रायपुर / कोरोनावायरस के डर से मकान मालिक ने नर्स को घर से निकाला, तीन दिन पहले थाली बजाकर शुक्रिया कहा था

सामाजिक कार्यकर्ता मकान मालिक को समझाते रहे मगर अपने परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर वह नहीं माना। सामाजिक कार्यकर्ता मकान मालिक को समझाते रहे मगर अपने परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर वह नहीं माना।
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सामाजिक कार्यकर्ता मकान मालिक को समझाते रहे मगर अपने परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर वह नहीं माना।सामाजिक कार्यकर्ता मकान मालिक को समझाते रहे मगर अपने परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर वह नहीं माना।

  • जिले के कलेक्टर से मिले नर्सिंग स्टाफ, प्रशासन ने गंभीरता से लिया मामला कार्रवाई तय
  • सामाजिक संगठनों ने एक अन्य ऐसे ही मामले में मकान मालिक को देर तक समझाया तब दोबारा कमरा दिया

दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 07:49 PM IST

रायपुर. शहर में कोरोना के दो पॉजिटिव केस मिलने के बाद अब लोगों में डर है। डर का असर ये है कि मेडिकल सर्विस से जुड़े लोगों को तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। शहर में एक शख्स ने कोरोनावायरस न फैले यह सोचकर किराए पर रहने वाली नर्स को मकान खाली करने को कह दिया। मिन्नतें करने पर भी वह नहीं माना। अपने परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर युवती को मकान खाली करने को कह दिया। तीन दिन पहले जनता कर्फ्यू के दौरान इस परिवार ने भी ताली और थाली बजाकर कोरोनावायरस से लड़ रहे एमरजेंसी सर्विस के लोगों का धन्यवाद किया था। मकान खाली करवाने की घटना की जानकारी जिला प्रशासन के पास पहुंची। अब मामले में पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
 

प्राइवेट असप्ताल में काम करती है नर्स
मूलत: धमतरी की रहने वाली 23 साल की युवती रायपुरा के एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ है। वह पिछले 6 महीने से रायपुरा निवासी पंकज चंद्राकर के घर पर किराए से रह रही थी। उन्होंने युवती से कहा कि वह घर से निकलना बंद कर दे। या फिर मकान छोड़ दे। युवती परेशान हो गई। अपने साथ काम करने वाली नर्स से संपर्क किया मकान मालिक से विवाद होने की वजह से आखिरकार उसे मकान छोड़ना पड़ा अब वह दूसरे मकान में शिफ्ट हो गई है। 


एक और नर्स के साथ ऐसा ही हुआ सफाईकर्मी से भी बदसलूकी 
खम्हारडीह इलाके में 22 साल की एक युवती के साथ भी ऐसा ही हुआ। वह मोवा के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ है। मकान मालिक ने कोरोना के खतरे को देखते हुए युवती को घर से निकलने पर मना कर दिया और मकान छोड़ने की शर्त रख दी। युवती ने बताया कि वह इमरजेंसी सेवा से जुड़ी हुई है। उसका अस्पताल जाना जरूरी है। युवती ने कुछ सामाजिक संगठन और स्टाफ को कॉल किया। सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और मकान मालिक को समझाया। फिर वे नर्स को मकान में रखने के लिए राजी हुए। आमापारा की एक सफाईकर्मी को भी मकानमालिक ने घर छोड़ने को कह दिया, हालांकि अब तक सफाईकर्मी ने मकान खाली नहीं किया है।

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