचे। विधायक व अफसरों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। कराने व इसके तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा परिजन को 20 हजार रुपए सहायता राशि दी गई। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और अंतिम संस्कार किया गया।

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री साय बोले- पुलिस हिरासत में हुई हत्या : अंबिकापुर में एक दिन पहले पुलिस हिरासत में मनोज बेक की मौत के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कहा कि युवक की हत्या हुई है। उसके शरीर पर कई जगह चोट के गंभीर निशान मिले हैं और ऐसी स्थिति में वह भागकर फांसी कैसे लगा सकता है? साय ने युवक की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।


 मंगलवार को अंबिकापुर दौरे पर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री साय सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में मनोज बेक की मौत पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस खुद को बचाने के लिए आत्महत्या बता रही है। जबकि युवक के शरीर में चोट के गंभीर निशान मिले हैं। पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद उसे बुरी तरह से प्रताड़ित किया है। कहा साइबर सेल में जहां उसे रखा गया था वहां तीन टाॅयलेट हैं और पुलिस बता रही है कि युवक शौच के लिए बाहर निकला था और वहीं से  भाग गया। साय ने मामले में राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस पर भूपेश सरकार का नियंत्रण नहीं रहा गया है। प्रेेस कांफ्रेंस के बाद पूर्व मंत्री साय भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र सवन्नी सहित पार्टी नेताओं के साथ युवक के परिजन से मिलने गांव रवाना हुए। उनके साथ जिला भाजपा अध्यक्ष अखिलेश सोनी, भी थे साय ने कहा कि परिवार से मिलने के बाद वे आईजी से मुलाकात कर युवक की मौत और अब तक की पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेंगे।

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