छत्तीसगढ़ / कोलकाता की घटना के विरोध में भाजपाइयों का शांति मार्च, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह भी हुए शामिल



हाथों में पोस्टर लेकर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन करते रमन सिंह और सरोज पांडेय के साथ भाजपा नेता। हाथों में पोस्टर लेकर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन करते रमन सिंह और सरोज पांडेय के साथ भाजपा नेता।
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हाथों में पोस्टर लेकर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन करते रमन सिंह और सरोज पांडेय के साथ भाजपा नेता।हाथों में पोस्टर लेकर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन करते रमन सिंह और सरोज पांडेय के साथ भाजपा नेता।

  • शांति मार्च को कांग्रेस ने नई नौटंकी बताया

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 05:39 AM IST

रायपुर. कोलकाता में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुए कथित हमले के विरोध में देशव्यापी फैसले के तहत भाजपाइयों ने बुधवार को राजधानी में शांति मार्च निकाला। भाजपाई एकात्म परिसर से टॉउनहाल गांधी प्रतिमा तक निकले। उन्होंने विरोध स्वरूप मुंह पर काली पट्टी बंधी थी। रायपुर कलेक्टर को मुख्य चुनाव आयोग के नाम ज्ञापन सौंपकर अंतिम चरण चुनाव तक प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

 

इसका नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय  ने किया। शांति मार्च में पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी व देवजी पटेल, सच्चिदानंद उपासने, राजीव अग्रवाल, केदारनाथ गुप्ता, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, संजय श्रीवास्तव, मोहन एंटी, अंजय शुक्ला, अमरजीत सिंह छाबड़ा, अमित मैशेरी, अशोक पांडेय, बजरंग खंडेलवाल अादि शामिल थे। देर रात पता चला कि कोलकाता गए प्रदेश के भाजपाइयों को छापेमारी के बाद लौटना पड़ रहा है।

 

किस नैतिकता से शांति मार्च निकाल रहे भाजपाई : कांग्रेस

इस शांति मार्च को कांग्रेस ने नई नौटंकी बताया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एक क्षेत्रीय दल के साथ विवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ और देश के अन्य राज्यों में शांति मार्च निकाल कर भाजपा झूठी संवेदना बटोरने का असफल प्रयास कर रही है। जिस दल पर देश में सर्वाधिक दंगे करवाने के आरोप लगते रहे हों, जिनके राज में देश की गंगा जमुनी संस्कृति पर लगातार प्रहार होते रहा हो, उस दल के लोग कौन सी नैतिकता से शांति मार्च निकाल रहे हैं? 
 

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