मंडे पॉजिटिव / जयपुर में हाथों हाथ बिका जशपुर का अचार चार हजार महिलाओं की मेहनत रंग ला रही



Pickles of Jashpur hand in hand in Jaipur
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Pickles of Jashpur hand in hand in Jaipur

  • बेटी होने पर हो अभिमान इस उद्देश्य से सहकारी समिति के माध्यम से चल रहा काम

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 01:22 AM IST

आशीष मिश्रा, जशपुरनगर . बेटी होने पर हो अभिमान उद्देश्य से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने जिले में बेहतर तरीके से काम हो रहा है। बेटी बहुउद्देशीय सहकारी समिति ने इस अभियान में बहुत कम समय में ही 4000 से अधिक महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़ दिया है।

 

जिले के सभी आठ विकासखंडों में इस समिति के माध्यम से महिलाओं का समूह काम कर रहा है। हैंडमेक में प्रोडक्ट में कैमिकल का इस्तेमाल नहीं होता इसलिए इनके बनाए प्रोडक्ट की डिमांड हर कही है। जशपुर के पुष्कर मेले  में इनके बनाए आचार हाथों-हाथ बिक गए। 


अगस्त 2018 में इस सहकारी समिति ने काम शुरू किया और अब तक जिले भर में 400 महिला समूहों को जोड़ चुकी है। हर एक समूह से औसतन 10 महिलाएं काम कर रही है।  समिति की अध्यक्ष विजय विहार पैलेस की बहू डॉ. हीना सिंह जूदेव हैं, जिनके मार्गदर्शन में समूह की महिलाएं सहकारी संस्था से जुड़कर अचार बनाने, बड़ी, पापड़, चिप्स, नमकीन आदि बना रही हैं। सहकारी समिति की उपाध्यक्ष रूबी शर्मा ने बताया कि उन्होंने समिति में महिला समूहों को जोड़ने का काम किया है। पूर्व में विभिन्न उद्देश्यों से जिले भर में महिला समूहों का गठन किया गया था। 


समूह की इन महिलाओं के पास वर्तमान में कुछ विशेष काम नहीं था। इन समूहों को सहकारी समिति में जोड़कर इन्हें गृह उद्योग से जोड़ा।  अब यही महिलाएं अपने गांव घर में बैठकर अचार, पापड़, बड़ी, चिप्स जैसे खाद्य पदार्थ का निर्माण कर रही हैं।


अभी घर का खर्च निकल रहा, आगे और बढ़ेगी कमाई : सहकारी समिति से जुड़ी सविता मिश्रा व मंजू श्रीवास ने बताया कि गृह उद्योग से महिलाओं को अभी जोड़ा गया है। कई महिलाएं जिन्होंने खाद्य पदार्थ तैयार कर समिति के पास भेजा है उन्हें महीने भर का घर खर्च निकालने जितना पैसा मिल गया है। हमारा उद्देश्य है कि उत्पादन बढ़ाकर महिलाएं अधिक से अधिक कमाई करें।

 

ट्रेनिंग देकर बनाया योग्य :  महिलाओं को पहले ट्रेनिंग देकर योग्य बनाया गया। अब अधिकांश महिलाएं अचार बनाने का काम कर रही हैं। इसके लिए सामान सहकारी समिति ही देती है। महिलाएं सिर्फ उसे तैयार करती हैं। इसके एवज में उन्हें हर प्रॉडक्ट की एमआरपी का 15 से 20 प्रतिशत भुगतान किया जाता है। समिति के संचालक मंडल में सविता मिश्रा, मंजू श्रीवास, प्रतिभा कश्यप, निद्रावती चौहान, अनुपमा नंदे, डॉ हेमंती यादव, सुमिता सिंह, डॉ. अनुपमा सिंह और सुखमनी चंद्राकर शामिल हैं। 

 

महिलाओं को मिला  है बेहतर प्लेटफार्म  

 

घरेलू महिलाओं को एक बेहतर प्लेटफार्म सहकारी समिति के माध्यम से दिया जा रहा है, ताकि महिलाएं घर बैठे रोजगार से जुड़ सकें और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें। जशपुर की बेटियों को बेटी होने पर अभिमान हो इस लक्ष्य को लेकर काम किया जा रहा है।  - डॉ हीना सिंह जूदेव, अध्यक्ष, बेटी बहुउद्देशीय सहकारी समिति।

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