रायपुर / पुलिस में आउट ऑफ टर्न प्रमोशन घोटाला, निलंबित एडीजी गुप्ता के करीबी सिपाही बने थे अफसर, वापस फिर बनाए गए सिपाही



Police out of turn promotion scam
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Police out of turn promotion scam

  • पांच अफसरों और प्रधान आरक्षकों का डिमोशन, जांच में कोई भी योग्य नहीं पाए जाने पर कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 07:36 AM IST

रायपुर. पुलिस मुख्यालय में 2010 से 15 के बीच हुआ आउट ऑफ टर्न का घोटाला फूटने के बाद निलंबित एडीजी मुकेश गुप्ता के करीबी पांच अफसरों और हवलदारों का डिमोशन कर दिया गया है। इनमें एक सब इंस्पेक्टर और एक सहायक उपनिरीक्षक के अलावा तीन हवलदार हैं। उनका आउट ऑफ टर्न प्रमोशन गलत पाया गया। सहायक उपनिरीक्षक को तो सीधे सिपाही बना दिया गया है। उसे प्रमोशन दिए गए थे। दोनों गलत पाए गए। अभी एक दर्जन से ज्यादा आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की जांच चल रही है। अभी जितने भी पुलिस वालों का आउट आॅफ टर्न प्रमोशन गलत पाया गया।

 

पुलिस अफसरों के अनुसार 2010 से 2015 के बीच निलंबित डीजी गुप्ता पुलिस मुख्यालय में बेहद प्रभावशाली थे। आईजी और एडीजी रहते हुए भी उनका प्रभाव इतना ज्यादा था कि उन्होंने अपने करीबी सिपाहियों को अफसर बनवा दिया। राज्य में सत्ता बदलने के बाद जब हालात बदले तभी से आउट ऑफ टर्न प्रमोशन को लेकर चर्चा शुरू हाे गई थी। भास्कर ने इस बारे में खुलासा किया था कि कुछ अफसरों और जवानों को गलत तरीके से प्रमोशन दिया गया है। उसी के बाद डीजीपी डीएम अवस्थी ने जनवरी 2010 से दिसंबर 2015 के बीच हुए आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की जांच के निर्देश दिए। प्रमोशन पाने वाले पुलिस अफसरों और जवानों के दस्तावेजों का परीक्षण करनने के लिए समिति गठित की गई। उसी समिति की रिपोर्ट के बाद डीजीपी ने सब इंस्पेक्टर अम्बरीश शर्मा का प्रमोशन रद्द करते हुए सहायक उप निरीक्षक के पद पर डिमोशन किया। सिपाही से प्रमोशन पाकर सहायक उप निरीक्षक बनने वाले अतुलेश राय को आरक्षक बना दिया गया है। गणपत राव को सहायक उपनिरीक्षक पद पर दी पदोन्नित रद्दी की गई है। इनके अलावा अवधेश यादव, नव आरक्षक रंजीत कुमार और राकेश जाट को भी दी गई प्रधान आरक्षक पद की पदोन्नति निरस्त कर दी गई है। 

 

ईओडब्लू में पोस्टिंग के दौरान स्पेशल 26 के नाम से चर्चित
पुलिस मुख्यालय ने जिनका प्रमोशन रद्द किया है, उनमें तीन पुलिस कर्मी ईओडब्लू पदस्थ थे। निलंबित एडीजी गुप्ता उन्हें भी अपने साथ प्रतिनियुक्ति पर ले गए थे। वहां पदस्थापना के दौरान वे स्पेशल 26 के नाम से चर्चित टीम के खास सदस्य थे।

 

बड़े केस सुलझाने में भूमिका नहीं फिर भी शामिल कर दिया नाम
पुलिस मुख्यालय की जांच समिति ने पाया कि सब इंस्पेक्टर अंबरीश शर्मा और एएसआई अतुलेश राय ने किसी भी बड़े केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा नहीं की। इसके बावजूद उन्हें उसमें शामिल कर दिया गया। उन्हें सिमी स्कैंडल में आउट ऑफ टर्न दिया गया था, लेकिन इसमें उनकी कोई भूमिा नहीं निकली। इस वजह से उनका प्रमोशन रद्द करने की सिफारिश कर दी गई। नव आरक्षक रंजीत कुमार ने आरक्षक का बुनियादी प्रशिक्षण ही प्राप्त नहीं किया। उसके बावजूद उसे प्रमोशन दे दिया गया था। एएसआई गणपत राय और प्रधान आरक्षक राकेश जाट को भी क्यों और किस उपलब्धि के लिए प्रमोशन दिया गया, इसका कोई दस्तावेज नहीं मिला। संबंधित भी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। 

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